Importance Of Diwali Festival In Hindi | Diwali Ka Mahatva | दिवाली का महत्व

Importance Of Diwali Festival In Hindi | Diwali Ka Mahatva | दिवाली का महत्व: दीपावली हिन्दुओं का महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक हैं जिन्हें रोशनी का पर्व अथवा दीपौत्सव के नाम से भी जाना जाता हैं. यह कार्तिक अमावस्या का दिन होता है जो अंग्रेजी कलैंडर के अनुसार अक्टूबर या नवम्बर माह में पड़ता हैं. यदि आप नही जानते कि 2018 में दिवाली कब है तो आपको बता दे इस साल 5 नवम्बर को धनतेरस एवं इसके दो दिन बाद दीपावली का उत्सव मनाया जाता हैं. घर घर में खुशियों के दीपक इस पर्व पर जलाकर अन्धकार पर प्रकाश एवं असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया जाता हैं. यदि आप दिवाली का महत्व नही जानते तो यहाँ आपकों Diwali Importance Essay In Hindi में दीपावली के इतिहास, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक एवं वैज्ञानिक महत्व के बारे में बता रहे हैं.

Importance Of Diwali Festival In Hindi | Diwali Ka Mahatva | दिवाली का महत्व

What Is Importance Of Diwali Festival In Hindi

दीपावली का महत्व | दीवाली का महत्व | why we celebrate diwali: वैसे तो दिवाली को हिन्दुओं का पर्व ही माना जाता है मगर भारत में इसे लगभग सभी धर्म एवं सम्प्रदायों के लोग मनाते आ रहे हैं, 2 शब्दों से मिलकर बने दीपावली शब्द का अर्थ होता है दीपो की पंक्ति अथवा कतार क्योंकि इस दिन बड़ी संख्या में घी के दिये जलाकर घर की चौखट या मुख्य द्वार पर एक लाइन में सजाया जाता हैं. धन सुख सम्पति एवं एश्वर्य की प्रदाता माँ लक्ष्मी का यह पर्व माना जाता हैं.

समय के बदलाव के साथ साथ दिवाली को मनाने के तरीके में भी पर्याप्त बदलाब आ गया हैं. पहले इसे मनाने के लिए लोग घरों को दीयों की रोशनी से सजाते थे. मगर अब समय में काफी बदलाव आ गया हैं. लोग अपने घरों को दीपकों के स्थान पर मोमबत्तियों और विद्युत् बल्बों से सजाते हैं. हालाँकि गाँवों में आज भी मिट्टी के बने दियों के साथ इस परम्परा को जीवित बनाए रखा हैं.

दिवाली मनाने का कारण (about diwali in hindi | history of diwali)

इस त्यौहार को मनाने के पीछे भगवान राम से जुडी हुई एक कथा है जिनके अनुसार उनके पिता दशरथ द्वारा जब इन्हें 14 वर्ष का वनवास मिला था तो वे इसी दिन अपने वनवास की अवधि पूर्ण कर, रावण का अंत कर सीता व लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे. अयोध्या की जनता ने प्रभु श्रीराम का घी के दिए जलाकर स्वागत किया. इस तरह से अमावस्या की अंधकार भरी रात्री में चारो ओर दीपकों की रोशनी से सारी अयोध्या नगरी जगमगा उठी थी. तब से आज तक हम इस प्र्काशोउत्स्व को हर साल मनाते आ रहे हैं.

वही दीपावली का पहला दिन धनतेरस मनाने के पीछे की कथा के अनुसार इस दिन समुद्रमंथन से माँ लक्ष्मी का जन्म हुआ था, इसी कारण उनकी पूजा की जाती हैं. साथ ही इस दिन आयुर्वेद के ज्ञाता भगवान धन्वन्तरी का जन्म भी इसी दिन हुआ था. इस कारन इन्हें के नाम पर इस पर्व को धन तेरस अथवा धन त्रयोदशी के रूप में मनाया जाता हैं.

दिवाली का सामजिक महत्व (Importance Of Diwali)

यह पर्व ऐसे समय में मनाया जाता है जब किसान अपनी खरीफ की फसल को प्राप्त कर चुके होते हैं. चार महीनों की मेहनत के बाद फसल कटाई के बाद उनके पास हर्ष और उल्लास का काफी समय रहता हैं. जिन्हें वो इस तरह के त्योहारों के द्वारा पूर्ण करते हैं. लोग अपने घरो को साफ़ सुथरा बनाते है नयें नयें कपड़े खरीदते है. धनतेरस के दिन बर्तन सोने चादी के आभूषण आदि की खरीद भी की जाती हैं. इस तरह से सभी जगहों पर हंसी ख़ुशी का साफ़ सुथरा माहौल दिवाली का त्योहार ला देता हैं.

दिवाली त्योहार का धार्मिक महत्व (Importance Of Diwali festival essay In Hindi)

देशभर में मनाए जाने वाले इस पर्व को पश्चिम बंगाल में काली पूजा अथवा दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता हैं. इस दिन बड़े बड़े पंडालों एवं पूजा स्थलों में शक्ति की प्रतीक देवी दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना कर पूजा अनुष्ठान के कार्य सम्पन्न किये जाते हैं. माँ दुर्गा का पूजन करने के पीछे मान्यता यह है कि सर्वशक्तिमान देवी हमारे सम्पूर्ण दुखों का हरण करे तथा इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा इसलिए की जाती हैं ताकि वो धन दौलत प्रदान कर जीवन की दरिद्रता का नाश करे, जीवन को साधन सुखमय बनाएं.

दीपावली का आर्थिक महत्व (Diwali Ka Mahatva)

सभी पर्व एवं उत्सवों के अपने सामाजिक धार्मिक एवं आर्थिक महत्व होते है दिवाली को मनाने का भी आर्थिक महत्व हैं. कार्तिक अमावस्या की लक्ष्मी पूजा के बाद ही व्यापारी लोग अपने नये बही खाते की शुरुआत करते हैं. सेठ साहूकारों द्वारा इस दिन तक अपने वर्ष भर के उधारी हिसाब किताब को पूरा करने का यत्न किया जाता हैं. धनतेरस से ही बाजार की सभी दुकाने पटाखे, मिठाइयों तथा कपड़ों से सज धज जाती हैं. दुकानदार तथा कम्पनियां ग्राहकों को आकर्षक ऑफर देती हैं. इस तरह से सोने चांदी, वाहनों, कपड़े तथा मिठाई में साल भर की सबसे अधिक बाजार में तेजी दीवाली के उत्सव पर ही होती हैं.

दिवाली का वैज्ञानिक महत्व (Diwali Festival Importance 2018 – Information, Celebrations)

दिवाली का बड़ा धार्मिक महत्व हैं. यह वर्षा ऋतू की समाप्ति एवं सर्द ऋतु के आगमन के समय मनाया जाता हैं. इस समय तक वातावरण कीट पतंगो से भर जाता हैं. कई हानिकारण जीवाणु कीटाणु बरसात कीचड़ तथा घास फूस के कारण जन्म ले लेते हैं. घरों के आस-पास घास व झाड़ियाँ उग जाती है जो मच्छरों को प्रश्रय देती हैं. इस तरह से इस पर्व पर सफाई करने से पूरा माहौल साफ़ सुथरा हो जाता है तथा बीमारियाँ फैलने की संभावना कम हो जाती हैं. दीपक की रोशनी से भी सैकड़ो हानिकारण कीट पतंग मर जाते हैं इस तरह से दीपावली के समय एक बड़ा स्वच्छता अभियान अनायास ही चल पड़ता हैं. जो हमारे पर्यावरण को साफ़ सुथरा रखने में हमारी मदद भी करता हैं.

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