GST In Hindi | वस्तु एवं सेवा कर जी एस टी की पूरी जानकारी

GST In Hindiजी एस टी क्या हैं Goods And Services Tax यानि वस्तु एवं सेवा कर बिल के नुकसान और फायदे,क्या हैं नियम,कैसे करे आवेदन,GST की पूरी जानकारी हिंदी भाषा में आपकों यहाँ दी जा रहीं हैं| इस बिल के आने पर कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या सस्ता और महंगा हुआ |

gst full form- Goods and Services Tax (hindi)- वस्तु एवं सेवा कर

gst wiki, means, registration benefits Details & Information in hindigst wiki, means, registration benefits Details & Information in hindi

यदि एक शब्द में इनको बया करे तो गरीबोँ के लिए तोफहा| यह बिल का मसोदा वर्ष 2014 में बनकर तैयार हुआ था| जिन्हेँ 2015 में लोकसभा में पास करवा दिया गया था| वर्ष 2016 में मोदी सरकार द्वारा संसद के स्थायी सदन राज्यसभा में अगस्त माह में पास कर दिया| जीएसटी बिल मार्च 2017 से देश के सभी राज्यों में पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया था| आर्थिक विशेयज्ञो द्वारा इसके अच्छे और बुरे पहलुओ पर चर्चा करने का लम्बा दौर चला| निष्कर्ष यहीं निकला Goods And Service Tax Bill भारत की आर्थिक व्यवस्था के लिए इंजन का काम करेगा| इससे गरीबी और महंगाई को कम करने में सरकार को नईं दिशा मिलेगी GST In Hindi|

जी एस टी क्या हैं  (gst tax in hindi Language )

वस्तु एवं सेवा कर यानि GST एक कर प्रणाली हैं इससे पूर्व तक की स्थति में एक उत्पाद पर कई कर लगते थे जिनमें राज्य और केंद्र दोनों अपनें नियमों के मुताबिक अतिरिक्त सेवा कर लगाते थे| अब जीएसटी के दायरे में आने वाले उत्पादों पर एक ही कर लगेगा| जिसकी सीधा असर वस्तु की कीमत पर पड़ेगी| अप्रैल 2017 में लागू कियें गये जीएसटी में चार श्रेणिया बनाई गईं| पहली श्रेणी में जीवन निर्वहन की आवश्यक वस्तुओ को रखा गया जिनमें टेक्स 5 फीसदी से कम रखा गया इससे पूर्व यह 17 से 20 प्रतिशत था| इस श्रेणी में खाने-पीने के सामान दवाई और पेंट्रोल-डीजल कों रखा गया हैं|

GST से पहलें Double Taxation यानी दोहरी करप्रणाली अपनाई गईं थी| जिनमे राज्य और केंद्र दोनों का ही कर लगता था| भारत के वित् मंत्री अरुण जेटली के विचार पर GST को अपनाया जा रहा हैं| इससे देशभर के सभी राज्यों पर लगने वाले सारे करो को हटाकर उनकी जगह एक ही कर यानि जीएसटी ही काम करेगा|

Goods And Services Tax Registration Process (जीएसटी के लिए आवेदन)

GST registration process बेहद आसान हैं यदि आप बिजनेसमैन अथवा कारोबारी हैं, और जीएसटी में आवेदन करना चाहते हैं तो स्वय भी कर सकते हैं अथवा किसी इमित्र वाले से भी करवा सकते हैं| GST में आवेदन कैसे करे ?

  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग की वेबसाइट www.gst.gov.in पर लॉग इन करे|
  • इसमे आवेदन के लिए एक मोबाइल नंबर ईमेल आईडी किसी बैंक का की खाता संख्या और उसका IFSC कोड की जरुरत रहेगी|
  • इसके अतिरिक्त अपने बैंक खाते की पासबुक खाताधारक नाम इनकें साथ ही बैंक का कथन इसके अतिरिक्त आपका कंपनी खाता हैं, तो अपनी कंपनी के ब्योरे सहित सभी भागीदारो के हस्ताक्षर की भी आवश्यकता पड़ेगी|
  • यहाँ आपके भागीदार पार्टनर्स की बड़ी साइज़ की फोटो भी अपलोड करनी पड़ेगी| साथ ही अपनें बैंक अकाउंट की पासबुक के मुख्यपृष्ट की कॉपी जिनमें स्पष्ट रूप से आपका नाम, खाता संख्या, बैंक शाखा, IFSC कोड स्पष्ट दिखते हो|
  • अपना GST registration process पूरा होने के बाद दिए गयें मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर एक वेरिफिकेशन SMS आएगा|
  • जीएसटी की आवेदन प्रक्रिया पूर्णत ऑनलाइन हैं, जैसे ही आपका आवेदन विभाग के अधिकारी के पास पहुचेगा वह तीन दिन की अवधि तक आपके फॉर्म में किसी तरह की त्रुटी या सुधार की सम्भावना को देखकर आपसे सम्पर्क कर सुधार सकते हैं|
  • यदि वह अधिकारी तीन दिन तक आपके आवेदन को नही देख पाता हैं अथवा किसी सुधार के लिए आपकों कोई मेसेज प्राप्त नही होता हैं| तो चोथे दिन ऑटोमेटिक तरीके से आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर बनकर आपके इमेल और मोबाइल नंबर पर पहुच जाएगा| जिन्हें भविष्य में काम में लेने के लिए सभाल कर रखे|

goods & service tax Rates (जीएसटी की दरों)

GST बिल लागू किये जाने से अधिकतर बाजार की वस्तुओ की कीमतों में कमी या वृद्दि हुई हैं, वे चीजे या उत्पाद जो व्यक्ति की मौलिक आवश्यकता से जुडी हुई हैं| उनकी कीमते कम होने वाली हैं इसके अतिरिक्त सौन्दर्य प्रसाधन और आराम फरोसी की चीजो जिनमे इलेक्ट्रानिक उपकरण और छोटी बड़ी गाडियों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी|

  • जैसा कि आपकों उपर बताया जा चूका हैं जीएसटी में तीन श्रेणिया बनाई गयी हैं| पहली श्रेणी में आने वाले सभी उत्पादों पर सारे कर हटाकर उन्हें पांच फीसदी टैक्स के दायरे में लाया गया हैं इसमे कपडें पर 5 फीसदी कर लगेगा इससे पहले यह 7 प्रतिशत था. मगर यदि आप एक हजार से अधिक कीमत का महंगा कपडा खरीदते हैं तो आपको 12 फीसदी जीएसटी देना होगा|
  • प्रत्येक व्यक्ति की पहली आवश्यकता चाय कॉफ़ी और चीनी की कीमते में कमी आएगी इससे पूर्व तक यह टैक्स 6 फिसद था हालाँकि एक या दो फीसदी कर कम लगने के कारण इनकी कीमतों में ज्यादा कुछ बदलाव नही हुआ हैं|
  • स्वर्ण आभूषण अब होंगे महगे जीएसटी आने से पूर्व इस पर 2 फिसदी टैक्स लगता था अब जिन्हेँ बढाकर 3 फीसदी कर दिया हैं, इस पर कई ससंद के सदस्यों ने आपति भी जताई मगर सरकार द्वारा इसे आवश्यकता की वस्तु नही माना हैं|
  • बिस्किट दूध दही और मीट अब सस्ते होंगें, इनमे सबसे अधिक कीमतों की गिरावट बिस्किट की होगी| अब तक इस उत्पाद पर 22 प्रतिशत से ज्यादा राज्य और केंद्र द्वारा कर लिया जाता था जिन्हें अब 18 फिसद कर दिया हैं| आपकों बता दे दूध,दही,मांस,सब्जी,शहद,पूजा सामग्री पर इससे पूर्व बड़ी मात्रा में कर लगता था, जिन्हें अब जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया हैं| इससे इनकी कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी|
  • जूते, कोयला और सोंदर्य तेल भी हुआ सस्ता| फूटवियर पहले दो श्रेणियों में कर लगता था पांच सौ की कीमत तक के जुते पर 10फीसदी टैक्स देना होता था| जिन्हें अब घटाकर 4 फीसदी कर दिया हैं| साथ ही 500 की कीमत से अधिक के जूतों पर पहले 23 प्रतिशत टैक्स लिया जाता था जो अब 17 फिसद होगा| जीएसटी काउंसिल की बैठक में हेयर तेल के उत्पादों पर लगने वाले टैक्स को भी 10 प्रतिशत तक घटा दिया हैं| इसके अतिरिक्त कोयले की कीमत का सम्बन्ध सीधा असर आम-आदमी पर पड़ता हैं,कोयले पर पहले 12 फिसद कर लगता था जिन्हें घटाकर 4 फिसद कर दिया हैं| इस निर्णय से बिजली की दरों में कुछ राहत मिल सकती हैं|
  • जीएसटी बिल लागू हो जाने से अब मोबाइल फोन और टूर और ट्रेवल्स की सेवाओ की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी आपकों बता दे अब मोबाइलों पर लगने वाले टैक्स की मात्रा 5 से 6 फीसदी हैं, जो अप्रैल से बढ़कर 12 से अधिक हो चुकीं हैं| अब आपकों ये टैक्स दुगुना चुकाना पड़ेगा| वहीं GST बिल आने से पहले तक टूर पर 15 फीसदी कर लगता था जो अब बढाकर 18 कर दिया हैं| अब यात्रा के लिए किसी एजेंसी के पास जाने से पूर्व इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए|
  • स्मार्टफोन,मोटरसाइकिल हवाई यात्रा में जीएसटी दर को घटाया गया हैं स्मार्टफोन पर पहले तक़रीबन 14 फीसदी टैक्स लगता था जिन्हें अब 12% कर दिया हैं| वहीं हवाई यात्रा को GST की 5% से कम टैक्स की श्रेणी में रखा हैं|

Gst Bill Benefits (GST BILL KE FAYDE)

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से इसका सबसे बड़ा फायदा आम आदमी और निम्न वर्ग के व्यक्ति को होगा| इसका मुख्य कारण यह हैं GST में उस वस्तुओ और उत्पादों पर टैक्स कम किया गया हैं अथवा टैक्स फ्री की श्रेणी में रखा गया जो आम आदमी की पहली आवश्यकता होती हैं जैसे-खाना,कपड़ा,मकान,दवाई इत्यादि| आइये जानतें हैं आखिर जीएसटी के फायदे क्या हैं|

1.इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि देश के सभी राज्यों में एक ही वस्तु की कीमत समान होगी इससे पूर्व यदि सोना दिल्ली में 30,000 में 100 ग्राम मिलता था तो यही मुंबई में 100 ग्राम सोना 25,000 में मिल जाता था| अब देशवासियों को पुरे देश में एक वस्तु एक ही दाम में सभी राज्यों में मिलेगी|

2.जीएसटी से अब अधिकतर वस्तुओ के भाव कम हो जायेगे क्युकि पहले राज्य और केंद्र दोनों अपने अनुसार वैट लगाते थे|

3.इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली से देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा सुधार होगा एक अनुमान के मुताबिक इन्हे 90 लाख करोड़ का इजाफा होने की सम्भावना हैं|

4.अब व्यापारियों को बार-बार विभिन्न विभागों को कर देने से छुटकारा मिल जाएगा| उन्हें जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद इस तरह की किसी समस्या का सामना नही करना पड़ेगा|

5.सारे टैक्स एक साथ वसूल लेने से राज्य और केंद्र के राजस्व में बढ़ोतरी होगीं|

जीएसटी बिल के नुकसान Loss of GST Bill

प्रत्येक सिस्टम के कुछ फायदे तो कुछ नुकसान भी होते हैं| वस्तु एव सेवा कर के लाभ-हानि का सटीक विश्लेषण किया जाए तो इसके फायदे ही नजर आएगे| फिर भी कुछ नुकसान भी हैं जिनसे आपकों अवगत करवाते हैं |

  • एकल कर प्रणाली से सबसे बड़ा नुकसान राज्यों की सरकार को होगा क्युकि अब ये पहलें की तरह विभिन्न प्रकार के वैट और कर नही वसूल पाएगे|
  • दूसरा नुकसान भी राज्यों से सम्बन्धित हैं आपकों बता दे अधिकतर राज्यों की अर्थव्यवस्था और उनका बजट राज्य में निकलने वाली प्राकृतिक संसाधनो से होता हैं| जो अब नही होगा इसका अधिकतर लाभ केंद्र सरकार के पास जाएगा|

उम्मीद करते हैं दोस्तों GST In Hindi में आपकों सारे सवालों के जवाब मिल चुकें होंगें जीएसटी क्या हैं इसमें नामांकन कैसे करवाएं इसके क्या फायदे होंगें और क्या नुकसान किन वस्तुओं की कीमतों में बढोती हुईं किसमे कमी| इस पोस्ट को अपनें दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे| इससे जुड़ा कोई सवाल हो तो कमेंट कर जरुर पूछें|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *