Hindi Diwas Speech 2018 Importance of Hindi Language For Students

Hindi Diwas Speech 2018 Importance of Hindi Language For Students: हिंदी भारत की राजभाषा, राष्ट्र भाषा एवं जन जन की भाषा हैं. हम इसे मातृभाषा भी कहते हैं. 14 सितम्बर को हर साल हिंदी दिवस (Hindi Diwas) मनाया जाता हैं. इसकी शुरुआत 1953 से हुई थी. जब 14 सितम्बर के दिन ही भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राज भाषा के रूप में स्वीकार्यता प्रदान की इसके पश्चात हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता हैं. (Hindi Diwas Speech 2018) हिंदी दिवस भाषण में हम हिंदी भाषा के महत्व (Importance of Hindi Language) के बारे में आपकों छोटा भाषण उपलब्ध करवा रहे हैं. जिन्हें कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 के स्टूडेंट्स अपने विद्यालय के हिंदी दिवस भाषण प्रतियोगिता में प्रस्तुत कर सकते हैं.

Hindi Diwas Speech 2018 Importance of Hindi Language For StudentsHindi Diwas Speech 2018 Importance of Hindi Language For Students

Speech On Hindi Diwas 2018 In Hindi Language: 

मेरा नाम हिंदी हैं और मैं भारत की राजभाषा हूँ. परन्तु ऐसा लग रहा हैं कि मैं अपने ही देश में अपने ही लोगों के बिच आज के वातावरण में कमजोर, असहाय और लाचार हूँ तथा मुरझाने लगी हूँ.

हिंदी दिवस एक आशा हैं जिसके द्वारा विदेशों में बसे भारतीयों के बिच मैं फिर से जीना चाहती हूँ और नई उमंग के साथ उड़ना चाहती हूँ.

मैं आप सभी को आमंत्रित करती हूँ कि 14 सितम्बर 2018 को भारतीय उच्चायोग में आकर प्रतियोगिता में भाग लेकर आत्मसात करे एवं पुनर्जीवित करे.

hindi diwas speech in hindi language For Students & Teachers

हिंदी की काबिलियत एक भाषा से बढ़कर लोगों को आपस में जोड़ने, उनकी तरक्की में योगदान देने वाली मातृभाषा हैं. यह सत्य है आप अंग्रेजी जाने बगैर भी सारे काम आसानी से निकाल सकते हैं. कोई जरुरी नही जहाँ अंग्रेजी अनिवार्य हो हम वही कार्य करे. उदहारण के तौर पर हमारे विदेश मंत्री एवं प्रधानमंत्री विदेशों में भी हिंदी से काम चला सकते है तो फिर हम अपने घर में क्यों नही.

हिंदी की देवनागरी लिपि को 14 सितम्बर 1949 के दिन इस प्रावधान के साथ राजभाषा स्वीकार किया गया था. कि अगले 15 वर्षों तक अंग्रेजी सहभागी रहेगी. इसके पश्चात हिंदी भारत की एकमात्र राजभाषा होगी, जिसमें राजकाज से सम्पूर्ण प्रयोजन सम्पन्न होंगे.

मगर दुर्भाग्य की बात है जब 15 साल पूरे होने को ही थे, इससे पूर्व साउथ के कुछ भाषावाद की मानसिकता से ग्रसित राजनीतिज्ञों ने हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने का विरोध करना शुरू कर दिया. नतीजा यह निकला आज हिंदी अपने ही घर अपने ही लोगों के बिच पराई बनकर रह गई हैं.

एकदम सरल भाषा, जैसा लिखा जाता है वैसा ही बोला जाता हैं, लम्बा इतिहास, समृद्ध साहित्य एवं शब्दकोश के साथ साथ भविष्य में बदलाव के लिए लचीलापन वाली विशेषताओं की यह हिंदी भाषा भारतीयों के लिए टूटी फूटी अंग्रेजी से हजार गुणा बेहतरीन भाषा है. जिसे विश्व में भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता हैं.

14 सितम्बर 2018 को हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर हमें शपथ लेनी होगी. आज से हम अपनी मातृभाषा हिंदी को ही अपने संवाद की भाषा बनाए रखेगे. इसका प्रचार प्रसार करेगे. तथा न सिर्फ एक दिन की औपचारिकता पूरी करने हेतु ऐसा करेगे बल्कि निरंतर रूप से इसे अपने ह्रदय में सहेजकर रखेगे.

हिंदी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नन्हा बच्चा यदि स्कूल नही जाता हैं तो भी वह अच्छी तरह हिंदी अपने घर एवं परिवेश में ही सीख सकता हैं. यह हिंदी की सरलता का गुण है जो आपकों अंग्रेजी या अन्य विदेशी भाषा में देखने को नही मिलेगा.

आशा करता हूँ दोस्तों hindi diwas speech in hindi wikipedia & Hindi Language Importance का यह लेख आपको पसंद आया होगा. आप सभी को हिंदी दिवस 2018 की ढेर सारी शुभकामनाएं.

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