Essay on Kabaddi आजकल भले ही खेलो पर क्रिकेट का राज हो ! मगर २०१६ के कबड्डी वर्ल्ड कप के बाद यह जग-जाहिर हो गया की इसे चाहने वालो की भी कमी नहीं हैं ,नये खेलो में आजकल विश्व में सबसे तेजी से फेलने वाला खेल कबड्डी हैं ,कब्बडी भारत का पारम्परिक खेल हैं इसका जन्म हमारे देश में हुआ था, आजतक कब्बडी का जन्मदाता ही चैंपियन हैं यह इस खेल के प्रति देश की प्रतिभाओ और जन मानस का जूनून हैं,दुसरे खेलो की बात करे तो क्रिकेट का जन्मदाता इंग्लैंड आज इस खेल में हेय दर्ष्टि से देखा जाता हैं ,मगर कब्बडी में शुरुआत से आजतक हमारी महारत हासिल हैं,आज का लेख कब्बडी प्रेमियों के लिए हैं -इसमे आपको कबड्डी के इतिहास से आज तक ,कबड्डी कैसे खेलते हैं,कबड्डी खेल का मैदान और नियम और कबड्डी खेलना कैसे सीखे इन सभी बिन्दुओ पर यह लेख सग्रह किया गया हैं

essay on kabaddi in hindi / KabaDdi in Hindi

हालाँकि अभी तक ऐसे कोई ज्ञात आकड़े नहीं हैं जहा से इस खेल की शुरुआत मानी जाये इसका कारण यह हैं की यह सदियो पुराना खेल हैं और जन-जन का खेल होने की वजह से इनकी शुरुआत अप्रमाणित हैं… ज्ञात तोर पर पहली कबड्डी प्रतियोगिता 20 वी सदी के दुसरे दशक में खेली गयी जिनमे महाराष्ट्र के सामाजिक सगठनों ने इस खेल को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया .एशियाई देशो में पहली बार सन 2006 में कबड्डी खेल को शामिल किया गया और अलग से मैदान विकसित किया गया था सर्वप्रथम कबड्डी खेल के नियम १९२१ में बनाये गये बाद में १९२३ में फिर इनमे कुछ बदलाव किया गया और ये संशोधित नियम के साथ की अखिल भारतीय कबड्डी टूर्नामेंट में लागु किये गये

History Of Kabaddi

कबड्डी के प्रति लोगो में जाग्रति पैदा करने के लिए सन १९५० में आल इंडिया कबड्डी फेडरेशन की स्थापना की गयी और वर्ष १९५२ में सीनियर राष्ट्रिय चैंपियनशिप की शुरुआत की गयी आज के कबड्डी के सवरूप की शुरुआत १९९० में हुई जब 11वे बीजिग ओलम्पिक में कबड्डी को शामिल किया गया इस ओलम्पिक में भारत में कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता जो बीजिग ओलम्पिक का एकमात्र पदक था
15 वे एशियाई गेम जो दोहा में 2006 को हुए थे पहली बार एशियाई देशो के बिच कबड्डी खेली गयी इसके बाद तो हर एक विश्वस्तरीय खेल प्रतियोगिता में कबड्डी ने अपना स्थान बनाया

कबड्डी खेल के नियम

कबड्डी खिलाडी को पोशाक में बनियान और निक्कर पहननी पड़ती हैं और पेरो में जूते पहन सकते हैं साथ की खिलाडी की बनियान की पीछे की तरफ नंबर लिखे होने चाहिए और हाथो-पैरो के नाख़ून पूरी तरह कटे होने चाहिए और किसी तरह पिन या आभूषन नहीं पहन सकते
लोबी की चौड़ाई 1 मी. तक होती हैं कबड्डी का खेल दो टीमो के बिच खेला जाने वाला खेल होता हैं जिनमे एक टीम में अधिकतम 12 खिलाडी हो सकते हैं जिनमे 7 -7 खिलाडी खेलते हैं अतिरिक्त 5 खिलाडी पास ही बैठे रहते हैं जिन्हें मैच के दोरान बदलाव कर टीम के भीतर लिया जा सकता हैं

कबड्डी के खेल में कुछ स्थतियो में खिलाडी के द्वारा इस तरह के व्यवहार पर पॉइंट काटे या आउट दिए जा सकते हैं
अम्पायर या विपक्षी खिलाडियों के साथ अपमानजनक शब्द का प्रयोग करना ,रेडर का मुह बंद करना ,उन्हें मुक्का मारना या उनकी सांसे रोकने की कोशिश करना ,रेड पर जाने
अधिकारियों को अपमानजनक शब्द कहना,से पहले 5 सेकंड का वक्त ले लेना या रेड में निर्धारित समय से अधिक समय तक विपक्षी पाले में खड़े रहना,जानबूझकर बाल पकड़ना या धक्का या लात मारना,मैदान के बाहर खड़े होकर सलाह देना भी कबड्डी के नियमो के खिलाफ हैं ऐसा निर्धारित टाइम आउट के दोरान ही कर सकते हैं

News Reporter

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