भारत की विदेश नीति का मूल्यांकन | Evaluation Of indian Foreign Policy In Hindi

भारत की विदेश नीति का मूल्यांकन | Evaluation Of indian Foreign Policy In Hindi: भारतीय विदेश नीति प्राय अपने राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करने में समर्थ रही है. यह हमारी विदेश नीति की मुख्य विशेषता है. साथ ही इसने उच्च मानवीय मूल्यों पर आधारित होने के कारण इसे गौरवशाली भी माना जाता है. हालांकि यदा कदा अपने सैनिक एवं आर्थिक हितों को लेकर भारतीय विदेश नीति आलोचना का शिकार रही है.

भारत की विदेश नीति का मूल्यांकन (Evaluation Of indian Foreign Policy In Hindi)

भारत की विदेश नीति का मूल्यांकन (Evaluation Of indian Foreign Policy In Hindi)

भारत की विदेश नीति का लक्ष्य आधार तत्व विशेषताएं Foreign Policy Of India: कुछ विषयों को छोड़कर कहा जा सकता है. कि विश्व के बदलते हुए परिद्रश्य व समय की मांग के अनुसार इसने अपने आप को परिवर्तित किया है. यही कारण है, कि इसमे निरन्तरता व गत्यात्मकता देखी जा सकती है.

भारत ने अपने आर्थिक पहलू को महत्व देना आरम्भ कर दिया है. व्यापार एवं वाणिज्य पर अपनी विदेश नीति को लेकर भारत गंभीर है.

भारत अमेरिका संबंधो में व्यापक सुधार की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है. 2010 तथा पुनः 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से दोनों देशों के बिच बदलाव के संकेत दिखाई दिए है. वर्तमान में डोनाल्ड ट्रम्प एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अच्छा तालमेल है.

दक्षिण एशिया तथा विकासशील देशों के नेतृत्व की भूमिका भी भारत की विदेश नीति में आए सकारात्मक बदलाव की तरफ ईशारा करती है. भारत के परमाणु परिक्षण ने अणुशक्ति पर पश्चिम देशों व चीन के एकाधिकार को तोड़ दिया है. यह सिद्ध करता है कि एक तरफ भारत की विदेश नीति शांति और सद्भाव के प्रति वचनबद्ध है, तो दूसरी तरफ अपने हितों की पूर्ति करने में समर्थ एवं सक्षम है.

भारत की विदेश नीति ने उसकी सांस्कृतिक पहचान को भी विस्तार दिया है. भारतीय कला, भोजन, वेशभूषा, संस्कृति आदि को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है. वस्तुतः विगत दो दशकों में भारत ने आर्थिक एवंम तकनिकी प्रगति की है. अपनी गत्यात्मक विदेश नीति के कारण ही आज भारत को नई वैश्विक भूमिका प्राप्त हुई है.

Evaluation Of indian Foreign Policy In Hindi

  • भारत की विदेश नीति अतीत से लेकर वर्तमान तक गौरवशाली परम्पराओं को अभिव्यक्त करती है. विश्व शांति, मैत्री, विश्व बन्धुत्व एवं सहयोग जैसे श्रेष्ट आदर्श इसके प्रमुख स्तम्भ आधार रहे है.
  • हमारी विदेश नीति का प्रमुख उद्देश्य अपने राष्ट्रीय हितों के साथ अंतर्राष्ट्रीय हितों का समायोजन करना है.
  • भारत की विदेश नीति के प्रमुख निर्धारक तत्वों में तत्कालीन, भौगोलिक तत्व व विचारधारा का प्रभाव उल्लेखनीय है.
  • गुट निरपेक्षता भारत की विदेश नीति की एक प्रमुख विशेषता है. इसका तात्पर्य है कि तत्कालीन गुटों की राजनीती से आप को अलग रख कर अपने देश के विकास पर ध्यान देना.
  • भारत ने पंचशील के सिद्धांतो का प्रतिपादन किया जिसके अंतर्गत अनाक्रमण की नीति अपनाना, एक दूसरे की प्रादेशिक अखंडता का सम्मान, समानता, अहस्तक्षेप की नीति तथा शांतिपूर्ण सह अस्तित्व सम्मिलित है.
  • भारत रंग अथवा जाति प्रजाति के आधार पर भेदभाव करना समानता के अधिकार के प्रतिकूल मानता है. अतः भारत नस्लवाद व रंग भेद का विरोध करता है. ये indian foreign policy के मुख्य objectives & principles रहे है.
  • अंतर्राष्ट्रीय शांति व बन्धुत्व को बनाए रखने के लिए भारत अंतर्राष्ट्रीय संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ का समर्थन करता है.
  • विश्व के बदलते हुए परिद्रश्य एवं परमाणु निशस्त्रीकरण पर परमाणु संपन्न राष्ट्रों की भेदभावपूर्ण नीति से क्षुब्ध होकर भारत ने अपने परमाणु कार्यक्रम को नया रूप प्रदान किया है.

किसी भी देश की विदेश नीति तैयार करने वाले निर्माताओं का दूरदर्शी होना निहायत जरुरी हैं. देश के विदेश विभाग में एक नियोजन मंत्रालय होना चाहिए जो भविष्य की संभावनाओं के बारे में सटीक अनुमान और आंकलन करके देश की फोरेन पालिसी को उस दिशा की और ले जाने के लिए सुझाव दे सके. आने वाले समय का सही सही पूर्वानुमान लगा लेना ही एक सफल विदेश नीति का अहम लक्ष्य होता हैं.

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