हम जंग न होने देंगे | Hum Jung Na Hone Denge | Hindi Kavita

Hindi Kavita पूर्व प्रधानमन्त्री और हिंदी में अपनी लेखनी से सवेदनशील मानवीय मुद्दों और राष्ट्रिय एकता सहित प्राकृतिक मनोरम को लेकर पूज्य श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कई कवितायेँ लिखी.अटल जी की प्रमुख रचनाओं में मृत्यु या हत्या अमर बलिदान, कैदी कविराय की कुण्डलियाँ, संसद में तीन दशक, अमर आग है, कुछ लेख: कुछ भाषण, सेक्युलर वाद, राजनीति की रपटीली राहें, बिन्दु बिन्दु विचार, इत्यादि।, मेरी इक्यावन कविताएँ. हम जंग न होने देंगे शीर्षक से यहाँ दी गई कविता विश्व शांति के अग्रदूत के रूप में इन्होने रूस और अमेरिका के दो धुर्वो के बिच बटे विश्व से शांति और भाईचारे का आह्वान करते हुए. हिरोशिमा और नागासाकी की घटना की पुराव्रती न होने की प्रतिबद्धता दिखाते हुए भारत पाक को भाई भाई की तरह रहने का संदेश देती यह कविता किस तरह द्विपक्षीय देशों के सम्बन्ध होने चाहिए. इसी विषय पर महान कवि की यह Hindi Kavita 

Hum Jung Na Hone Denge | Hindi Kavita

हम जंग न होने देंगे!
विश्व शांति के हम साधक हैं, जंग न होने देंगे!
कभी न खेतों में फिर खूनी खाद फलेगी,
खलिहानों में नहीं मौत की फसल खिलेगी,
आसमान फिर कभी न अंगारे उगलेगा,
एटम से नागासाकी फिर नहीं जलेगी,
युद्धविहीन विश्व का सपना भंग न होने देंगे।
जंग न होने देंगे।

हथियारों के ढेरों पर जिनका है डेरा,
मुँह में शांति, बगल में बम, धोखे का फेरा,
कफन बेचने वालों से कह दो चिल्लाकर,
दुनिया जान गई है उनका असली चेहरा,
कामयाब हो उनकी चालें, ढंग न होने देंगे।
जंग न होने देंगे।

हमें चाहिए शांति, जिंदगी हमको प्यारी,हमें चाहिए शांति, सृजन की है तैयारी,
हमने छेड़ी जंग भूख से, बीमारी से,
आगे आकर हाथ बटाए दुनिया सारी।
हरी-भरी धरती को खूनी रंग न लेने देंगे
जंग न होने देंगे।

भारत-पाकिस्तान पड़ोसी, साथ-साथ रहना है,
प्यार करें या वार करें, दोनों को ही सहना है,तीन बार लड़ चुके लड़ाई, कितना महँगा सौदा,
रूसी बम हो या अमेरिकी, खून एक बहना है।
जो हम पर गुजरी, बच्चों के संग न होने देंगे।
जंग न होने देंगे।

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