Meethi Vani Poem In Hindi | मीठी वाणी पर कविता

Meethi Vani Poem In Hindi: प्रिय दोस्तों आज हम आपके साथ मीठी वाणी पर कविता साझा कर रहे हैं. मधुर वाणी के महत्व पर कविताएँ यहाँ बता रहे हैं. सभी को बोलने का हक सभी को हैं. मगर जो जितनी मीठी वाणी में  बोलता हैं  उनके  प्रिय उतने ही अधिक होते हैं.

दिल का द्वार खोलने की चाबी मीठे बोल ही हैं.  कटु वचन  बोलने  वाला किसी को नहीं भाता हैं हमारे वचन ही हमारे चरित्र की परिचायक होता हैं. अहंकारी एवं कटु बचन बोलने वाले दूसरों के दिल को कष्ट दिलाते हैं. रहीम जी ने मधुर वाणी के महत्व को बताते हुए दोहा लिखा- “ऐसी वाणी बोलिए , मन का आपा खोये। औरन को शीतल करे , आपहु शीतल होये”

इसका आशय हैं कि हमें ऐसे वचन बोलने चाहिए जो सभी के दिल को ख़ुशी दे यानी हमें ऐसी मधुर वाणी बोलनी चाहिए को औरों को भी शीतल और खुद को भी शीतल करे. मीठी वाणी पर कविता शायरी भाषण अनुच्छेद यहाँ दिए जा रहे हैं.

Meethi Vani Poem In Hindi

Meethi Vani Poem In Hindi

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Meethi Vani Poem

(1)

सुनो प्यारे प्राणी,

तुम्हे दी गयी है मधुर
वाणी।

उसका उपयोग करके देखो,

मधुर वचन बोलकर देखो।

हो जायेगे सब राज़ी,

तुम जीत जाओगे बाज़ी।

मधुर वाणी,

सबके मन की रानी।

वह है एक तीर अमोघ,

मिटा देती है सबके दुख
दर्द और रोग।

मीठे बोल,

बड़े अनमोल,

उनका न है कोई मोल,

जितना चाहो उतना बाँटो,

बाटने से कम नही होगा उनका तोल।

किराये की मधुर वाणी हिंदी कविता

किराये के संगीत पर
कोवे की कांव कांव भी
मधुर हो जाती हैं.

किराये के मुखोटे से
सपाट चेहरे की पहचान भी
मधुर हो जाती हैं.

कहें दीपक बाबू पर्दे के दृश्य से
कभी दिल न लगाना
किराये के अभिनय से
ख़्वाबों की सोच जिन्दगी सच से
कुछ पल के लिए ही
मधुर हो पाती हैं.


वचन में गजब की ताकत
होती हैं कड़वा बोलने वाले
का शहद भी नहीं बिकता
और मीठा बोलने वालों की
मिर्ची भी बिक जाती हैं.


Poem On Madhur Vani In Hindi

मीठी वाणी बोलिये
जीवन में खुशिया घोलिये
मन को निर्मल कीजिये
सदभाव का रग घोलिये
शान्त स्वभाव कीजिये
जिन्दगी मे मिठास घोलिये
सबका सम्मान कीजिये
प्रेम का रग घोलिये
सदा मीठी वाणी बोलिये


poem on madhur vachan in hindi

“मधुर वचन है औषधि, कटु वचन है तीर|
श्रवण द्वार हौ संचरे, साले सकल सरीर||”

“तुलसी मीठे वचन ते, सुख उपजे चहु ओर|
वशीकरण यह मत्र है, तजिये वचन कठोर||”

“दौनो रहिमन एक से, जौ लौ बोलत नाही|
जान परत है काक पिक, ऋतु बसत के माहि||”

Mithi boli poem in hindi

दिखने में कोई कितना भी बुरा क्यू ना हो
मगर मीठे बोल से वो बस सबके लिए मीठा ही मधुर बन जाता हैं.
किसी चीज का स्वाद फीका क्यू ना हो
मगर मीठापन डालने से वो मधुर ही मधुर बन जाता हैं.

किसी के जीवन में कितना भी दुःख क्यू ना हो
मगर एक मीठे बोल से जीवन मधुर ही मधुर बन जाता है.
कोई गरीब क्यू ना हो
मगर एक मीठे बोल से वो पैसे वाला भी बन जाता है.

कोई कितना भी बुरा क्यू ना हो
मगर मीठे बोल से वो एक अच्छा इंसान भी बन जाता है
किसी के संबंध बुरे क्यू न हो
मगर मीठे बोल से वह मधुर ही मधुर बन जाते हैं
कोई कितना भी कठोर क्यू ना हो
मगर एक मीठे बोल से वो मधुर ही मधुर बन जाता है.

meethi vani boliye kavita

कोयल कू कू है गाती
मधुर मधुर गीत सुनाती
उसकी मधुर मधुर बोली
हर दिल को है लुभाती
मीठी वाणी प्यारे बच्चो
सबके कानों को है भाती
कोआ काय काय चिल्लाता
हर कोई उसको दूर भगाता
उसकी कटु वाणी बच्चों
नही किसी को है भाती
सदा ही सबसे मधुर बोलो
हर दिल के तुम द्वार खोलो

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हमारी कविताओं के संग्रह Meethi Vani Poem In Hindi का लक्ष्य यह हैं कि मधुर वाणी से अच्छा गुण नहीं हैं. हमें भी दोस्तों जीवन में मधुर वाणी बोलनी  चाहिए इन  कविता के   माध्यम से हम मीठी वाणी के महत्व को ठीक ढंग से समझ सकते हैं.

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