GST Tax से जुड़े अहम सवाल जवाब और पूरी जानकारी

GST Tax से जुड़े अहम सवाल जवाब और पूरी जानकारी

केंद्र सरकार जल्द ही GST Tax को पुरे देश में लागू करने जा रही हैं| इस बिल के लागू हो जाने के बाद इसके दायरे में आने वाले और इसकी परिधि से बाहर रखे सभी उत्पादों की कीमतों में बदलाव नजर आएगा| बहुत से लोगों को GST Tax को लेकर कंफ्यूजन हैं| इसी लिए आपके लिए आज इस सवाल-जवाब और सम्पूर्ण जानकारी में GST Tax से जुडी अब तक की इनफार्मेशन आपके साथ शेयर की जा रही हैं|

GST Tax क्या हैं(gst bill explained )GST Tax से जुड़े अहम सवाल जवाब और पूरी जानकारीGST Tax से जुड़े अहम सवाल जवाब और पूरी जानकारी

GST Tax जिन्हें वस्तु एवं सेवा कर भी कहा जाता हैं, यह एकल प्रत्यक्ष कर पद्दति हैं| जिनकी मसोदा 2014 में तैयार किया गया था, वर्ष 2015 में जिसे लोकसभा सदन द्वारा पारित करवाया गया| इस वर्ष के शुरूआती सत्र में राज्यसभा और देश की अन्य विधानसभाओ द्वारा पारित करवा लिया गया हैं| इस कर प्रणाली के लागू कर दिए जाने के बाद राज्य और केंद्र अपने तरीके से किसी भी उत्पाद पर कोई कर नही लगा सकते| व्यापारी को विभिन्न कर देने की बजाय gst रजिस्ट्रेशन करवाना होगा|

इसके लागू हो जाने के बाद देशभर में एक ही टैक्स लगेगा, और सभी उत्पादों की देशभर में एक ही कीमत होगी| इसका सीधा फायदा व्यापारियों और आम जनता को होगा| राज्य सरकारों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा|

GST Tax कब लागू होगा ? (When does GST tax apply)

एक राष्ट्र एक कर जीएसटी का स्लोगन हैं, अभिताब बच्चनजी को इसके ब्रांड अबेसडर बनाया गया हैं|

gst bill एक जुलाई 2017 से पुरे देश में लागू हो जाएगा| इसे लागू करने से पूर्व 30 जुलाई की मध्यरात्रि को केबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी| इस विशेष बैठक के लिए सभी 29 राज्यों के वित्त मंत्रियों को आमंत्रित किया गया हैं| देश में ऐसें दो राज्य बचे हैं जहां अभी तक जीएसटी बिल पारित नही हुआ हैं, पहला जम्मू कश्मीर और केरल| नवीन जानकारी के अनुसार केरल में आने वाले दिनों में इसे पारित कर दिया जाएगा|

इस कर प्रणाली के लागू होने से पहले एक शोर्ट विडियो मैसेज प्रसारित किया जाएगा| जिसमे GST TAX की खूबियों के बारे में सक्षिप्त जानकारी दी जाएगी|

GST Tax से किसको फायदा ? (Who benefits from GST Tax?)

जीएसटी बिल को एक और नाम से बताया जाता हैं वो हैं

  • आजादी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार|
  • जिसके केंद्र में आम आदमी और व्यापारियों को रखा गया हैं|
  • इस प्रणाली के लागू हो जाने के बाद सबसे बड़ा कारोबारी वर्ग को होगा|
  • अब उन्हें टैक्स देने के लिए बार-बार मार नही झेलनी पड़ेगी|
  • इससे पहले की व्यवस्था में एक वस्तु पर दस तरह के टैक्स चुकाने पड़ते थे|
  • जिससे न सिर्फ व्यापारियों के लिए भाग्दोड़ का विषय था|
  • बल्कि इससे उस वस्तु की वास्तविक कीमत और बिक्री कीमत में बहुत अंतर आ जाता था|
  • GST Tax से महंगाई कम करने में भी सरकार को मदद मिलेगी|

क्या GST Tax से चुंगी कर खत्म हो जाएगा?

जी हां अब से प्रत्येक राज्य का चुंगी कर खत्म तो हो जाएगा मगर GST TAX के नए प्रावधानों में तीन तरह के जीएसटी कर रखे हैं, जिनमे यदि आपका बिजनेस केन्द्रीय क्षेत्र में आता हैं तो आपका GST  केंद्र सरकार को चुकाना होगा|इसी तरह यदि आप राज्य क्षेत्र में आते हैं तो आपकों राज्य सरकार को gst TAX पे करना होगा दोनों के बिच का मामला होने की स्थति में इंटिग्रेटेड जीएसटी देना होगा| यानि कर आपकों भिन्न-भिन्न की बजाय एक ही कर देना होगा|

इसी तरह यदि आप राज्य क्षेत्र में आते हैं तो आपकों राज्य सरकार को gst TAX पे करना होगा. दोनों के बिच का मामला होने की स्थति में इंटिग्रेटेड जीएसटी देना होगा| यानि कर आपकों भिन्न-भिन्न की बजाय एक ही कर देना होगा|

GST Tax से डीजल और शराब सस्ता हुआ या महंगा(Diesel and liquor cheaper or expensive than GST )

  1. वर्तमान हालात में शराब और पेंट्रोल डीजल ये दोनों उन वस्तुओ में हैं,
  2. जिनकी कीमत विभिन्न राज्यों में इनकी डिमांड के अनुसार हैं|
  3. यकीनन दिल्ली में जहां पेंट्रोल डीजल अधिक खर्च होता हैं,
  4. तो यूपी में शराब की डिमांड अधिक हैं,
  5. इस कारण इनकी कीमतों में अनियमितता हैं|
  6. शराब और डीजल को राज्य क्षेत्र के अधिकार में रखा गया हैं|
  7. वहीं गैस,डीजल और पेंट्रोल में GST Tax यथास्थ्ती रह सकती हैं|

क्या GST TAX से महंगाई कम होगी? (Will GST reduce the price of tax?)

यकीनन गुड्स एंड सर्विस टैक्स के लागू हो जाने के बाद अर्थशास्थ्रियो के अनुसार भारत की महंगाई दर में 2 से 3 फीसदी तक कमी आ सकती हैं| इसकी वजह यह हैं कि अधिकतर पहली आवश्यकता की वस्तुओ पर पहले कुल टैक्स 8 से 10 फीसदी लगता था|

जिन्हें अब GST TAX के 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया हैं, या अधिकतर वस्तुओ को जीएसटी सहित सभी टैक्स की परिधि से बाहर रखा गया हैं| इन उत्पादों में अनाज,दूध,कपडा,दवाई,सब्जी आदि शामिल हैं|

GST TAX से सरकार को क्या फायदा ? (What is the benefit of GST tax from the government)

जीएसटी आने से राज्य सरकारों को सबसे अधिक नुकसान होगा| अधिकतर राज्यों का बजट उनके खनन पदार्थो कच्चे तेल और कोयले पर आधारित था. मगर नईं कर प्रणाली के लागू होने के बाद अब राज्य इन उत्पादों पर अपनी मर्जी से टैक्स न तो लगा सकेगे न ही वसूल सकेगे|

अधिकतर करो से प्राप्त राजस्व GST Tax केंद्र सरकार के हिस्से में जाएगा. जिससे राज्यों को केंद्र आश्रित होना पड़ेगा| केंद्र सरकार जो देगी उसी से संतोष करना पड़ेगा|

GST TAX से क्या सस्ता होगा मकान? (What is the cheapest house from GST)

अब नया घर बनावना कुछ आसान हो सकता हैं सीमेंट पर पहले 30 फीसदी टैक्स लगता था जिन्हें घटाकर अब 28 फीसदी कर दिया हैं मगर साज-सज्जा और अन्य मकान निर्माण की वस्तुओ की कीमत महंगी हो सकती हैं जिनमे घर में पुट्टी, बढ़िया पेंट, किचन में शानदार टॉयल्सल और प्लास्टर करवाना अब कुछ महंगे पड़ सकते हैं|

यदि आप छोटा फ्लेट खरीदना चाहते हैं GST Tax तो कुछ सस्ता मिल सकता हैं, जबकि बड़े फ्लेट की कीमतों में कोई खास बदलाव नही होगा| इससे पूर्व की व्यवस्था में दलाल बिल्डर से 2000 वर्ग फिट भूमि पर 18 प्रतिशत टैक्स वसूलता था| अब नया घर लेने वालों को 18 की जगह 12 फीसदी और वो भी एक ही GST TAX चुकाना पड़ेगा|

जीएसटी कानून में बिक्री रिटर्न के क्या प्रावधान हैं

  • जीएसटी कानून के अनुसार आपकों बिक्री रिटर्न अगले महीने की 10 तारीख को भरनी होगी| मान के चलिए जीएसटी 1 जुलाई से देश भर में लागू हुआ हैं तो
  • आपकी पहली बिक्री रिटर्न भरने की तिथि अगस्त माह की दस तारीख होगी|
  • जीएसटी की वेबसाइट पर एक्सेल शीट होगी जिनके प्रारूप को भरकर अपनी बिक्री की सुचना देनी होगी|
  • जीएसटी रिटर्न फॉर्म जुलाई महीने के शुरूआती सप्ताह में ही उपलब्ध करवा दिए जाएगे|

GST TAX की रसीद या बिल कौन और कब जारी करेगा (Who will issue the receipt or bill of GST tax)

आपकी जानकारी के लिए बता दे GST TAX की रसिप्त सम्बन्धित उत्पाद की सप्लाई करने वाला इस बिल को जारी करेगा| आप सम्बन्धित दुकानदार या डीलर से एक महीने की अवधि तक GST TAX बिल रिसीव कर सकते हैं| इसके बाद भी किसी भी एंट्री या प्रूफ के जरिए विक्रेता से प्राप्त कर सकते हैं|

सप्लाई करने वाले द्वारा बनाए बिल में यदि कीमत कम दर्ज की गईं हैं इस स्थति में क्रेडिट नोट जारी करेगा, यदि वसूली गईं कीमत अधिक हैं तो बिल भेजने के समय वह आपकों डेबिट नोट जारी कर सकता हैं| छोटे व्यापारियों को बिल में उत्पाद नंबर दर्ज करने की कोई आवश्यकता नही हैं|

उम्मीद करते हैं दोस्तों GST Tax ये जानकारी आपकों पसंद आई होगी| यदि आपके जेहन में GST Tax से सम्बन्धित कोई सवाल हो तो कमेंट कर पूछ सकते हैं|

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