Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi : मेरा प्रिय कवि हिंदी निबंध

Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi प्रिय विद्यार्थियों आपका स्वागत हैं आज हम मेरा प्रिय कवि हिंदी निबंध बता रहे हैं. परीक्षाओं में कई बार Essay on My Favorite Poet in Hindi के बारे में हिंदी निबंध लिखने को कहा जाता हैं. यहाँ आपकों 100, 200, 250, 300, 400 और 500 शब्दों में Mera Priya Kavi Tulsidas का निबंध बता रहे हैं. जिन्हें कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 के स्टूडेंट्स याद कर सकते हैं.

Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi : मेरा प्रिय कवि हिंदी निबंध

Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi

Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi: हिंदी में अनेक विद्वान कवि हुए है, जिनकी कल्पना शक्ति एवं लेखन विद्वता से आज सारा हिंदी प्रदेश लाभान्वित हो रहा है. अपनी अपनी रूचि के अनुसार किसी को कोई कवि प्रिय लगता है, और किसी को और कोई, Mera Priya Kavi Tulsidas जी रहे है, जिसके बारे में मै Essay बता रहा हु.

Essay On Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi

हर व्यक्ति की रुचियाँ अपनी अपनी होती है. किसी को कोई वस्तु या व्यक्ति प्रिय लगता है, तो दूसरा कोई अन्य अच्छा लगता है. हिंदी में अनेक महान कवी हुए है. सबकी अपनी अपनी विशेषताएं है, अतः जिसे जो विशेषता भाति है उसी आधार पर वह किसी विशेष कवि या लेखक से प्रभावित हो जाता है.

मेरा प्रिय कवि- हिंदी कवियों में मुझे गोस्वामी तुलसीदास जी ने प्रभावित किया है. उनका व्यक्तित्व और उनकी रचनाओं में अनेक ऐसी विशेषताएं है, जिनके कारण तुलसी मुझे बहुत प्रिय लगते है.

तुलसीदासजी का जीवन परिचय-तुलसीदास जी के जन्मस्थल और जीवन के विषय में विद्वान एकमत नही है.  कुछ राजापुर को कुछ सोरों को और कुछ सूकर क्षेत्र (आजमगढ़) को उनकी जन्मस्थली मानते है.

तुलसी बचपन में ही माता-पिता के स्नेह से वंचित हो गये, उनका बचपन बड़े कष्टों में बीता. संत नरहरिदास ने उन्हें अपना शिष्य बनाया, इनका विवाह रत्नावती से हुआ. पत्नी के ताना देने पर उनका मन संसार से उचट और उन्होंने सारा जीवन भगवान् राम की भक्ति में लगा दिया.

तुलसीदासजी की प्रमुख रचनाएँ रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली, बरवै रामायण आदि है. इनमे रामचरितमानस ही वह महान ग्रंथ है जिसने तुलसी को अमर बना दिया. आज भी यह ग्रन्थ करोड़ो भारतीयों का पवित्र धर्म ग्रंथ है.

प्रिय लगने का कारण- तुलसीदासजी ने घोर संकटो हिन्दू धर्म को आशा और विश्वास का दृढ आधार प्रदान किया. भगवान राम के लोक रक्षक चरित्र का गान करके उन्होंने समाज को बिखरने से बचाया. तुलसीदासजी ने अपनी रचनाओं में सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किये है. पिता कैसा हो, राजा, प्रजा, भाई, मित्र सभी के आदर्श रूप सामने रख दिए है, कुछ उदहारण देखने योग्य है.

आदर्श राजा –जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी ,सो नृप अवसि नरक अधिकारी .

मित्र –जे न मित्र दू;ख होई दुखारी ,तिन्ही विलोकत पावक भारी ..
काव्य –कला की द्ष्टि से भी उनकी रचनाएँ अत्यत उच्च कोटि की है यही कारण है कि मुझे तुलसी प्रिय लगते है उपसहार —तुलसी का कहना हैं. कि –
कीरति, भनिति, भूति, भल सोई
सुर सरी सम सब कह हित होई
अर्थात वही कीर्ति ,कविता ,वैभव श्रेष्ट है जिससे गंगा के सबका हित हो .इसी आदर्श को सामने रखकर तुलसी चले है.यही कारण कि वह केवल मेरे ही नहीं अपितु विश्व में कोटि -कोटि लोगों के प्रिय बने हुए है.

Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi In 500 words With Headings

जीवनी- हिंदी साहित्यकाश के प्रभावशाली सूर्य, लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास का हमारे हिंदी साहित्य में एक विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण स्थान हैं. इस महाकवि का जन्म वि संवत् 1554 में हुआ था. इनके पिता श्री आत्माराम व माता हुलसी थी. जन्म लेते ही माता का देहांत हो गया.

अशुभ मूल नक्षत्र में जन्म लेने से पिता ने इन्हें त्याग दिया. पहले मुनिया सेविका, फिर एक महात्मा की कृपा दृष्टि से उनकी छत्रछाया में इनका लालन पोषण हुआ. शिक्षा दीक्षा सपन्न होने पर इनका विवाह रत्नावली नामक गुणवती कन्या के साथ सम्पन्न हुआ.

ये अपनी पत्नी में अति अनुरक्त थे. एक बार पत्नी ने आसक्ति को लक्ष्य कर इन्हें ताना मार दिया. इससे इनका ह्रदय परिवर्तित हो गया और उसके बाद तुलसीदास से निखरे लोकनायक तुलसीदास जो समस्त हिन्दीभाषी समाज के समक्ष एक मिसाल कायम कर गये.

साहित्यिक प्रतिभा– गोस्वामी तुलसीदास भावुकता के साथ ही मर्यादा के भक्त कवि थे. गोस्वामीजी मध्ययुगीन काव्य के जादुई उपवन के विशाल वृक्ष थे. समस्त संसार के किसी भी कवि ने अपनी कविता में संत तुलसीदास जैसी प्रखर प्रतिभा का परिचय नहीं दिया हैं.

भाषा का मादुर्य और ओज तुलसी के काव्य में खूब मिलता हैं. इनकी शैली अपूर्व, अनुपम व मादकता का सागर हैं. रामचरित मानस इनकी अनुपम कृति हैं जिसमे केवल राम की ही कथा आदि से अंत तक अखंडत नहीं हैं. अपितु बीच बीच में उनके चरित्र सम्बन्धी अनेक उपकथाएँ भी हैं.

यह तुलसी की असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है कि पाठक को इसे पढकर थकान का अनुभव नहीं होता, अपितु वह एक स्फूर्ति ही अनुभव करता हैं अपने आदर्श कथानायक एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के उदात्त चरित्र का अंकन करने से गोस्वामी तुलसीदास का रामचरितमानस समग्र हिन्दू समाज के लिए श्रेष्ठ धर्मग्रंथ रूप में पूज्य पठनीय बन गया हैं.

तुलसीदास एक अप्रितम, अनुपम प्रतिभा के स्वामी थे. तुलसीदासजी ने चाहे लम्बे समय तक छंदशास्त्र पढ़ा हो, किन्तु रामचरितमानस और विनयपत्रिका आदि अन्य रचनाओं में कहीं ऐसा आभास नहीं मिलता कि उन्होंने कहीं श्रम अथवा चेष्टा की हैं.

भावों की सुमधुर अभिव्यक्ति के लिए इनकी शैली सरल प्रवाहमही है. इन्होने प्रसंगानुसार हास्य, करुण, वीर, भयानक आदि सभी रसों का सुंदर चित्रण किया हैं. इनकी रचनाएं व्यंग्य विनोद एवं उपदेशात्मक से युक्त और सामाजिक आदर्शों से मंडित हैं.

समाज सुधारक व लोकनायक– गोस्वामी तुलसीदास का प्रादुर्भाव ऐसी परिस्थतियों में हुआ, जब भारत अत्यंत संकटापन्न स्थिति से गुजर रहा था. मुगलों का अत्याचार सहन करती हुई जनता सुव्यवस्थित भविष्य के प्रति लगभग निराश हो चुकी थी. शैवों वैष्णवों में भयंकर मतभेद का जहर फैला हुआ था.

किन्तु ऐसे समय ईश्वर ने सह्रदय लोकनायक को हमारे बीच भेजा. तुलसी ने ऐसी विषम परिस्थतियों में कष्ट सहकर अपने साहित्य स्रजन द्वारा हमारे पथभ्रष्ट समाज को ऊँगली पकड़कर सही रास्ता दिखाया, उसे पतन के गर्त से निकालने की चेष्टा की और उनमें एक हद तक वे सफल भी रहे.

उपसंहार- यों तो और भी कवि और साहित्यकार ऐसे हुए हैं, जिन्होंने अपनी असाधारण योग्यता तथा काव्य कुशलता से साहित्य रचना की हैं. परन्तु वे हमारे लिए उतनी श्रद्धा के पात्र नहीं हैं. क्योकि उनका व्यक्तित्व गोस्वामी तुलसीदास की तरह पावन नहीं हैं. गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिभा लोकमंगल और विविध आदर्शों के समन्वय से मंडित थी. वे सच्चे लोकनायक थे. यही कारण है कि उनकी अनूठी कलात्मक योग्यता का बखान असम्भव सा प्रतीत होता हैं.

यह भी पढ़े-

Hope you find this post about ”Mera Priya Kavi Tulsidas Essay In Hindi” useful. if you like this article please share on Facebook & Whatsapp. and for latest update keep visit daily on hihindi.com.

Note: We try hard for correctness and accuracy. please tell us If you see something that doesn’t look correct in this article about Mera Priya Kavi and if you have more information of Mera Priya Kavi Hindi then help for the improvements this article.

इस लेख से सम्बन्धित अन्य पोस्ट
प्लीज अच्छा लगे तो शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *