कन्या भ्रूण हत्या पर कानून | Female Foeticide In India

Female Foeticide In India प्रसूति पूर्व अथवा पश्चात अनुवांशिक विकारों, भ्रूण के शरीर की विषमताओं का पता लगाने के लिए प्रसूति पूर्व परिक्षण तकनीक के नियमन हेतु तथा इस तकनीक के दुरूपयोग को रोकने, लिंग का पता कर कन्या भ्रूण हत्या को रोकने इत्यादि के प्रयोजन हेतु सरकार ने एक कानून बनाया है. जिसे गर्भधारण पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 कहते है.

कन्या भ्रूण हत्या पर कानून | Female Foeticide In India

इस कानून में गर्भ में लिंग जांच करना दंडनीय है किसी भी व्यक्ति द्वारा शब्दों, इशारों या अन्य तरीके से गर्भ का लिंग बताना दंडनीय है. कोई भी व्यक्ति जो गर्भ की लिंग जांच या चयन के लिए इन तकनीको की सहायता लेता है. इस कानून से दंडित हो सकता है. अगर किसी औरत को जांच के लिए मजबूर किया गया है तो उसे सजा नही दी जाएगी.

लिंग की जांच की सजा है 3 साल तक की जेल और दस हजार रूपये तक का जुर्माना. दोबारा अपराध करने पर सजा पांच साल की जेल तथा 50 हजार रूपये तक जुरमाना हो सकता है.

कोई भी डॉक्टर या तकनिकी सहायक जो ऐसी गैर क़ानूनी जांच करता है उसे 3 साल तक की जेल और 50 हजार रूपये का जुर्माना हो सकता है. लिंग जांच या लिंग चयन के लिए किसी प्रकार का इश्तिहार दंडनीय है ऐसा करने वाले को 3 साल तक की जेल और दस हजार रूपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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