विश्व गौरैया दिवस पर विशेष : गौरैया पक्षी क्यों है इतना ख़ास

march 2018 world sparrow day celebrated house In Hindi: गौरैया संरक्षण को लेकर भारत सरकार एवं विभिन्न राज्यों की सरकारों द्वारा विभिन्न कदम उठाए गये है. इसके बावजूद इसकी संख्या में निरंतर कमी दर्ज की जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में गौरैया की संख्या में 50 फीसदी तक कमी देखने की मिली है. आज हालत यह है कि गौरैया पक्षी विलुप्ति की कगार पर आ चूका है. विश्व गौरैया दिवस के जरिये इस पक्षी के संरक्षण एवं लोगों के बिच जागरूकता पैदा करने के प्रयास चल रहे है.

world sparrow day in celebrated Hindi

गौरैया का वैज्ञानिक नाम Passer domesticus है, यह घर के आंगन एवं खेत खलिहानों में अक्सर चहचहाहट करती नजर आया करती थी. घर के आगंन में बिखेरे अनाज के दानों को अपनी चोंच में दबाकर अपने घोसले की तरफ उड़ान भरने के ये दृश्य अधिक पुराने नही है.

इंसान के अपने स्वार्थ की वजहों से आज गौरैया प्रजाति पूर्ण खतरे में पड़ चुकी है, अक्सर घर के बच्चों की तरह आगन में उछल कूद मचाने वाली गौरैया मनुष्य की सहजीवी पक्षी जाति रही है. हमारे शहरीकरण एवं प्रकृति के साथ स्वार्थ के खेल ने इसे अपने घर से बेघर कर दिया है.

पेस्टीसाइड गौरैया के बारे में जानकारी (Information about pesticide sparrows)

“world sparrow day”- गोरैया को जन्तुओं के गोबर में पड़े अनाज के दानो को खाकर ही अपनी आजीविका चलाती है. यही वजह है कि ये पशुओं के बाड़े के आस-पास मडराती हुई नजर आया करती है. Maharashtra, Karnataka, Tamil Nadu, Uttarakhand, Gujarat एवं बिहार में इनकी अधिकतर संख्या पाई जाती है. 2013 में गौरेया संरक्षण के लिए इसे बिहार का राजकीय पक्षी घोषित किया गया था. साथ ही 20 मार्च के दिन विश्व गौरैया दिवस पर इसके बचाव के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है.

गोरैया के लिए पसंदीदा भोजन सुखाए हुए अनाज हुआ करते थे, जो अकसर ग्रामीण अंचलों में मिल जाया करते थे. गेहू, चावल, दाल को धोकर सुखाने के बाद गोरैया आराम से अपना भोजन बना लेती थी, मगर आज पैकिंग भोज्य सामग्री के आने के कारण इन्हें खाने के संकट का सामना करना पड़ रहा है.

पेस्टीसाइड गौरैया की विलुप्ति का बड़ा कारण (The major cause of extinction of pesticide sparrows)

यदि किसी जाति का विनाश करना हो तो इसके आवास एवं भोजन के रास्ते बंद कर दो, स्वतः ही वह समाप्त हो जाएगी. गौरैया के विलुप्त होने का भी यही कारण है गाँवों से शहरों को पलायन, खेतों में रासायनिक दवाइयों एवं कीटनाशक का उपयोग, पेड़ो की कटाई इसकी विलुप्ति के मुख्य कारण रहे है. इतनी विषम परिस्थतियों के बाद भी गौरैया की आज भी जिजीविषा बनी हुई है तभी तो हम अपने आस-पास इसके दर्शन कर पाते है.

अक्सर खुले आंगन में फुदकने वाले, बच्चों के आगे पीछे अठखेलियाँ करती कई पक्षियों की जातियां आज गायब हो रही है. आज हमने अपनी सुरक्षा और नयी जीवन शैली के अनुसार घर इस प्रकार तैयार किये है, जिसमे परिंदा भी पर नही मार सकता. आज यह कहावत हमारे घरों को देखकर यथार्थ नजर आ रही है. वाकई में जालियों से बंद घर के दरवाजे एवं खिडकियों वाले निवास में घौसला बनाना तो दूर की बात है, अन्दर प्रवेश करना भी असंभव कर दिया है. यदि हम इसी प्रकार अनेकों जीवो को अपने से दूर करते गये तो यक़ीनन वो दिन दूर नही जब हमे इनके दर्शन भी ना मिले.

Hope you find this post about ” world sparrow day in Hindi” useful. if you like this article please share on Facebook & Whatsapp. and for latest update keep visit daily on hihindi.com.

Note: We try hard for correctness and accuracy. please tell us If you see something that doesn’t look correct in this article about house sparrow and if you have more information pesticide sparrows in Hindi then help for the improvements this article.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *