स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech In Hindi

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech In Hindi

स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार हैं, इसके बिना जीवन निअर्थ हैं.

किसी दुसरे के गुलाम रहकर व्यक्ति कभी सूखी नही रह सकता और न ही अपनी इच्छाओ के अनुसार कार्य कर सकता हैं. प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में स्वतंत्रता का बड़ा महत्व हैं. यदि सैकड़ो सालों की दासता के बाद स्वतंत्रता प्राप्त हो तो उसका कद कई गुना तक बढ़ भी जाता हैं.भारत लगभग 900 साल तक गुलाम रहा, जिन पर विदेशी शासकों ने शासन किया.

अत: हम 15 अगस्त 1947 को पूर्ण स्वतंत्र हुए.

आज हम विश्व में ताकतवर देशो में गिने जाते हैं तो इसकी एक वजह हमारी स्वतंत्रता हैं.

इसी स्वतंत्रता प्राप्ति के उपलक्ष्य में सभी भारतवासी प्रतिवर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता मनाते हैं,

यह परम्परा पिछले 70 सालों से चली आ रही हैं.

वर्ष 2017 में हम अपना 71वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे हैं. यह हमारा राष्ट्रिय पर्व है.

हमारे इतिहास में कई बार विदेशी आक्रमणकारियो ने भारत पर आक्रमण किया,

यहाँ के शासकों राजाओं ने कई बार पराजित किया तो कई बार वे विजयी होकर भारत के शासक भी बने.

जिनमे शक हुण, फ़्रांसिसी, मुंगल आदि. मगर ये शासक भारत में आने के साथ ही यहाँ की सभ्यता और संस्कृति के साथ पूरी तरह घुल मिल गये और भारतीय जनता के सेवक के रूप में शासन चलाते रहे.अठारहवी सदी में जब अंग्रजो ने भारत में कुछ हिस्सों पर अधिकार जमाया,तो यहाँ के लोगों को गुलामी का अहसास पहली बार हुआ|अब तक सभी विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत को अपना देश स्वीकार कर यहाँ शासन किया था, किन्तु अंग्रेजो ने पर अधिकार करने के बाद अपने देश इंग्लैड की भलाई के लिए इसका पूरा-पूरा शोषण करना शुरू किया|उन्नीसवी शताब्दी में जब अंग्रेजो ने मुगलों का शासन को उखाड़कर सम्पूर्ण भारत पर अपना राज्य स्थापित किया तो उनके पीछे अपने स्वय हित जुड़े हुए थे.

दिन ब दिन उनके लूट और अत्याचार के किससे बढ़ने लगे,

इसी का नतीजा था भारतीय जनमानस पूरी तरह गरीबी के मकड़ी जाल में फसता हुआ अंग्रेजी शासन के गुलाम हो गया.

इन्ही गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए यहाँ के उत्साही नवयुवको ने अपनी स्वतंत्रता का बिंगुल छेड दिया.

1857 से अगले 90 वर्षो तक स्वतंत्रता के इसी जूनून में अनगिनत देशभक्तों ने अपनी जाने वतन के लिए कुर्बान कर दी,

हजारो देशभक्तों ने कालकोठरियों में अपनी अधिकतर साल व्यतीत किया.

काले पानी और सलाखों के पीछे अमानवीय यातना सहते रहने का यह चक्र 15 अगस्त 1947 तक अनवरत रूप से चलता रहा. इस स्वतंत्रता के सघर्ष में अनगिनत लोगों ने अपने घर परिवार को छोड़कर अपने वतन के लीये मिटने का सकल्प कर चुके थे.नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, भगतसिंह, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, चन्द्रशेखर आजाद, महात्मा गाँधी, सरदार पटेल, राजगुरु, तिलक, पंडित नेहरु ऐसे हजारो नाम जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को आगे बढाया और भारत को स्वतंत्र करवाकर ही दम लिया.जब भारत ने अपनी स्वतंत्रता का सवेरा 15 अगस्त 1947 को देखा तो तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्री जवाहरलाल नेहरु ने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर आज के दिन 15 अगस्त को ही भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने की परम्परा की शुरुआत हुई थी.

जो विगत 70 सालों से निरंतर चली आ रही हैं.

स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रतिवर्ष भारत के प्रधानमन्त्री द्वारा दिल्ली के लाल किले से तिरंगा झंडा फहराया जाता हैं,

21 वी सदी के उपलक्ष्य में 21 तोपों द्वारा तिरंगे को सलामी दी जाती हैं.

साथ ही देशभर में कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं.

इस स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश के राजनेता, फिल्म अभिनेता, अधिकारी और देश के विद्यार्थी इस दिवस पर भाषण देकर अपने शहीदों के वचनों को फिर से दोहराते हैं.स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्रिय पर्व हैं. स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभर में राजकीय अवकाश होते हैं. सरकारी एवं निजी विद्यालयों सहित कार्यालयों, में इस दिन ध्वजारोहण के साथ कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर के लोगों में उत्साह और उमग से भरा रहता हैं. विभिन्न खेल प्रतियोगिताओ पर भी आयोजन करवाया जाता हैं.

देशवासी एक दुसरे को बधाई प्रेषित कर शुभकामना देते हैं.

हमारे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के पश्चात् विभिन्न क्षेत्रो में अच्छा काम करने वाले नागरिको,युवाओं,महिलाओं और विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढाया जाता हैं. साथ ही कार्यक्रम की समाप्ति पर मिष्टान वितरण का कार्यक्रम भी होता हैं.हमारे पहले स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देते हुए पंडित नेहरु ने कहा था. जब रात 12 बजे पूरी दुनिया सो रही होगी,

मगर भारतीय लोग अपनी आजादी की पहली घड़ी का इन्तजार कर रहे हैं.

ऐसा समय बहुत कठिन हैं.

आज हम पराधीन राष्ट्र से स्वतंत्र भारत में प्रवेश कर रहे हैं.

हमारा भारत एक दिन फिर से प्रगति करेगा.

आज नेहरु का यह कथन सत्य साबित होने जा रहा हैं.

आजादी प्राप्ति के तीन वर्ष बाद तक हम अंग्रेजी शासन द्वारा बनाए गये नियम कायदों पर चल रहे थे. मगर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर और अन्य बुद्दिजीवीयों के अथक प्रयास के परिणामस्वरप 26 जनवरी 1950 को हमारा सविधान पुरे देश में लागू कर दिया गया. इस एतिहासिक दिवस को हम गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाते हैं. सही मायनों में हमारे गणतन्त्र बनने के पश्चात् हमे पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त हुई.जो देश हमेशा एक रहा हैं, वो अखंड रहा हैं, यही वजह हैं हम अलग-अलग धर्म जाति क्षेत्र और भाषी होने के उपरांत पहले अपने को भारतीय समझते हैं. यही हमारे देश की एकता हैं, जो अन्यत्र दुर्लभ हैं. हमारी इसी एकता के दम पर आज तेजी से आगे बढ़ रहे हैं,

हमारे दुश्मन मुल्क बस हमारी एकता को तोड़ने में लगे हैं.

जिनके इरादे हमेशा की तरह पस्त कर आगे बढ़ना हम प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य हैं.

यही हमारी स्वतंत्रता का महत्व हैं.

आज भी कई लोग ऐसे हैं, जो पैसे के लिए अपने देश को बेच डालते हैं,

जिनमे राजनेता हो या देश के भीतर रहने वाले देशद्रोही कही भी दंगा फसाद या आतंकी हमले की फिराक में रहते हैं. हमारा दायित्व हैं कि ऐसे गद्दारों के खिलाफ जाति धर्म पन्थ क्षेत्र सर्वस्व भूलकर ऐसे लोगों को दंडित करे और अपनी एकता की तरफ नजर उठाने वाली प्रत्येक बुरीनजर को हमेशा के लिए समाप्त कर दे.भारत का इतिहास इस बात का हमेशा प्रमाण देता आया हैं, कि भिन्न-भिन्न जाति धर्म और भाषा के लोग एक साथ एकता के साथ रहते चले आए हैं. यहाँ कई विदेशी जातिया भी आई मगर हमारे देश की संस्कृति की सुन्दरता में सदा-सदा के लिए यही बस गईं.

एक भारतीय होने के नाते हमे अपनी इस परम्परा का पालन करते रहना हैं इसे और सुद्रढ़ बनाना हैं.

इनमे स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रिय पर्व हमे बार बार इन बातों को याद दिलाता रहेगा. जय हिन्द जय भारत

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