भाषण देने का तरीका हिंदी में | How to start a speech in Hindi

भाषण देने का तरीका हिंदी में | How to start a speech in Hindi: कम बोलना और अधिक सुनना अच्छा माना जाता है मगर हर इन्सान में वक्ता के गुण होने चाहिए ताकि वह अपनी बात औरों को कह सके. बहुत से लोग आपने जीवन में देखे होंगे जिसके पास बोलने की अद्भुत क्षमता होती है तथा वे किसी विषय पर एक बार बोलने की शुरुआत करते है तो फिर रूकने का नाम ही नहीं लेते हैं. एक व्यक्ति के साथ संवाद करना ही एक भाषण का रूप है मगर एक बड़ी भीड़ को सबोधित करना थोड़ा कठिन भी हैं. जिसने कभी स्कूल या कॉलेज में कोई भाषण नहीं दिया है तो पहली बार यह उनके लिए काफी कठिन हो  जाता हैं. भाषण देने का सही तरीका क्या है आपकों संक्षिप्त में यहाँ बता रहे हैं. भाषण देने का तरीका हिंदी में | How to start a speech in Hindi

भाषण देने का तरीका हिंदी में | How to start a speech in Hindi

  • भाषण देते हुए मुख्य विचार और लक्ष्य बेहद स्पष्ट होने चाहिए-भाषण देने से पहले दिमाग में तीन बातें स्पष्ट होनी चाहिए. मुख्य विचार, ऑडियश और लक्ष्य. शुरुआत अपने विचार पर फोकस करके की जा सकती है. तय करे कि आपको सुनने वाले कौन होंगे और इसी के अनुसार अपनी स्पीच लिखे. अगर कोई छोटे मंच पर बोलने जा रहे है, तो वाक्य व्यक्तिगत रखे जा सकते हैं.किसी कांफ्रेंस में प्रोफेशनल के बीच है तो तकनीकी भाषा का उपयोग किया जा सकता है. ये ध्यान रखना जरुरी है कि आपका लक्ष्य सभी को पता चल जाए. हो सकता है आप यह भी चाहे कि श्रोता आपकी कही बात को अन्य लोगों तक पहुचाएं.
  • साथ काम करते हुए एक दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं.- कर्मचारियों से एक दूसरे से सीखना भी विकास का एक जरिया है. शोध बताते है कि जब लोगों को कोई कौशल सीखना होता है तो वे अक्सर अपने सहकर्मियों की मदद लेते हैं. संस्थान में इस तरह से सीखना प्रोत्साहित किया जा सकता हैं. इसके लिए एक औपचारिक कार्यक्रम रखा जा सकता हैं. व फेसिलिलेटर को अपोइन्ट कर शुरुआत की जा सकती हैं. यहाँ लोगों को अपने विचार तजुर्बे और सवाल रखते हुए सुरक्षित करवाना जरुरी हैं. सेशन के दौरान सुनिश्चित करे कि जो भी सीखे, वह असल परिस्थतियों पर आधारित हो. जिससे प्रतिभागी अपने सीखे गये कौशल को तुरंत परख सके.
  • एक अच्छा वक्ता बनने के लिए आपका उठना, आपकी चाल और हावभाव भी काफी मायने रखता है. सहज होकर अपने स्थान से मंच तक पहुचे. क्योंकि जब वक्ता का नाम पुकारा जाता है तभी से ही श्रोतागण आपकी ओर अपना ध्यान आकर्षित कर लेते है तथा देखने लगते, इसलिए बनावटी चाल बनाने की बजाय अपने व्यवहारिक ढंग से संबोधन देने की तरफ बढ़े.
  • भाषण का संबोधन मुख्य रूप से मंच पर विराजमान अतिथिगण तथा श्रोताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता हैं. इसके लिए अतिथिगण, सभा मंडल में विराजमान बन्धुओं, भाइयो बहिनों, विद्यार्थियों, सहपाठियों, सहकर्मियों आदि शब्दों का चयन किया जा सकता हैं.
  • भाषण में वक्ता का मैं बना रहना चाहिए. भाषण की शुरुआत में संबोधन के बाद अपने श्रोताओं को विषय से परिचय कराएं जैसे आज मैं नारी सशक्तिकरण के बारे में मेरे विचार आपके समक्ष रख रहा हूँ. इसके पश्चात मूल विषय तथा बिन्दुओं को विस्तार से रखे तथा अंत में आयोजक तथा कार्यक्रम निर्माताओं द्वारा अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देकर आप अपने भाषण को और अधिक आकर्षक रूप दे सकते हैं.

आशा करता हूँ दोस्तों How to start a speech in Hindi में आपकों भाषण देने का तरीका संक्षिप्त में बताया है, उम्मीद करता हूँ ये लेख आपकों अच्छा लगा होगा. इस तरह के छोटे छोटे टिप्स से आप एक अच्छे वक्ता बन सकते हैं. यह जानकारी आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

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