Fish Farming Guide In Hindi | जानिए मछली पालन कैसे शुरू करें

Machli Palan kaise kare/ Fish Farming Guide In Hindi:- मछली पालन (Fisheries) एक अहम व्यवसाय हैं, जिन्हें उपलब्ध अनुकूल परिस्थतियाँ होने पर Fish Farming Guide से आप शुरू कर सकते है. बहुत से कम लोग इस विषय पर जानते है, जबकि अर्थव्यवस्था में मछली पालन की महत्वपूर्ण होती हैं. तालाब व समुद्र इन दोनों स्थानों पर मछली पालन व पकड़ने का कार्य शुरू कर अच्छा कारोबार कर सकते हैं. machli palan lesson में हम आज Fish Farming Guide के बारे में आपको इस व्यवसाय से जुड़े कुछ टिप्स व बेसिक जानकारी देंगे.

Fish Farming Guide In Hindi | मछली पालन कैसे शुरू करेंFish Farming Guide In Hindi | जानिए मछली पालन कैसे शुरू करें

मत्स्य पालन (Fishery)-मछली मानव पोषण का अच्छा स्रोत होने के कारण आज एक व्यवसाय के रूप में स्थापित हो चुका हैं. मछली को प्रमुख रूप से खाद्य पदार्थ के रूप में उपयोग किया जाता हैं.

परन्तु विटामिन युक्त तेल, प्रोटीन, वसा, फिन, त्वचा, शल्क आदि मछली से प्राप्त होने वाले सह-उत्पाद हैं. मछली पालन कृषि एवं पशुपालन दोनों का सम्मिलित रूप हैं, क्योंकि मछली पालन एक प्रकार का पशुपालन हैं तथा मछलियों हेतु जलाशय में भोजन उत्पन्न करना एक कृषि कार्य हैं.

Fish Farming Guide In Hindi | जानिए मछली पालन कैसे शुरू करें

  • मछलियों का आवास- मछली पालन प्राकृतिक जल स्रोत जैसे समुद्र, तालाब, झील व नदियों में किया जाता हैं, मगर कृत्रिम जलाशयों में भी मछलियों का पालन व उत्पादन किया जाता हैं. चिकनी मिट्टी वाले स्थान को जलाशय निर्माण की दृष्टि से अच्छा माना जाता हैं.
  • मछली की जातियाँ– मछलियों का उत्पादन खारे पानी की अपेक्षा मीठे पानी में अधिक होता हैं. मीठे पानी में मछली पालन के लिए रोहू, म्रगला, कतला आदि देशी मछलियों का पालन किया जाता हैं, इसके साथ ही कॉमनकॉर्प, सिल्वरकॉर्प आदि विदेशी मछलियों का पालन भी किया जाता हैं.
  • मछलियों का भोजन- प्राकृतिक जलाशयों में मछलियों का भोजन सूक्ष्म जलीय पादप एवं सूक्ष्म जीव होते हैं. कृत्रिम जलाशयों में चावल की भूसी, अनाज के टुकड़े, गेहूं की चापड़, बादाम की खली एवं सोयाबीन भोजन के रूप में दिए जाते हैं.
  • मछली उत्पादन- मछलियों के बीज नदियों के प्रजनन स्थलों से जाल की सहायता से एकत्रित किए जाते हैं. बीजों से अंडे उत्पन्न होते हैं. अण्डों से निकली छोटी मछलियों को जीरा कहते हैं. जीरा कुछ समय बाद अंगुलिकाओं में बदल जाता हैं. अंगुलिकाओं को मछली पालन हेतु निर्मित जलाशयों में पहुचाया जाता हैं. अंगुलिकाओं के संक्रामक जीवाणुओं को नष्ट करने के लिए इन्हें जीवाणुनाशक पदार्थों जैसे कॉपर सल्फेट, फार्मेलिन, पोटेशियम परमेगनेट या नमक से उपचारित किया जाता हैं.
  • मछली संग्रहण- जब मछलियाँ पर्याप्त बड़ी हो जाती हैं तो इन्हें जाल की सहायता से अथवा जलाशय में विद्युत् प्रवाह करके संग्रह किया जाता हैं.
  • मछली का परिरक्षण- मछलियों को सड़ने से बचाने के लिए बचाव के लिए इन्हें बर्फ में दबाकर परिरक्षण किया जाता हैं.

मछली पालन कैसे शुरू करेें || How to start fish farming in india

मछली पालन कैसे शुरू करेें || How to start fish farming in india. मछली प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है और आज पूरे भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में किसकी काफी डिमांड है और लगातार बढ़ती ही जा रही है. यह बिजनेस काफी तेजी से बढ़ रहा है और लोगों के लिए बिजनेस के नए रास्ते तैयार कर रहा है. भारत मछली उत्पादन में दूसरे नंबर पर है. इसलिए यह व्यवसाय आपको बहुत ही मुनाफा दे सकता है. इस बिज़नेस के बहुत से फायदे हैं.

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