Gandhi Jayanti In Hindi | 2 अक्टूबर 2017 विशेष

Gandhi Jayanti In Hindi 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में एक ऐसें महापुरुष का जन्म हुआ, जिन्होंने गोली या बंम के धमाकों की बजाय शांति और अहिंसा की राह पर चलते हुए 15 अगस्त 1947 को भारत से अंग्रेजी सम्राज्य को छिन्न भिन्न कर दिया था. जी हां हम बात कर रहे है महात्मा गांधी की.

जिन्हें भारत ही नही समूचा विश्व राष्ट्रपिता व बापू के नाम से पुकारता है. इनका पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था. जिन्होंने वकालत की पढाई की मगर रास्ता चूना जननेता का न कि राजनेता. एकमात्र ऐसा व्यक्तित्व जिन्होंने अपने जीवनकाल में कभी पंचायत के सदस्य तक की राजनीती में कदम नही रखा. मगर 30 जनवरी 1948 जिस दिन गांधीजी की हत्या हुई, उनके सम्मान में सयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रिय ध्वज भी झुकाया गया.

Gandhi Jayanti In Hindi/Paragraph Essay speech

  • पूरा नाम- मोहनदास कर्मचन्द गांधी
  • जन्म- 2 अक्टूबर 1869
  • पिता का नाम- कर्मचन्द गांधी
  • माता का नाम- पुतलीबाई
  • विवाह- कस्तूरबा गांधी
  • उपनाम- बापू/राष्ट्रपिता/महात्मा
  • देहांत- 30 जनवरी 1948 (दिल्ली)

महात्मा गांधी एक व्यक्ति ही नही बल्कि 19वी सदी का चमत्कार से कम नही था. आज उनकी शिक्षाओं को मानने वाले गांधीवादी घर घर मिल जाएगे. सत्य, परिश्रम और ईमानदारी की कितनी बड़ी ताकत होती है. इसका उदाहरण समझने के लिए महात्मा गांधी का जीवन पर्याप्त है.

भले ही स्वच्छता, रामराज्य जैसे उनके सपने आज तक साकार नही हो पाए है मगर उनकी बताई राह पर चलकर हम अपने समाज/देश को नई उचाई तक ले जा सकते है.

2 अक्टूबर गाँधी जयन्ती उस महान आत्मा को याद करने उनके द्वारा बताई गई राह पर चलने का एक माध्यम है. देश और दुनियाभर में इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. विद्यार्थी एवं शिक्षक महात्मा गांधी का जीवन परिचय, जीवनी, अनमोल वचन आदि के आख्यान की प्रस्तुती दी जाती है.

इस दिन राज्य और राष्ट्रिय स्तरीय कार्यक्रमों में गांधीजी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर समारोह का आरम्भ किया जाता है. इस दिन आयोजित विशेष कार्यक्रमों का मुख्य राष्ट्रिय टीवी चैनल्स पर भी सीधा प्रसारण किया जाता है.

गांधी ने कई ऐसे कार्यक्रमों की शुरुआत की यदि आजादी के बाद से भी कोई सरकार उनके बताए कदमों पर चलती तो भारत अब तक विश्व का सबसे बड़ा आर्थिक पावर वाला देश बन सकता था.

महात्मा गांधी ने अपने जीवनकाल के दौरान स्वच्छता, अस्पर्श्यता और भेदभाव का विरोध, स्वदेशी वस्तुओ के उपयोग पर जोर, कुटीर उद्योग को बढ़ावा, ग्राम को अर्थव्यवस्था का आधार बनाने जैसे कार्यो की नीव रखी थी.

भले ही देर से सही वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यक्रमों की सराहना करनी चाहिए, जिन्होंने गांधीवादी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए मेक इन इण्डिया, स्वच्छ भारत जैसे अनेक कार्यक्रम शुरू किये है.

भारत और समूचे संसार में 2 अक्टूबर यानि अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है. विशेषकर विद्यार्थियों के लिए बापू का जीवन अनुसरण करने योग्य है.

जरुरी नही कि कोई बड़ा काम करने के लिए बड़े घराने या शहर में जन्म लेने की जरुरत रहती है. महात्मा गांधी पोरबंदर के एक छोटे से गाँव के ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए थे. बचपन तक वे भी साधारण बच्चो की तरह ही थे, जिन्हें अंग्रेजी बोलनी नही आती थी, उनकी लिखावट बेहद खराब थी.

मगर कोई अच्छा कर्म करने के लिए नेक इरादों की आवश्यकता होती है. जो अहिंसा के इस पुजारी ने करके दिखाया. 1915 तक भारत में महात्मा गांधी को कोई नही जानता था.

मगर अपने अच्छे कर्मो और दृढ संकल्प से आज वो करोड़ो भारतीयों के लिए भगवान का रूप है.

गाँधी जयंती के इस अवसर पर आज हम सभी को यह कृत संकल्प लेना चाहिए. कि हम तन मन धन से ऐसा भारत बनाएगे जिसका सपना गांधी ने 100 साल पहले देखा था. महात्मा गांधी की शिक्षा को अपने जीवन में उतारकर इस महापुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते है.

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