गांधी जयंती पर निबंध भाषण लेख हिंदी में | Gandhi Jayanti Essay Speech SMS in Hindi

Gandhi Jayanti Essay Speech एक ही दिन भारत की पवित्र भूमि पर दो महापुरुषों ने जन्म लिया, दिन था 2 अक्टूबर का इस दिन महात्मा गांधी और आदर्श राजनेता और भारत के द्वीतीय प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दिन है. इस दिन देश भर में गांधी जयंती व शास्त्री जयंती के अवसर पर शिक्षण संस्थानों में कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता है. इस अवसर पर स्टूडेंट कई दिन पूर्व से ही महात्मा गांधी पर निबंध, भाषण, लेख, कविता, जीवनी और उनके विचारों को प्रस्तुत करते के लिए सर्च करने में लग जाते है. यहाँ आपकों गांधी जयंती 2017 पर निबंध भाषण लेख उपलब्ध करवाए जा रहे है.

गांधी जयंती
गांधी जयंती

गांधी जयंती पर निबंध भाषण लेख (Gandhi Jayanti Essay Speech SMS in Hindi)

गांधी जयंती पर भाषण (Speech on Gandhi Jayanti In Hindi)

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय समस्त विद्वान गुरुजनों मेरे साथ पढ़ने वाले समस्त भाइयो और बहिनों. जैसा कि सर्वविदित है आज हम सब गांधी जयंती मनाने के उपलक्ष्य में यहाँ एकत्रित हुए थे. महात्मा गांधी जिन्हें हम बापू और राष्ट्रपिता के नाम से संबोधित करते है, महान महापुरुष एवं स्वतंत्रता सेनानी थी. यदि हम यह कहे कि आज के भारत के निर्माण में गांधी का सर्वाधिक योगदान था. तो कुछ भी गलत नही है. क्युकि भारत की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए उन्होंने सभी धर्मो के लोगों को एक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की.

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 के दिन गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. इनका पूरा नाम मोहनदास कर्मचन्द गांधी था. इनके पिताजी करमचन्द गांधी पोरबन्दर में ही दीवान की ही नौकरी करते थे. इनकी माँ का नाम पुतली बाई था. जो धार्मिक प्रवृति की महिला थी, जिनका बहुत बड़ा प्रभाव गांधी के जीवन पर पड़ा. महात्मा गांधी ने आरम्भिक पढाई वही के एक निजी विद्यालय से की इसके बाद वकालत की पढाई के लिए इंग्लैंड चले गये थे. महात्मा गांधी का मात्र 13 वर्ष की आयु में ही कस्तूरबा गांधी के साथ विवाह सम्पन्न हो गया था.

वकालत की डिग्री हासिल करने के बाद इन्होंने बोम्बे कोर्ट से कुछ मुकदमे लड़े और इसके पश्चात ये दक्षिण अफ्रीका चले गये वहां पर अंग्रोजो की रंगभेद निति से बहुत आहत हुए और गोरो लोगों के ख़िलाफ एक आंदोलन छेड़ा. अफ्रीका में मिली सफलता के बाद महात्मा गांधी 1915 को भारत लौट आए. यहाँ उनका ध्यान किसानो और निम्न वर्ग के साथ अंग्रेज सरकार की अत्याचार पूर्ण नीतियों पर गया. जिनके विरोध में गांधीजी ने कई बड़े आंदोलन किये जिनमे उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा. मगर अपने अट्टल निश्चय के आगे अंग्रेज सरकार को झुकना पड़ा.

और 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी प्रदान कर दी थी. भारत विभाजन के बाद उपजी विषम परिस्थिति में इन्होने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, संभवत वही इनके जीवन के अंत का कारक बनी. 30 जनवरी 1948 को दिल्ली में प्रार्थना सभा के दौरान नाथूराम गोडसे ने गांधीजी पर गोली चला दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई. उनकी याद में दिल्ली के राजघाट में शहीद स्मारक बनाया गया. तथा 30 जनवरी को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है. महात्मा गांधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाकर ऐसे महान देशभक्त के कार्यो को याद किया जाता है.

गांधी जयंती पर निबंध (Gandhi Jayanti Essay In Hindi)

“दे दी हमें आजादी खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल”

सत्य और अहिंसा की राह पर चलकर मानवता की वकालत करने वाले महात्मा गांधी न सिर्फ हमारे बापू है. बल्कि विश्व के 100 से अधिक देशों के आदर्श नेता है इस बात को समझने के लिए यह तथ्य काफी है कि महात्मा गांधी एकमात्र वो इंसान है जिनके नाम दुनिया के सबसे अधिक देशों ने डाक टिकट जारी किया हो, तकरीबन 104 मुल्कों के डाक टिकट इस महामानव के नाम जारी होना अपने आप में अनूठा है.

चल पड़े जिधर दो पग डगमग, चले पड़े कोटि पग उसी ओर,
पड़ गई जिधर भी एक द्रष्टि, गढ़ गये कोटि दरग.

ये पक्तियां महात्मा गांधी के जीवन पर बिलकुल उपयुक्त है. आज जिनके करोड़ो अनुयायी यू ही नही है बल्कि उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में अहम योगदान दिया था. जब 1883 में वे दक्षिण अफ्रीका एक केस के सिलसिले में गये यही से इनके राजनितिक जीवन की शुरुआत हुई थी.

6 जुलाई 1944 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने जी ने सबसे पहले बापू को राष्ट्रपिता कहकर अपने अभियान में सफलता के लीये आशीर्वाद माँगा था. बोस पहले इंसान थे जिन्होंने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता के नाम से पुकारा वही 1915 में रविन्द्रनाथ टैगोर ने इन्हें पहली बार महात्मा की उपाधि दी थी. गांधी ने टैगोर को पहली दफा गुरुदेव कहा था.

गाँधी जयंती नारे और स्लोगन (Gandhi Jayanti Slogen)

  • हम वो बन सकते है, जैसा बनने में यकीन करते है यह बात इस स्थति में भी लागू होती है मै जिस काम को करने में असमर्थ समझता हु यकीनन मै उसे करने में असफल हो जाता हु. इसके विपरीत मै जिस कार्य में यकीन करता हु कि मै इसे कर सकता हु निश्चित रूप से उसे कर ही लेता हु.
  • बुरी बाते सुनने से मन में अशांति और पवित्रता का अंत होता है. इसलिए बुरा मत देखो बुरा मत सुनो बुरा मत देखो.
  • दुनिया के अधिकतर भूखे लोग रोटी के रूप में इश्वर के दर्शन करते है.
  • दिल की कोई भाषा नही होती है, एक दिल की बात दूसरा दिल समझ जाता है.
  • स्वयं बदलाव कर वो बनिये जो आप दुसरे में देखना चाहते है.
  • आपकों इंसानियत में विशवास करना चाहिए क्युकि यह तो सागर की तरह है जिसमे कुछ बुँदे गन्दी होने से सागर गंदा नही हो सकता है.
  • जब आपका मुकाबला अपने शत्रु से हो तो उसे प्रेम से अहिंसा से जीते.

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