भारतीय रेल का इतिहास हिंदी में | History of Indian Railways in Hindi

History of Indian Railways in Hindi : देश में माल एवं यात्री परिवहन का मुख्य साधन रेलें हैं. भारतीय रेल का इतिहास हिंदी में indian railway history में आज आपके साथ भारतीय रेल इतिहास को संक्षिप्त में बताने का प्रयास हैं. इसे आप indian railway details in hindi के रूप में भी जान सकते हैं. भारत में रेलमार्गों का निर्माण 1850 ई में तत्कालीन वायसराय लार्ड डलहौजी के कार्यकाल में शुरू हुआ था.

भारतीय रेल का इतिहास हिंदी में | History of Indian Railways in Hindiभारतीय रेल का इतिहास हिंदी में | History of Indian Railways in Hindi

भारतीय रेल का इतिहास pdf, भारतीय रेल पर निबंध, भारत का पहला रेलवे स्टेशन 1853 indian railway history pdf file: भारत में यात्री रेल सेवा का प्रारम्भ 16 अप्रैल 1853 को हुआ, जब देश की पहली रेलगाड़ी बोरीबंदर मुंबई से थाने के बीच 33.81 किमी (21 मील) फासले पर चलाई गई. इसमें फाकलैंड नामक भाप का इंजन लगा था. यह रेल ग्रेट इंडियन पेनिन्स्यूलर रेलवे कम्पनी ने स्थापित की थी. इसमें 14 रेल्वे कैरिज थे जो दोपहर 3:30 बजे 400 मेहमानों को लेकर चले.

भारत में प्रथम माल गाड़ी का परीक्षण 22 दिसम्बर 1851 को रुड़की में हुआ. इसमें प्रथम रेल इंजन थामसन प्रयुक्त हुआ. भारत में पहला इंजन (First Steam Loco) नं. F 734 राजपूताना रेल्वे की अजमेर वर्कशॉप में 1895 में बना. 1880 तक भारत में 14400 किमी का रेल्वे रूट बन गया था, 1901 में रेल्वे बोर्ड का गठन किया गया.

भारतीय रेल्वे का गठन 42 पूर्व भारतीय रियासती राज्यों की रेल्वे को मिलाकर किया गया. 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारत 55000 किमी का रेल नेटवर्क था. 1952 में विद्यमान रेल नेटवर्क को 6 जोनों में विभक्त किया गया.

भारत में रेलवे विद्युतीकरण (Railway electrification in India)

भारतीय रेल में मध्य रेल्वे की उपनगरीय प्रणाली पर 1500 वोल्ट डीसी पर पहली विद्युतीकृत ट्रेन बोम्बे विक्टोरिया टर्मिनल से कुर्ला बंदरगाह तक 3 फरवरी 1925 को चलाई गई. मद्रास दूसरा मेट्रो सिटी था. जहाँ दक्षिण रेल्वे ने 11 मई 1931 को द्वितीय विद्युतीकृत ट्रेन चलाई.

स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत के पास 388 रूट किमी का विद्युतीकृत ट्रैक था. स्वतंत्रता के बाद हावड़ा बर्दवान सेक्शन पर 3000 वोल्ट डी सी पर विद्युतीकरण किया गया. पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 14 दिसम्बर 1957 को हावड़ा शेवरा फुली सेक्शन पर ईएमयू सेवाएं प्रारम्भ की गई.

स्वदेशी विद्युतीकृत लोकोमोटिक्स 1960 में चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में बनने प्रारम्भ हुए और बोम्बे एरिया के लिए पहला 1500 वोल्ट डीसी का इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव 14 अक्तूबर 1961 को भारतीय प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रारम्भ किया गया.

25000 वोल्ट AC (25 KV AC) विद्युत् ट्रेक्शन प्रणाली- 25 KV AC विद्युत् ट्रैक्शन प्रनाली भारतीय रेल्वे द्वारा 1961 में अपनाई गई. इसके लिए तकनीकी सहायता व परामर्श फ्रेंच नेशनल रेल्वे (SNCF) से प्राप्त हुआ. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बदलते हुए समय के अनुरूप पहली पूर्ण एयर कन्डीशन ट्रेन हावड़ा व दिल्ली के बीच 1956 में चली. इसे AC Express के नाम से जाने जाता हैं.

रेलवे लाइन के प्रकार

देश में दो रेल्वे पटरियों के बीच की दूरी के आधार पर तीन प्रकार की रेल सेवाएं संचालित हैं.

  • ब्राडगेज – 1.67 मीटर (5’6)
  • मीटरगेज – 1.00 मीटर (3’3)
  • नैरोगेज – 0.610- 0.762 (2′ to 2’26)

इसके आलावा स्टैंडर्ड गेज (1.435) मीटर भी होती हैं. भारतीय रेलवे का 1951 में राष्ट्रीयकरण किया गया. भारतीय रेलवे नेटवर्क विश्व का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क हैं. प्रथम स्थान अमरीका, द्वितीय स्थान चीन व तृतीय स्थान रूस का हैं.

रेल भूमि विकास प्राधिकरण

1 नवम्बर 2006 को गठित. यात्री ढ़ोने में विश्व में भारत का प्रथम व चीन का द्वितीय स्थान हैं. माल ढ़ोने में अमरीका प्रथम, चीन द्वितीय, रूस तृतीय व भारत चतुर्थ स्थान पर हैं. रेल जीडीपी का हिस्सा समग्र जीडीपी में लगभग 1 प्रतिशत हैं.

भारतीय रेलवे को 67 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति माल ढ़ोने व 26 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति यात्री भार से होती हैं. रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्ति कोयले के ढ़ोने से होती हैं. उत्तर पूर्व के 8 राज्यों में से 7 राज्य रेल नेटवर्क से जुड़ गये हैं. भारत में अभी केवल सिक्किम ऐसा राज्य है जो रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ नहीं हैं. सिक्किम को रेल नेटवर्क से जोड़ने हेतु सिवोक रांगपो परियोजना निर्माणाधीन हैं.

Indian Railways Ki History in Hindi

भारत में वर्तमान में 17 रेलवे जोन व 73 रेल मंडल हैं. भारतीय रेल व्यवस्था पूर्व में 9 जोनों में विभाजित थी. 1 अक्टूबरः 2002 से 2 तथा 1 अप्रैल 2003 से 5 नए रेलवे जोन गठित किये गये. 29 दिसम्बर 2010 को कोलकाता मेट्रो को 17 वाँ रेलवे जोन बनाया गया. इसका मुख्यालय कोलकाता में हैं.

सबसे छोटा जोन मेट्रो रेलवे कोलकाता है तथा सबसे बड़ा जोन रेलवे उत्तर रेलवे जोन हैं. भारत में वर्तमान में तीन रेल कोच फैक्ट्री रायबरेली, कपूरथला तथा पेराम्बूर तमिलनाडु में स्थित हैं. देश की चौथी रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला कोलार में 5 मार्च 2014 को रखी गई हैं.

रेल मंत्रालय के अधीन 16 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एवं अन्य संगठन कार्य कर रहे हैं.

भारतीय रेल बजट का इतिहास

1921 में गठित एकवर्थ समिति की सिफारिशों पर सितम्बर 1924 में रेल वित्त को सामान्य वित्त से पृथक किया गया तथा 1925 में पहली बार रेलवे का बजट पृथक रूप से पृथक रूप से संसद में प्रस्तुत किया गया. सुश्री ममता बनर्जी पहली महिला रेलमंत्री थी.

जिन्होंने सन 2000 में रेल बजट पेश किया. वे एकमात्र ऐसी महिला भी हैं. जिन्होंने केंद्र में दो विभिन्न सरकारों के लिए रेल बजट पेश किया. रेलवे बजट केन्द्रीय बजट से दो पूर्व सामान्यतः 26 फरवरी को पेश किया जाता हैं. लेकिन वर्ष 2017 से आम बजट व रेल बजट एक साथ पेश किया गया हैं.

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