Importance Of Hardwork In Hindi | कठिन परिश्रम का फल कहानी

Importance Of Hard work In Hindi कार्य ही पूजा है कि प्रसिद्ध कहावत आपने जरुर सुनी होगी. दोस्तों इस संसार में ऐसा कुछ भी नही है. जिसे प्राप्त नही किया जा सकता. बस जरुरत है कड़ी मेहनत की. इससे पूर्व हमे कठिन परिश्रम hard work का Importance समझना जरुरी है. आज की यह motivational story यह बता सकती है कि कठिन परिश्रम का फल कितना मीठा होता है. Let Begin hardworking Moral Story…

कठिन परिश्रम का फल (कहानी)/Importance Of Hardwork

एक बार एक बुड्ढा किसान था. उसके एक पुत्र था उसका पुत्र कोई भी काम करने में बेहद आलसी था. मुफ्त की रोटियाँ तोडनी उनकी आदत सी थी.

इसलिए वह अपना अधिक्तर समय पापा की कमाई को खाने और सोकर उसे पचाने में ही पूरा दिन निकाल देता था. हाथ से कोई काम करना उसे कतई पसंद था. इसी आलसी शैली के चलते धीरे-धीरे उसका जीवन और अधिक आलसी होता चला गया.

एक दिन उस किसान ने अपने बेटे को पास बुलाया और कहा-” देखो में तुम्हे प्रत्येक वस्तु दान में देता हु. अब से तुम्हे यू ही निक्कमे बैठे आगे मै कुछ भी नही दुगा. जब तक तुम अपनी मेहनत से 100 रूपये कमाकर नही ले आते हो.

और इस काम को करने के लिए तुम्हे तीन दिन का समय देता हु. वह लड़का अपने मित्रों के पास गया और उनसे एक सौ रूपये का नोट उधार ले आया.

फिर वापिस घर आकर उसने सारे दिन अपना समय खाने और फिर सोने में ही व्यतीत किया. जब पिता शाम को खेत में से काम करके घर आए तो उसने वो 100 रूपये का नोट अपने पिता को दे दिया.

और उसने पिता से कहा- कि दिनभर की कड़ी मेहनत के उपरांत उन्होंने ये कमाई की है. पिता अपने बेटे से भली भांति परिचित था, वह जानता था कि यह पैसे उनकी कमाई के नही है. ऐसा कहकर उन्होंने उस नोट को फेक दिया.

पिता के मुह से यह सच्चाई सुनकर बेटे को भी गुस्सा नही आया वह मुस्कराया और चला गया. अगली सुबह वह आलसी बेटा फिर दुसरे मित्र के पास गया और 100 रूपये उधार ले आया. और अपना शेष समय खाने और सोने में ही व्यतीत किया.

शाम को जब फिर पिताजी घर आए तो उसने वह 100 रूपये का नोट उन्हें दे दिया. पिता ने वह नोट लिया और बीते दिन की तरह उसे भी फाड़कर फैक दिया. अभी तक तुमने मेहनत कर पैसा नही कमाया है, यह नोट तुम्हारा नही है.

तूने अभी तक यह गन्दी आदत नही छोड़ी, पिता द्वारा कहे गये इस शब्दों से बेटे को बिलकुल भी गुस्सा नही आया. लेकिन उसके मन में अभी पिता को धोखा देने की ठसक बाकी थी.

रात के समय उनकी माँ अपने बेटे के पास गई और प्यार से समझाते हुए कहा- बेटा अब तुम्हे काम पर जरुर जाना चाहिए. यदि इस समय तुम कुछ कमाकर अपने पिता को देते हो तो वो तुम पर विशवास करेगे. और अपना सामर्थ्य सिद्ध करने का मात्र एक दिन आपके पास शेष बचा है.

आखिर बेटे ने अपनी माँ की परामर्श को माना और अगली सुबह वह पड़ोसी के खेत में काम करने गया. उसने दिन भर कड़ी मेहनत की और शाम को मजदूरी के 20 रूपये लेकर वापिस लौटा. तथा ये पैसे अपने पिता को दे दिए.

इससे पहले कि वो पिता उस 20 रूपये के नोट को फेक दे वह तेजी से अपने पिता की तरफ झपटा और उस नोट को हाथ से छीन लिया. और पूछा” इस नोट को आप दूर क्यों फेक देना चाहते है मैंने इसे पाने के लिए पुरे दिन तपती धूप में मेहनत कर कमाया है.

पिता मुस्कराएँ और बोले ” मै अब तुम पर विशवास करता हु” आखिकार यह पैसा तुमने मेहनत करके स्वय कमाया है. मै तुमसे आज बहुत खुश हु. आज तुम मेहनत से कमाएं गये पैसे की कीमत समझ गये हो. तथा पिता ने अपनी सम्पूर्ण जायदाद अपने बेटे के नाम कर दी.

मित्रों इस Moral Hindi Story से आप भी समझ चुके होंगे Hardwork का महत्व क्या होता है तथा इसकी जीवन में क्या Importance  है. lazy बनकर जीना सबसे बड़ा निक्क्मापन है जिसका सबसे बड़ा नुकसान हमे ही भोगना पड़ता है. इसलिए आज से यह प्रण कर ले कि life में कभी भी parishram से जी नही चुराएं.

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