वैधता का अर्थ व परिभाषा | Legitimacy Meaning In Hindi

वैधता का अर्थ व परिभाषा | Legitimacy Meaning In Hindi: इस शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के लेजिटीमश से हुई.  वैधता का अर्थ Legitimacy Meaning का अर्थ हुआ Lawful अर्थात वैधानिक. वैधता अर्थात औचित्यपूर्णता का लम्बा इतिहास रहा है. प्लेटो ने न्याय सिद्धांत द्वारा व अरस्तु ने संवैधानिक शासन द्वारा शासक की वैधता अंग्रेजी में Meaning Of Legitimacy को सिद्ध करने का प्रयास किया हैं. इससे पूर्व भारतीय दर्शन मे भी Legitimacy का अप्रत्यक्ष वर्णन मिलता है. मनु स्मृति, कौटिल्य के अर्थशास्त्र में राजा या स्वामी के सभी अधिकारों कुछ कर्तव्यों के साथ प्रदान किये हैं. आज हम इस लेख में Legitimacy Meaning In Hindi में वैधता के अर्थ के विस्तार से जानेगे.वैधता का अर्थ व परिभाषा | Legitimacy Meaning In Hindi

वैधता का अर्थ व परिभाषा | Legitimacy Meaning In Hindi

Legitimacy Meaning in Hindi, Definition of Legitimacy, Hindi Meaning of Legitimacy: प्रजा पालन व जनकल्याण उन राजाओं को उनके मूल कर्तव्य के रूप में दी गई हैं. मध्यकाल में राजा को दैवी उत्पत्ति के सिद्धांत को राज्य की वैधता का आधार माना गया. होब्स, लोक एवं रूसों ने दैवी उत्पत्ति के स्थान पर लोगों की सहमति से राज्य की वैधता को आधार बनाया.

आधुनिक लोकतांत्रिक शासन में जनता की सहभागिता को राज्य की वैधता का प्रमाण माना जाता हैं. वास्तव में वैधता उस कारण की ओर इशारा करती है, जिन कारणों से हम किसी भी सत्ता को स्वीकार करते हैं. इसका अर्थ उस सहमति से है जो लोगों द्वारा राजनीतिक व्यवस्था को दी जाती हैं. यदि किसी राजनीतिक व्यवस्था को लोगों की ऐसी स्वीकृति प्राप्त नहीं होती तब वह व्यवस्था में अधिक समय तक अस्तित्व में नहीं रह सकती हैं.

मतदान, जनमत, संचार के साधन, राष्ट्रवाद आदि वे साधन है, जिनके माध्यम से वैधता को प्राप्त किया जा सकता हैं. वैधता ग्रीन के इस कथन को सिद्ध करती है कि इच्छा न कि बल राज्य का आधार होता हैं.

वैधता क्या है इसकी सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में (What is Legitimacy Meaning in Hindi)

वैधता वास्तव में शक्ति और सत्ता के बीच की कड़ी हैं. कोई भी शासक शक्ति के आधार पर व्यक्ति को बाहरी रूप से नियंत्रित कर सकता हैं. लेकिन वैधता के आधार पर वह लोगों के ह्रदय पर शासन कर सकता हैं. इसी कारण लोकतंत्र और अधिनायकतंत्र में अंतर् करने के लिए यह तर्क दिया जाता है कि लोकतंत्र का प्रधान लक्षण वैधता हैं.

जबकि अधिनायकतंत्र मुख्यतः शक्ति या बल प्रयोग पर आधारित है. प्रत्येक राजनीतिक व्यवस्था को वैधता बनाए रखने के लिए प्रयत्न करने होते हैं. क्योंकि राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक और सांस्कृतिक परिस्थतियों में निरंतर परिवर्तन होते रहते हैं. यदि राजनीतिक व्यवस्था अपने आपकों इन परिवर्तनों के अनुरूप नहीं बना पाती है तब उनकी वैधता समाप्त होती हैं.

प्राचीन काल में राजतंत्रिय व्यवस्था थी, कालान्तर में लोकतांत्रिक तत्वों का उदय हुआ. जिन राजनीतिक व्यवस्थाओं ने अपने आपकों लोकतन्त्रीय तत्वों के अनुरूप ढाल लिया, उनकी वैधता बनी रही, लेकिन जो ऐसा नहीं कर पाए वहां क्रांति की स्थिति बनी. साम्यवादी समयानुकूल नहीं बदल सकी, आज इसकी कोई वैधता नहीं हैं.

इसी तरह नवीन अवस्थाओं को कई बार परम्परागत संस्थाएं एवं समूह स्वीकार नहीं करते क्योकि इनका अस्तित्व ही समाप्त हो जाता है. ऐसी स्थिति में यह पूरी ताकत के साथ नवीन व्यवस्था को चुनौती देते है. इसी प्रकार नवीन समूहों के राजनीति में प्रवेश भी वैधता को प्रभावित करते हैं.

यदि इनके प्रवेश को पुराना वर्ग स्वीकार कर ले तब तो वैधता को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन यदि वे बाधा पैदा करते हैं. तब वैधता को भी बाधा पहुचती हैं. इसके अलावाक अनेक बार राजनीतिक व्यवस्थाओं से अत्यधिक आकांक्षाएं भी वैधता को प्रभावित करती हैं. जब राजनीतिक व्यवस्थाएं जनसामान्य की इन आशाओं को पूरा नहीं कर पाती है तब लोग उनके खिलाफ क्रांति एवं तख्तापलट को तैयार हो जाते हैं.

अनेक एशियाई अफ़्रीकी देशों में ऐसे तख्तापलट होते रहे हैं. ऐसे में राजनीतिक व्यवस्थाएं अपने आपकों नवीन व्यवस्था के अनुरूप ढालकर परम्पराओं की रक्षा कर तथा व्यक्तिगत गुणों के आधार पर वैधता के संकट का सामना करने का प्रयास भी करते हैं.

इस तरह शक्ति, सत्ता एवं वैधता की अवधारणाएं एक दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुडी हुई हैं. शक्ति के बिना समाज में शांति व्यवस्था, न्याय और खुशहाली की स्थापना नहीं की जा सकती हैं. परन्तु शक्ति की भूमिका सबसे ज्यादा प्रभावशाली सिद्ध होती हैं. जहाँ वह केवल बल प्रयोग का साधन नहीं रह जाती हैं बल्कि वैधता के साथ जुड़कर सत्ता का रूप धारण कर लेती हैं.

समाज में व्यवस्था कायम करने के लिए वैधता और शक्ति एक दूसरे के पूरक की भूमिका निभाती हैं. यदि हम शक्ति की तुलना नंगी तलवार से करे तो सत्ता अपने म्यान में ढकी तलवार हैं. जो जरूरत पड़ने पर ही निकाली जाती है. वास्तव में जब शासक की शक्ति सत्ता का रूप लेती हैं. तब उसका अधिकार बन जाती हैं. और चूँकि सत्ता में वैधता जुडी होती है. इसलिए नागरिकों के लिए आज्ञापालन उनका कर्तव्य बन जाता हैं.

उम्मीद करता हूँ दोस्तों आपकों Legitimacy Meaning In Hindi & वैधता का अर्थ के लेख में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी. इस लेख में हमने आपकों Legitimacy Meaning के बारे में विस्तार से जानकारी दी हैं. लेख अच्छा लगा हो तो प्लीज अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

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