Indian Marriage Promises जानिए शादी के 7 वचनों के बारे में

Indian Marriage Promises (शादी के 7 वचन): शादी का घर खुशियों का पड़ाव होता है. रंग, खुशबु, मधुर ध्वनियाँ, धीमी-धीमी हंसीकी फुहारों के साथ खुशियों का मेल यहाँ मिलता है. शादी जहां होती है वो जगह सुनहरा रूप धर लेती है. ऐसा लगता है जैसे सभी पर्व मनाने पूरा परिवार एक साथ आ गया है. शादी सबसे ख़ास दुल्हे और दुल्हन के लिए होती है. दोनों एक नए जीवन-सूत्र में बंधने वाले होते है.

शादी के सांत फेरों के साथ सांत वचन भी होते है. यह वचन पति-पत्नी के एक साथ एक-दुसरे का हर सुख-दुःख में साथ देने का प्रतीक है. हर वचन निभाते-निभाते उनका रिश्ता और ज्यादा मजबूत होने लगता है. आज में आपको शादी के उन सांत वचनों के बारे में बताने वाला हु, जो दूल्हा और दुल्हन फेरों के समय लेते है.

Indian Marriage Promises (शादी के सांत वचन)

पहला वचन : साथ भोजन करने का  

इस वचन में एक दुसरे को शुद्द और पौष्टिक भोजन दे पाने के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगते है. पहला वचन जीवन के आधार की और इशारा करता है. भोजन के अभाव में जीवन का कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है. खाने के साथ-साथ परिवार तीन बार एक साथ जुड़ जाता है.

दूसरा वचन : कमजोर पक्ष को संभालना

शरीर को अच्छा पोषण देने के बाद युगल ईश्वर से प्रार्थना करता है की वे मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक उर्जा से परिपूर्ण हो और एक दुसरे के कमजोर पक्षों को सँभालते हुए, साथ-साथ आगे बढ़े. इसमें काबिलियत को आदर देना, दोनों के बीच संवाद का स्तर स्वस्थ हो, एक-दुसरे के लिए आकर्षक बने रहना आदि सम्मिलित है.

तीसरा वचन : धन का नियोजन

इस वचन में युगल धन-सम्पति अर्जित करने और संयम रखने का आशीर्वाद मांगते है. जब युगल अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों की और ध्यान देने का सोचते है, तो उसमे धन की आवश्यकता जरुरी होती है. इस वचन में अर्जित धन में कितना खर्च होगा, कितने की बचत होगी और अपने धन को नियोजित कैसे करे आदि सम्मिलित होते है.

चौथा वचन : परिवार की देखभाल

परिवार में खुशियाँ बनी रहे, योगल ऐसा कर पाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते है. ऐसा कहते है की शादी दो लोगों के बीच नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच का संस्कार है. घर के बड़ो का आदर और देखभाल युगल की जिम्मेदारी है. वधु को अपने नए परिवार के हर व्यक्ति, खासतौर पर बड़ो के प्रति आदर का भाव रखना सिखाया जाता है.

पांचवा वचन : दूसरों की मदद करना

बुद्दिमान, दयालु और दानवीर बच्चों की चाह हर युगल रखता है और बच्चों में ऐसे गुण उदहारण से ही लाये जा सकते है. इसलिए युगल को साथ मिलकर दान-धर्म करने की सलाह दी जाती गई है. दूसरों की तकलीफ को समझना और उनकी मदद करना इस गुण का विकास बहुत जरुरी है.

छठा वचन : सुख-दुःख में साथ रहना

जीवन के हर उतार-चढ़ाव को आपसी तालमेल से जीने और आपसी खुशियों का ध्यान रखने की बारी इस वचन में आती है. जीवन में खुशियाँ और दुःख दोनों आते है. युगल हर घड़ी साथ रहे यही शादी का असली मतलब है. यह वचन एक दुसरे पर भरोसा रखे और हिम्मत बनाये रखना का वादा है.

सांतवा वचन : मित्रता का वादा

जीवन की सारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए युगल को सलाह है की अब वे मित्रता का भाव रखें, क्योंकि मित्रता में एक दुसरे से उम्मीद कम रखी जाती है और एक दुसरे इच्छाओं, खुशियों का महत्व सबसे ज्यादा होता है. सारा जीवन साथ गुजारने के बाद इतना विश्वास तो उन्हें होना चाहिए की सपने और इच्छाएं अलग होने के बावजूद, वे बुनियादी तौर पर एक ही है.

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