Independence Day Poem In Hindi | स्वतंत्रता दिवस पर कविता

Independence Day Poem In Hindi: 15 अगस्त 2017 को हम भारत का 71वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे हैं. ठीक आज से इकहत्तर वर्ष पूर्व हमे गोरों की गुलामी से आजादी मिली थी. प्रत्येक भारतीय का इस दिन सीना चौड़ा हो जाता हैं, पूरा देश परेड और देश प्रेम पर कविताएं और भाषण से आसमान भी गुजायमान हो जाता हैं. स्वतंत्रता दिवस पर देश के सभी शिक्षा संस्थानों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता हैं.

Poem On Independence Day In Hindi

इस दिन प्रत्येक विद्यार्थी का सपना होता हैं, कि वो सम्मानीय मंच पर जाकर स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या या 15 अगस्त के मुख्य समारोह में स्वतन्त्रता दिवस पर कविता,भाषण, निबंध,लेख, नारे या कोई देशभक्ति से पूर्ण भारत पर बाल कविता प्रस्तुत करे. आपके लिए इस अवसर पर बोलने के लिए सभी सामग्री हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी.

Independence Day Poem 2017

भारत माँ का सदन सुहाना,

स्नेह प्रेम सम्मान यहाँ |

दुःख सुख में हैं गूंजा करते,

निशि दिन गौरव गान यहाँ |

नही भेद हैं, जाति धर्म का,

मानवता का मूल यहाँ |

इसका आंगन सुंदर उपवन,

भांति-भांति के फूल यहाँ |
राम रहीम और ईसा से,

मिला श्रेष्टतम ज्ञान यहाँ |
मंदिर-मस्जिद और गिरिजा में,

 

सुलभ एक सा ज्ञान यहाँ |

सदा मित्र बन हाथ बढाते,

नही बैर का नाम यहाँ |

अपने हित से पहले करते,

हम परहित के काम यहाँ |

 

Independence Day Poem In English

bhaarat maan ka sadan suhaana,
sneh prem sammaan yahaan.
duhkh sukh mein hain goonja karate,
nishi din gaurav gaan yahaan.

nahee bhed hain, jaati dharm ka,
maanavata ka mool yahaan.
isaka aangan sundar upavan,
bhaanti-bhaanti ke phool yahaan.

raam raheem aur eesa se,
mila shreshtatam gyaan yahaan.
mandir-masjid aur girija mein,
sulabh ek sa gyaan yahaan.

sada mitr ban haath badhaate,
nahee bair ka naam yahaan.
apane hit se pahale karate,
ham parahit ke kaam yahaan.

Short Poem On Independence Day In Hindi

फर-फर करता शुभ्र गगन में,सदा तिरंगा लहरे|
मुक्त धरा हैं, मुक्त गगन हैं,
ये मुक्त हमारा हिन्द वतन हैं,
मुक्त हमारा जनजीवन हैं,
मुक्त हमारे लाल किले पर,राष्ट्र पताका फहरे|
फर-फर करता शुभ्र गगन में, सदा तिरंगा लहरे||
अधिक स्वर्ग से ही यह प्यारा,
शान हमारी प्राण हमारा,
अर्पण तन मन जीवन सारा,
और ध्वजा यह अपने गगन में भाव भरे हैं गहरे |
फर-फर करता शुभ्र गगन में, सदा तिरंगा लहरे ||
केसरिया शुभ त्याग लिए हैं,
श्वेत शुद्ध अनुराग लिए हैं,
हरे-हरे वन बाग़ लिए हैं,
उन्नति पथ पर चक्र अनवरत,चलता हुआ न ठहरे |
फर-फर करता शुभ्र गगन में, सदा तिरंगा लहरे ||

15 August In English Poem

phar-phar karata shubhr gagan mein,sada tiranga lahare.
mukt dhara hain, mukt gagan hain,
y mukt hamaara hind vatan hain,
mukt hamaara janajeevan hain,
mukt hamaare laal kile par,raashtr pataaka phahare.
phar-phar karata shubhr gagan mein, sada tiranga lahare.
adhik svarg se hee yah pyaara,
shaan hamaaree praan hamaara,
arpan tan man jeevan saara,
aur dhvaja yah apane gagan mein bhaav bhare hain gahare.
phar-phar karata shubhr gagan mein, sada tiranga lahare.
kesariya shubh tyaag lie hain,
shvet shuddh anuraag lie hain,
hare-hare van baag lie hain,
unnati path par chakr anavarat,chalata hua na thahare.
phar-phar karata shubhr gagan mein, sada tiranga lahare.

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