Honeymoon Before Marriage यहां शादी से पहले सुहागरात मनाते है जोड़े

Honeymoon Before Marriage: शादी से पहले लव अफेयर, रिलेशन, सेक्स यह सब तो आपने सुना होगा, लेकिन शादी से पहले सुहागरात, यह आपने कभी नहीं सुना होगा. पर यह सच है, भारत में एक ऐसी जगह जहां लोग शादी से पहले सुहागरात मनाते है. विदेशों में यह बात नोर्मल मानी जाती है लेकिन हमारे देश का कल्चर ऐसा नहीं है. यहाँ सुहागरात शादी की सारी रस्मे पूरी करने के बाद मनाई जाती है.

Honeymoon Before Marriage यहां शादी से पहले सुहागरात मनाते है जोड़े

यह बात भले ही सुनने में अजीब लगे लेकिन यह सच है. आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताएँगे जहां यह सब नोर्मल बात है. छत्तीसगढ़ के पास बस्तर के इलाके में एक जनजाति पाई जाती है जहां शादी से पहले सुहागरात को आम बात माना जाता है. यह जनजाति इसे पवित्र प्रथा मानती है.

इस जनजाति के लोगों का मानना है की इस प्रथा से आज तक इस इलाके में एक भी बलात्कार का केस सामने नहीं आया है. इस प्रथा का नाम है ‘घोटुल’. इस जनजाति के लोगों को ‘मुरिया’ कहा जाता है. इन लोगों ने इस परम्परा को ‘घोटुल’ नाम दिया है. इस प्रथा का लक्ष्य किशोरों को शिक्षा देना है.

यहां के बच्चे दिन में शिक्षा का पाठ पढ़ते है और शाम में मनोरंजन और रात में आनदं लेते है. इस प्रथा में आने वाले लड़के को ‘चेलिक और लड़की को ‘मोटियार’ कहा जाता है. जो लड़का इस प्रथा में आता है और उसे लगता है की वो मेच्योर है. फिर उसे बांस की एक कंघी बनानी होती है. इस कंघी को बनाने में वो अपनी पूरी कला और ताकत लगा देता है. यही कंघी तय करती है की वह किस लड़की को पसंद आएगा.

फिर जिस लड़की को जो लड़का पसंद आता है वह उसकी कंघी चुरा लेती है. इसका मतलब है की वह लड़की उस लड़के को चाहती है. फिर लड़की उस कंघी को बालों में लगाकर घुमती है जिससे लोगों को पता चल जाता है की यह लड़की किसी लड़के को चाहती है.

यहां लड़के और लड़कियों को अपना पसंद का साथी चुनने का पूरा अधिकार होता है. इस जनजाति में कोई स्कूल नहीं होता है बल्कि उन्हें ‘घोटुल’ में ही यह सब शिक्षा दी जाती है. जब बच्चा 10 साल का होता है तभी वो इस प्रथा का हिस्सा बन सकता है.

जब लड़के और लड़की एक दुसरे को पसंद कर लेते है फिर वे अपनी अलग झोपड़ी बना लेते है और उसी में रहने लगते है. इसी झोपड़ी में वे विवाह की सारी रस्मे अदा करते है और सुहागरात भी यही मनाते है. इसमें शारीरिक संतुष्टि बहुत जरुरी होती है. यहाँ के बुजुर्ग लोग इस झोपड़ी की जांच करते है अगर झोपड़ी साफ़-सुथरी है तो लड़का और लड़की यहाँ रह सकते है नहीं तो उन्हें साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

ऐसी ही अजीबो-गरीब प्रथाओं से भरा है अपना भारत देश. इसलिए तो इसे अनेकता में एकता वाला देश कहते है. यहां के हर कोने में कुछ ना कुछ अजीब होता ही रहता है. उम्मीद करता हु की आपको यह अजीबो-गरीब पोस्ट पसंद आई होगी. अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे.

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