प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना | Kaushal Vikas Yojna

Kaushal Vikas Yojna: भारत एक युवा देश हैं एवं युवा शक्ति का सर्वोतम उपयोग तभी संभव हैं जब युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास, उधमशीलता एवं खोज की प्रवृति जाग्रत हो. इसी उद्देश्य से 15 जुलाई 2015 को भारत सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम युवा कौशल दिवस मनाया गया, तथा प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को प्रारम्भ किया. केंद्र एवं राज्य सरकार का लक्ष्य बहुत तेज गति से बड़ी संख्या में कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करवाकर भारत को विश्व में मानव संसाधन की राजधानी बनाना हैं.

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (Kaushal Vikas Yojna)

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है

प्रथम युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रधानमन्त्री ने ” प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना” (PMKVY) और कौशल ऋण योजना (KRY) का शुभारम्भ किया. प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का लक्ष्य 24 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर उनका कौशल बढ़ाना हैं. कौशल ऋण योजना के तहत देशभर के 34 लाख कुशल (SKILLED) बेरोजगारों को अगले 5 वर्षो में इनकी आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.

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राजस्थान भारत का पहला राज्य हैं जिसने सितम्बर 2004 में राजस्थान आजीविका मिशन-आरमोल (RMOL) की स्थापना की. इस योजना का मुख्य उद्देश्य कमजोर एवं गरीब लोगों के लिए बड़े पैमाने पर आजीविका के सृजन एवं प्रोत्साहन हेतु नई एवं उचित रणनीति तैयार करना तथा उनको क्रियान्वित करना हैं. कौशल विकास कार्यक्रमों को और गति तथा नया आयाम देते हुए केंद्र सरकार के निर्णय के अनुरूप राज्य मंत्रिमंडल के आदेशानुसार एक पृथक विभाग कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता का गठन किया गया. वर्तमान में प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कौशल योजनाओं का सममेलन हुआ हैं. ताकि अधिक से अधिक युवा वर्ग को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का लाभ मिल सके.

वर्तमान में राजस्थान सरकार द्वारा कौशल प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना प्राथमिकता रही हैं. राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य के बेरोजगार, गरीब एवं स्कुल ड्रापआउट हेतु प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्रदान करना हैं. ताकि युवा बेहतर आजीविका प्राप्त कर सके.

इसी विचार को ध्यान में रखकर राजस्थान सरकार ने विभिन्न प्रकार की योजनाएँ प्रारम्भ की हैं.

जिनका विवरण इस प्रकार हैं.

  1. कौशल विकास योजना ( SKILL DEVELOPMENT PROGRAMME)
  2. उद्यमशीलता विकास योजना (ENTERPRENEURSHIP DEVELOPMENT)
  3. नवाचार प्रोत्साहन (STARTUP INITIATIVE)

कौशल विकास योजना

इस योजना का उद्देश्य व्यक्ति में उसकी योग्यता के अनुसार कौशल का विकास करना हैं.जिसके द्वारा व्यक्ति आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके.

उद्यमशीलता विकास योजना

इस योजना का उद्देश्य व्यक्ति में उद्यमिता की भावना विकास करना एवं उसे एक सफल व्यवसायी के रूप में स्थापित करना हैं. जिससे वह स्वय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके, एवं अन्य व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध करवा सके.

नवाचार प्रोत्साहन

इसके अंतर्गत तीक्षण बुद्दि रखने वाले व्यक्ति मानव जाति के हित में ऐसे नवीन उत्पाद एवं सेवाएँ की खोज करते रहते हैं. जिससे व्यक्तियों की आय बढ़ सके. इन उत्पाद और सेवाओं के सन्दर्भ में राज्य सरकार की आर्थिक मदद, विपणन एवं संचालन में मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दिया जाता हैं.

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के उद्देश्य

कौशल राजस्थान का मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास जगाना, उत्पादकता में सुधार लाना एवं उचित कौशल विकास के माध्यम से जीवन को दिशा देना हैं. कौशल विकास योजना के अंतर्गत राज्य सरकार का उदेश्य शहरी, ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रो में शैक्षिक संस्थानों, गैर शैक्षिक संस्थानों, सरकार तथा समाज के युवाओं के कौशल विकास तथा प्रशिक्षण में मदद करना हैं.

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की विशेषताएँ

  1. कौशल विकास के माध्यम से युवकों को रोजगार प्रदान कर उनकी उद्यमशीलता में सुधार लाना हैं.
  2. जिन स्थलों पर कौशल विकास अपर्याप्त और नही के बराबर हैं, ऐसे स्थानों पर कौशल विकास के कार्यक्रमों को संचालित करना हैं.
  3. कौशल विकास कार्यक्रम के द्वारा पारम्परिक उद्योगों को भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता हैं.
  4. कौशल विकास द्वारा नई तकनीक का प्रयोग करना हैं.
  5. प्रधानमन्त्री कौशल विकास द्वारा कार्यक्षमता को बढ़ाना हैं.
  6. कौशल विकास द्वारा वस्तुओ की गुणवत्ता को बढ़ाना हैं.

राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास मिशन द्वारा चलाए गये कार्यक्रम

कौशल विकास एवं आजीविका मिशन को नया आयाम देते हुए राज्य सरकार ने 28 जनवरी 2014 को एक प्रथक विभाग कौशल विकास एवं उद्यमिता का गठन किया. इस विभाग में प्रदेश में विभागों द्वारा भूतकाल में चलाई गईं विभिन्न कौशल योजनाओं का समामेलित किया गया हैं.

ताकि प्रदेश के युवा ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सके.इन योजनाओं का उदेश्य कौशल प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण उपरान्त रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है. ताकि युवा बेहतर आजीविका अर्जित कर सके. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कौशल प्रशिक्षण लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निम्नलिखित प्रशिक्षण कार्यक्रम कियान्वित किये जा रहे हैं.

  • रोजगार परक लघु अवधि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम (ELSTP)
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास (DDU-GKY)
  • नियमित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम (RSTP)
  • प्राविधिक शिक्षा प्रशिक्षण (आईटीआई)
  • कनव जरस  प्रोत्साहन
  • कौशल विकास पहल योजना (SDIS)

राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 13 दिसम्बर 2013 से 30 अप्रैल 2016 तक कुल 123785 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चूका हैं.

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