Meaning Of Life In Hindi जीवन का अभिप्राय

Meaning Of Life In Hindi जीवन का अभिप्राय

Meaning Of Life In Hindi जीवन का अभिप्राय

जीवन/Life का अर्थ Meaning क्या है: जीवन की कोई सीधी परिभाषा देना कठिन हैं, जीवन (Life)  क्या है. हम केवल इतना कह सकते है कि किसी भी संगठित पदार्थ की जैव दशा (Livingness) जिसमें उपापचयी क्रियाएं, जनन व वातावरण के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करे उसे जीवन (Life) कहते हैं. यदपि अपवाद स्वरूप कुछ ऐसे भी जीव है जो जनन नहीं कर सकते जैसे खच्चर (mule), बंध्य काम गार मधुमक्खी.

वास्तव में जीवन Life सजीव पदार्थों में उत्पन्न होने वाली एक विशेष प्रकार की ऊर्जा या शक्ति है जो उपापचयी क्रियाओं वृद्धि, परिव र्धन, जनन आदि के लिए आवश्यक होती हैं. इसी ऊर्जा के कारण जीवधारी वातावरण से पदार्थों को ग्रहण कर उपापचयी क्रियाएं कर पाता हैं. (जीवन Life का उद्देश्य What Is The Meaning Of Life In Hindi)

जब जीव वातावरण से पदार्थ ग्रहण करके अपनी उपापचय क्रियाओं की पूर्ति करने में असमर्थ हो जाता है तो इस अवस्था को मृत्यु कहते हैं. लेकिन मृत्यु से पहले जीव अपनी जैविक शक्ति प्रजनन द्वारा अपनी सन्तान को दे देता हैं.

उर्जिकी के अनुसार जीवन Life को हम पदार्थ के संगठन की वह दशा कह सकते है जिसमें वह वातावरण की ऊर्जा का उपयोग कर सकता हैं. यही जीव पदार्थ की जैव दशा हैं इसे बनाएं रखने के लिए सजीव पदार्थ में निरंतर ऊर्जा रूपांतरण होता रहता हैं.

जीव पदार्थ कई प्रकार के अणुओं का ऐसा जटिल मिश्रण होता है जो रासायनिक ऊर्जा को जैव ऊर्जा में बदल देता हैं. सारे जीव धारियों का जैव पदार्थ लगभग एक समान होता है इसे परकिन्जे ने जीवद्रव्य का नाम दिया. हक्सले ने इसे जीवन Life का भौतिक आधार (Physical basis of life) बताया.

जीवन के प्रमुख लक्षण (Symptoms of life in hindi meaning)

हमें जीवन Life का अर्थ Meaning व लक्षण समझने के लिए सजीव और निर्जीव जीवों के बारें में उनके अंतर तथा विशेषताओं का अध्ययन करना चाहिए, इन्हें आप सजीवता के लक्षण पर पढ़े.

  • वृद्धि- सभी जीव वृद्धि करते हैं. यह वृद्धि आकार एवं भार में होती है. यदपि आकार एवं भार में वृद्धि निर्जीवों में भी होती है जैसे पर्वत व रेत के टीलों में किन्तु निर्जीवों में वृद्धि उनकी बाह्य सतह पर पदार्थों के जमाव के कारण होती हैं. जबकि सजीवों में वृद्धि कोशिका विभाजन के द्वारा अंदर की ओर होती हैं.
  • जनन- सजीवो में लैंगिक या अलैंगिक जनन द्वारा अपने समान संतान उत्पन्न करने की क्षमता होती हैं.
  • उपापचय- जीवों की कोशिका के जीव द्रव्य में विभिन्न रासायनिक पदार्थों द्वारा अनेक जैव रासायनिक क्रियाएं चलती रहती हैं जिन्हें उपापचय क्रियाएं कहते हैं. ये क्रियाएं निर्जीवों में नहीं होती हैं.
  • उद्दीपनों के प्रति संवेदनशीलता- सभी जीव अपने आस पास के पर्यावरण में स्थित भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों के प्रति संवेदनशील होते है एवं उनसे प्रतिक्रिया करते हैं.

जीवन का जैविक संगठन (Biological organization of life in hindi)

सजीवों के जैविक संगठन के स्तर से पता चलता है कि जीवन Life सरल से कठिन आकार में क्रमबद्ध रूप से प्रकट होता हैं. सजीव और निर्जीव वस्तुओं के बीच परमाण्विक एवं आण्विक स्तर पर कोई मूल भेद नहीं होता हैं. अंतर केवल रासायनिक संगठन से होता हैं. जीव पदार्थ मुख्यतः कार्बनिक अणुओं का बना जटिल रासायनिक तंत्र होता हैं. जबकि निर्जीव वस्तुओं का पदार्थ तंत्र सरल होता हैं. जैविक संगठन अति सूक्षम आण्विक संगठन से प्रारम्भ होकर सूक्ष्मदर्शीय कोशिकीय स्तर से गुजरता हुआ सूक्षम और वृहत जीव स्तर से होता हुआ पारिस्थितिक तंत्र और जैव मंडल में समाप्त होता हैं.

आण्विक स्तर पर सबसे छोटी इकाई परमाणु हैं जबकि जैविक स्तर पर कोशिका सबसे छोटी इकाई हैं. परमाणु जुडकर अणु का निर्माण करते हैं. जो रासायनिक क्रिया करके अंगको का निर्माण करते हैं. ये अंगक मिलकर कोशिका बनाते हैं. कोशिकाओं का समूह जो एक निश्चित कार्य करता हैं, ऊतकों का निर्माण करता हैं. कई ऊतक मिलकर एक अंग बनाते हैं. जैसे यकृत आमाशय आदि.

जब कोई अंग मिल कर एक विशेष कार्य करते है तो अंग तंत्र बनता हैं. विभिन्न अंग तंत्रों से मिलकर जन्तु का शरीर बनता हैं समान प्रकार के जीवों का समूह जिनमें आपस में प्रजनन क्रिया हो सकती है जाति कहलाता हैं. एक निश्चित स्थान पर पाए जाने वाले एक ही जाति के जीव समष्टि की रचना करते हैं. विभिन्न जातियों की एक ही स्थान पर रहने वाली जनसंख्या जैविक समुदाय कहलाती हैं. समुदाय के सजीव, वातावरण के निर्जीव कारकों के साथ प्रतिक्रिया करते है और पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होता है. पृथ्वी सतह पर हवा, जमीन और पानी में रहने वाले जीव, जैवमंडल का निर्माण करते हैं.

जीवन में जल का महत्व (importance of water in life in hindi)

जल जीवन Life का आधार हैं. जीवन Life की उत्पत्ति जल में ही हुई हैं. जीवों को अपनी वृद्धि और जनन के लिए जल की आवश्यकता होती हैं. मानव शरीर का लगभग 70 प्रतिशत भाग जल का बना होता हैं. मानव शरीर का लगभग 70 से 90 प्रतिशत भाग जल ही होता हैं. जल एक अच्छा विलायक होता हैं. जीवन Life के सभी रचनात्मक खंड कार्बनिक अणु और बहुलक इसी माध्यम से आपस क्रियाएँ करते हैं. जल के बिना जीवन नहीं है. सभी जैविक क्रियाएं जलीय माध्यम में ही होती हैं.

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों आपकों Meaning Of Life In Hindi का यह लेख पसंद आया होगा. जीवन क्या है जीवन का अर्थ  Meaning में दी गई सामान्य जानकारी आपकों कैसी लगी कमेंट कर अपनी राय जरुर दे.

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