मगध साम्राज्य का इतिहास | Magadha Empire History In Hindi

मगध साम्राज्य का इतिहास | Magadha Empire History In Hindi : मगध साम्राज्यवाद का उदय और विस्तार प्राक मौर्यकालीन भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटना थी. मगध साम्राज्यवाद के उदय के कई कारण थे. आज के मगध साम्राज्य इतिहास में हम इसकी भौगोलिक स्थिति विस्तार सैन्य संगठन एवं मुख्य शासकों के बारें में जानेगे.

Magadha Empire History In Hindi

Magadha Empire History In Hindi
Map: History Of Magadha Empire In Hindi

मगध की भौगोलिक स्थिति Geography of Magadha Hindi

  • यह उत्तरी भारत के विशाल तटवर्ती मैदानों के ऊपरी और निचले भाग के मध्य अति सुरक्षित स्थिति में अवस्थित था.
  • इसकी दोनों ही राजधानियां राजगृह एवं पाटलिपुत्र सामरिक दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित थी.
  • राजगृह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ था, अतः इस पर दुश्मन आसानी से आक्रमण कर विजय प्राप्त नही कर सकते थे.
  • राजगृह के समान पाटलिपुत्र की सामरिक स्थिति भी अत्यंत सुद्रढ़ थी. यह वस्तुतः जल दुर्ग के समान था जिसके चारों तरफ नदियाँ थी. इसलिए विदेशी आक्रमण की चिंता से मुक्त होकर मगध के शासक साम्राज्य विस्तार की ओर समुचित ध्यान दे सके.

आर्थिक साधनों की बहुलता (Rise of the Magadha Empire)

  • मगध का क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ था.
  • अतिरिक्त उत्पादन के आधार पर उद्योग धंधों एवं व्यापार वाणिज्य का भी विकास हुआ.
  • उद्योग धंधों के विकास के साथ छठी शताब्दी ई पू से नगरो का उत्थान हुआ सिक्कों का भी प्रचलन होने लगा जिससे राज्यों को आर्थिक सम्पनता में हिस्सा मिला.
  • विभिन्न प्रकार के के उगाहे गये करों के आधार पर उत्पन्न आर्थिक सम्पन्नता ने भी उसे अपनी सैन्य शक्ति के रूप में संगठन और विस्तार का मौका दिया.

मगध साम्राज्य का सैन्य संगठन (Magadha Empire military organization Facts)

  • मगध के इर्द गिर्द जंगली इलाके से हाथी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हुए जिसके बल पर मगध की सेना में हाथियों की टुकड़ी का विशेष महत्व हो गया. हाथियों को दलदली इलाकों में व्यवहार में लाया जा सकता था. तथा दुर्गों को भेदने का काम भी लाया जा सकता था, जबकि अन्य समकालीन शासकों के पास गज सेना की कमी थी.
  • मगध के क्षेत्र में लोहे की अनेक खदाने थी. इन खानों से प्राप्त लोहें से युद्ध के नयें अस्त्र शस्त्र तैयार किये गये, जबकि अन्य राज्यों के पास लोहे की कमी थी.

मगध के शासकों का योगदान

  • मगध में एक के बाद एक ऐसे शक्तिशाली शासक हुए, जिन्होंने सैन्य बल और कूटनीति ने आधार पर मगध की सीमा का विस्तार किया, जिसमें बिम्बिसार, अजातशत्रु, शिशुनाग तथा महापद्मनन्द आदि प्रमुख थे.

मगध का स्वतंत्र वातावरण

  • मगध में अनार्य तत्वों की बहुलता के कारण आर्यों का प्रभाव कम था. यहाँ के लोगों में प्रसार की प्रवृति और उत्साह अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक था.

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