Leadership Essay in Hindi | लीडरशिप पर निबंध

Leadership Essay in Hindi: लीडरशिप या नेतृत्व यह एक गुण है जो बहुत कम लोगों में ही पाया जाता हैं. बहिर्मुखी स्वभाव के लोग जो सार्वजनिक जीवन बिताते तथा अपने साथ अपने समाज देश को आगे ले जाने की सोच रखते है वे लीडर कहलाते हैं. एक अच्छा लीडर एक अच्छा मार्गदर्शक भी होता है उसे अच्छे बुरे सही गलत की परख होती है. लोकप्रियता वह पहली कसौटी है जिसके बिना लीडरशिप का कोई महत्व नहीं रह जाता हैं. नेतृत्व क्षमता कुछ लोगों में जन्मजात होती है कुछ जीवन के अनुभव से स्वयं को इस और ढाल लेते हैं. आज के निबंध में Leadership Essay में जानेगे की विद्यार्थिओं में नेतृत्व गुण कैसे विकसित करे what are the qualities of a good leader होनी चाहिए.Leadership Essay in Hindi | लीडरशिप पर निबंध

Leadership Essay in Hindi | लीडरशिप पर निबंध

leadership in Hindi pdf speech on leadership in Hindi: लीडरशिप से आप क्या समझते है. हम उन लीडर की बात नहीं कर रहे हैं. जो राजनीति में होते है. हम लीडरशिप की बात कर रहे हैं, लीडरशिप का अर्थ है नेतृत्व. जो व्यक्ति हर परिस्थति का सामना करने को तैयार होता हैं, समस्याओं से जूझता हैं. ईमानदारी और परिश्रम से हर चुनौती का सामना करना जानता हैं, उसमें नेतृत्व की क्षमता कूट कूट कर भरी होती हैं.

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नेतृत्व की कला का मालिक हर क्षेत्र में जीत हासिल करता है. नेतृत्व को अपने जीवन का अंग बनाने के लिए बचपन से ही प्रयास करने चाहिए. इसके लिए बचपन से ही आशा और आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए. आशा निर्जीव को भी सजीव कर सकती हैं. और आत्म विश्वास से व्यक्ति विश्व की फतह कर सकता हैं.

यकीन नही आता तो अपने आस-पास के व्यक्तियों, मसलन सबसे कम उम्रः की एवरेस्ट विजेता मालावत पूर्णा, दिव्यांग एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा को देखिये. इन्होने अपने संकल्प हौसले, आशा और आत्मविश्वास से नेतृत्व कर असीम सफलता प्राप्त की हैं. इसी तरह डिजिटल क्रांति के जनक स्टीव जॉब्स ने अपने जीवन में अनेक परेशानिया उठाकर नेतृत्व की भावना को इतना बलवती कर दिया कि आज अनेक आईपोड, उच्च कोटि के फोन उन्ही की देन हैं.

लीडरशिप पर निबंध – leadership definition essay

संयुक्त राज्य अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन अनेक बार असफल हुए, लेकिन आशा और आत्मविश्वास ने उन्हें पूरी दुनिया में प्रसिद्ध कर दिया. उनके सफल नेतृत्व की मिसाल आज तक दी जाती हैं. आशा एक ऐसी संजीवनी है, जो मरते हुए व्यक्ति को जीवन देती हैं.

आशान्वित व्यक्तियों में ही लीडरशिप की भावना कूट कूटकर भरी होती हैं. जिस तरह आशा सकारात्मक सोच से व्यक्ति के मन और दिमाग में अपनी जगह बनाती है, उसी तरह आत्मविश्वास व्यक्ति को निर्भीक और साहसी बनाता हैं. डेल कार्नेगी कहते है” आत्मविश्वास बढ़ाने का तरीका यह है कि तुम वह काम करो जिससे तुम डरते हो.

इस प्रकार ज्यो ज्यो तुम्हे सफलता मिलती जाएगी, तुम्हारा आत्मविश्वास बढ़ता जाएगा. जीवन में सफलता पाने के लिए लीडरशिप के शिप पर सवार होना बहुत जरुरी हैं. नेतृत्व की भावना से व्यक्ति हार को भी सहजता से ग्रहण करता हैं. और फिर उसे पायदान बनाकर सफलता की मंजिल पर पहुचता हैं.

नेतृत्व से भरपूर व्यक्ति स्वयं तो आगे बढ़ते ही है, इसके साथ ही वे अपने साथ ऐसे व्यक्तियों को भी ले चलते है जिनमे लीडरशिप, आशा और आत्मविश्वास की कमी होती हैं. ऐसा करने से एक दिन उन लोगों में भी लीडरशिप आ जाती है, जो अपने लीडर के साथ होते हैं. आप भी लीडर बने और अपने साथ ऐसे बच्चों को शामिल करे, जिनमें आशा और आत्मविश्वास की कमी हो. ऐसा करके आप सबके चहेते बन जाएगे और कह्लाएगे एक सफल लीडर.

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