Independence Day Essay | स्वतंत्रता दिवस निबंध

Essay on Independence Day 2018 In Hindi: तुलसीदास जी ने ठीक ही लिखा हैं, पराधीन सपनेहु सुख नाहि यानि एक गुलाम व्यक्ति कभी न तो सुख चैन से रह सकता हैं. न साँस ले सकता हैं. आज से 72 वर्ष पूर्व तक हमारी भी यही स्थति थी. न तो हमारे देश में कानून कायदे तो थे, मगर अंग्रेजो के बनाये. हम अपने देश में चाहकर भी कुछ नही कर सकते थे.” क्युकि हम पराधीन थे. हम अंग्रेजो के गुलाम थे.आज हम पूरी तरह से स्वतंत्र हैं, दुनियाँ भारत को अपनी आखोँ का तारा मानती हैं. हम तकनिकी, शिक्षा, खेल, विकास जैसे क्षेत्रो में उन देशो से कई कदम आगे हैं. जो हमसे पहले आजाद हुए या गुलामी झेली ही नही. Independence Day Essay (स्वतंत्रता दिवस निबंध) पढिए इस शोर्ट इंडिपेंडेंस डे एस्से.

Independence Day EssayIndependence Day Essay | स्वतंत्रता दिवस निबंध

स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता हैं (Independence Day is celebrated)

देश के सभी नागरिक अपने राष्ट्रिय उत्सवो से पूर्ण परिचित हैं. हर वर्ष 15 अगस्त के दिन देश भर में सभी स्थानों पर स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता हैं.भारत के बाहर जिस देश में भी कोई भारतीय मूल का रहता हैं. वो स्वतंत्रता दिवस के दिन अपने घर में ही इसे तिरंगा फहराकर मनाते हैं.

14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को भारत ने स्वतन्त्रता प्राप्त कर ली थी. अगली सुबह दिल्ली के लाल किले पर पहली दफा तिरंगा फहराकर पुरे देश ने धूमधाम के साथ अपना पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया था. पिछले 70 वर्षो से हम आजादी के इस पावन दिन को मनाते आ रहे हैं. आज हम अपना 72 व़ा स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे हैं.

स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाते हैं ? (Why Celebrate Independence Day)

स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व पुरे देश में हर्ष और उल्लाश के साथ मनाया जाता हैं. इसी दिन 15 अगस्त 1947 को देश के सभी नागरिको को आजाद रहने जो चाहे जब चाहे करने का हक़ मिला था. जो सपना 1857 के क्रांतिकारियों ने देखा था आखिर वो 14 अगस्त 1947 की रात को पूरा हो गया था.आपकों बता दे आजादी के साथ ही भारत का पूर्व निर्धारित विभाजन भी हो चूका था. इस वजह से भारत से एक दिन पहले यानि 14 अगस्त को पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता हैं, जबकि 15 अगस्त को भारत अपना आजादी का दिन मनाता हैं.

करीब 90 वर्षो की खुनी लड़ाई और 200 वर्षो तक के अंग्रेजो के अत्याचारी शासन को उखाड़ने के लिए हजारो-लाखो स्वतन्त्रता प्रेमियों ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी. इसी कारण हम 15 अगस्त को वीर शहीदों की याद में आजादी का यह जश्न मनाते हैं.

स्वतंत्रता का अर्थ (Meaning of Freedom)

व्यवहारिक जीवन में स्वतन्त्रता का अर्थ इस Independence Day Essay की शुरूआती पक्तियों में बताया जा चूका हैं. यदि हम स्वतन्त्रता शब्द के निर्माण पर नजर डाले तो स्व तथा तंत्र शब्दों से मिलकर बने स्वतन्त्रता के दो अर्थ होते हैं. सकारात्मक और नकारात्मक.

नकारात्मक स्वतंत्रता– व्यक्ति पर किसी दुसरे की कोई पाबंदी ना हो, वह जो चाहे वो कर सकता हैं. उसकी मर्जी के खिलाफ कोई शासन या सता निर्थक हैं. वह बिना किसी प्रकार की रुकावट के कोई भी कार्य कर सकता हैं.

सकारात्मक स्वतंत्रता- ये आजादी का दूसरा रूप हैं, जो सभी देशो में अपनाया जाता हैं. इसमे व्यक्ति को सभी तरह की स्वतंत्रता तो मिलती हैं. मगर उनके साथ कुछ उपबन्ध भी जुड़े होते हैं. इसके अतिरिक्त देश की मुख्य नियम प्रणाली जिन्हें सविधान भी कहा जाता हैं, उनकी पालना करनी पडती हैं. इस स्वतंत्रता में एक व्यक्ति को स्वय की स्वतंत्रता का उपयोग करते हुए दुसरे व्यक्ति की आजादी का भी ध्यान रखना पड़ता हैं.

स्वतंत्रता दिवस का महत्व (Importance of Independence Day)

किसी व्यक्ति अथवा राष्ट्र के लिए स्वत्रन्त्रता का बहुत बड़ा महत्व हैं,एक गुलाम मुल्क की कोई पहचान नही होती हैं.न ही किसी तरह के सम्बन्ध अन्य राज्यों के साथ बना सकता हैं. स्वतंत्रता और अधिकार एक दुसरे के पूरक हैं. स्वतंत्रता के बिना अधिकार कोई महत्व के नही होते हैं. स्वतंत्रता को व्यक्ति का प्राक्रतिक मौलिक अधिकार हैं, जिन्हें कोई हडप या छीन नही सकता हैं. मगर कुछ ताकतवर मुल्क ऐसा करने से पीछे नही हटते हैं.

स्वतंत्रता ही एक राष्ट्र की पहचान होती हैं, एक स्वतंत्र मुल्क ही अपने फैसले स्वय ले सकता हैं. अपना विकास कर सकता हैं, दुसरे राष्ट्रों के साथ अपने राजनितिक आर्थिक सम्बन्ध स्थापित कर सकता हैं.

भारत का स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2018 (Independence Day of India 15th August 2018)

हम आजाद हुए आज 72 साल हो चुके हैं, यह दिन एक अमूल्य आजादी की प्राप्ति की खातिर अपनी जान न्योछावर कर देने वाले वीरो को याद करने का हैं. साथ ही यह दिन हैं हमारी वर्तमान स्थति का विश्लेषण करने का. आजादी के इन 72 वर्षो में हमने क्या पाया और क्या खोया.

15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरु ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया था. उसी परम्परा का निर्वहन करते हुए इस बार भी प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी राजपथ चौराहे की परेड और किले की प्राचीर के राष्ट्र को सम्बोधित भी करेगे.

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