कबड्डी के नियम व मूलभूत जानकारी | Kabaddi Rules In Hindi

Kabaddi Rules In Hindi दो टीम के मध्य खेले जाने वाला कबड्डी गेम प्राचीन खेलों में गिना जाता है. शारीरिक व्यायाम एवं स्फूर्ति की  दृष्टि से यह  अन्य सभी भारतीय आउटडोर गेम्स को मात दे देता है. कबड्डी का इतिहास काफी पुराना है, आज से सैकड़ों साल पूर्व इसका स्वरूप व खेलने का तरीका आज के खेल से पूर्ण भिन्न था. आज कबड्डी जिला स्तर से अंतर्राष्ट्रीय  स्तर तक खेला जाता है. दक्षिण भारत में इसे ‘काई- पीडी’ नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है पकड़े रहना. सभवत्या इससे ही कबड्डी शब्द की उत्पत्ति हुई है. देश के  कई  भागों में इसे भिन्न भिन्न नाम से जाना है, यथा-तमिलनाडु में कबड्डी को चादूकट्टू, बंगलादेश में हद्दू, मालद्वीप में भवतिक, पंजाब में कुड्डी, पूर्वी भारत में हू तू तू, आंध्र प्रदेश में चेडूगुडू बोला जाता है.

कबड्डी के नियम व मूलभूत जानकारी (Kabaddi Rules In Hindi)कबड्डी के नियम व मूलभूत जानकारी | Kabaddi Rules In Hindi

कबड्डी का इतिहास व जन्म (History of Kabaddi)

स्फूर्ति के इस दमखम खेल का जन्म कब हुआ, इसे पहली बार कब व कहाँ खेला गया. इस सम्बन्ध में कोई पुष्ट जानकारी नही है. कहा जाता है कि महाभारत काल में कबड्डी का जन्म भारत में ही हुआ. अभिमन्यु व कौरवों के बिच संग्राम के दौरान इसकी झलक मिलती है. मगर सभी लोग इस पर एकमत नही है. दूसरी तरफ ईरान इस खेल को अपने देश से जोड़ता है. यह सच है कि कबड्डी जितना लोकप्रिय भारत में है, अन्य किसी देश में नही है, चाहे वो ईरान हो या अन्य एशियाई देश.

देश के ग्रामीण जनमानस की रग रग में इस खेल का जूनून ही इस बात का सबूत है, कि यह भारतीय खेल था.कबड्डी का वर्तमान स्वरूप 1920 के दशक में महाराष्ट्र से शुरू हुआ, इसी समय इस खेल के नए नियम बनाए गये. तथा पेशेवर खेल के रूप में कबड्डी को भी शामिल किया जाने लगा. 1936 के बर्लिन ओलम्पिक में पहली बार कबड्डी को शामिल किये जाने के बाद विश्व के लोग इससे परिचित हुए. भारत में 1938 में इसे राष्ट्रीय खेलों में सम्मिलित किया गया. आजादी के बाद 1950 में अखिल भारतीय कबड्डी संघ (आल इंडिया कबड्डी फेडरेशन) बनाया गया.

 1971 में पाकिस्तान से स्वतंत्र हुए बांग्लादेश ने कबड्डी को अपने राष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता दी. 1980 में इसकी पहली एशियन कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हुई. भारत में खेले गये एशियन गेम्स 1982 एवं इसके बाद बीजिंग एशियन गेम्स में भी कबड्डी को शामिल किया गया था.

कबड्डी के नियम (rules of kabaddi in hindi)

  • जिसकी कबड्डी जाने की बारी है वह खिलाड़ी बिना सांस तोड़े कबड्डी कबड्डी बोलेगा.
  • उसे टच लाइन पार करनी है, अन्यथा वह आउट माना जाएगा.
  • अगली लाइन बोनस लाइन है. उसको एक पैर से पार कर दूसरा पैर थोड़ा हवा में थोड़ा भी थोड़ा भी उठाने पर एक बोनस अंक अतिरिक्त मिलेगा.
  • इस दौरान जितने भी खिलाड़ियों को छू कर, मध्य रेखा को छू लेगा, उतने ही अंक उस टीम को मिलेंगे.
  • यदि वह पकड़ा जाता है तथा मध्य रेखा तक नही पहुच पाता है, तो वह आउट माना जाएगा. साथ ही विपक्षी टीम को एक अंक मिलेगा.
  • कबड्डी में आउट खिलाड़ी उसी क्रम में वापिस पाले में आएगे, जिस क्रम में वे आउट हुए है.
  • 20 मिनट बाद 10 मिनट का मध्यांतर होगा. मध्यांतर के बाद 20 मिनट का खेल और होगा.
  • जिस टीम के ज्यादा अंक होगे, वह टीम विजेता बन जाएगी.

कबड्डी की प्रमुख प्रतियोगिताएं (Kabaddi tournaments)

जैसा कि उपर जिक्र किया जा चुका है. कबड्डी एक ऐसा खेल है जो घर मोहल्ले से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेला जाने वाला आधुनिक खेल है. हाल ही के वर्षों में इसकी बढ़ती लोकप्रियता के चलते कई बड़े टूर्नामेंट का आयोजन भी किया जाता है. जिनमें स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी टूर्नामेंट तथा वर्ल्ड कबड्डी लीग के अतिरिक्त खेले जाने वाले मुख्य टूर्नामेंट ये है.

  • Asia Kabaddi Cup- ये सभी एशियाई देशों के मध्य खेली जाने वाली महाद्वीपीय प्रतियोगिता है. वैसे भी अधिकतर कबड्डी को चाहने वाले फैन्स इसी रीजन के है. पहली बार एशिया कबड्डी कप 2011 में ईरान में खेला गया, इसके अगले साल इसका आयोजन पाकिस्तान में हुआ, जिसे पाक टीम द्वारा जीता गया था. Circle style की इस प्रतियोगिता का अगला ख़िताब वर्ष 2016 में भी पाकिस्तान के द्वारा जीता गया, जिसमें भारतीय टीम दूसरे स्थान पर रही.

  • एशियाई खेल– एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है, दो साल के अंतराल से आयोजित इस प्रतियोगिता को पहली बार कबड्डी को 1990 में बीजिंग में हुये एशियाई खेलों में शामिल किया गया था। पहले एशियाई खेल में भी भारत द्वारा स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद अब तक हुए 7 आयोजनों में भी भारत ने गोल्ड मैडल जीता है.
  • कबड्डी विश्वकप – इस खेल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है. 2010 के बाद इसका आयोजन हर वर्ष एक नये स्थान पर किया जाता है. जिसमे विश्व की बड़ी टीम हिस्सा लेती है. कबड्डी विश्वकप का पहला आयोजन 2004 में किया गया, इसके बाद ये 2007 व 2010 क्रमशः तीन वर्षों के अंतराल से खेला जाता था. कबड्डी विश्व कप 2017 का आयोजन भारत के अहमदाबाद शहर में हुआ था, जिसमें भारत ने ईरान को कड़े मुकाबले में हराते हुए खिताब अपने नाम किया था. इस टूर्नामेंट में अभी तक भारत का दबदबा कायम है.
  • महिला कबड्डी विश्व कप– यह एक महिला प्रतियोगिता है. 2012 में इसका पहला आयोजन हुआ था. इसके बाद 2014 में इसका अगला टूर्नामेंट खेला गया था. भारतीय महिला कबड्डी टीम ने इन दोनों संस्करणों को अपने नाम कर यह जता दिया था, कि वो ही कबड्डी के असली बादशाह है.
  • प्रो कबड्डी लीग – आईपीएल की बिसात पर शुरू किया गया यह कबड्डी टूर्नामेंट बेहद लोकप्रिय है. 2014 में इसका पहला आयोजन किया गया था. इसे स्टार स्पोर्ट्स प्रो टूर्नामेंट भी कहा जाता है. स्टार स्पोर्ट्स 1,2 और hd पर इसका हिंदी व अंग्रेजी में सीधा   प्रसारण होता है. विश्व स्तर पर कबड्डी की मार्केटिंग और प्रमोशन में इस खेल प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण स्थान रहा है.

इसके अतिरिक्त यूके कबड्डी कप और विश्व कबड्डी लीग जिसका आयोजन क्रमशः इंग्लैंड व संयुक्त राज्य अमेरिका में होता है. काफी लोकप्रिय टूर्नामेंट है.

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