मेरा शहर मुंबई पर निबंध mera shehar mumbai essay in hindi

मेरा शहर मुंबई पर निबंध mera shehar mumbai essay in hindi: प्रिय दोस्तों आपका स्वागत हैं आज का निबंध हम मेरे शहर My City मुंबई पर प्रस्तुत कर रहे हैं. फिल्म सिटी और औद्योगिक नगरी के नाम से विख्यात शहर की गिनती भारत के ही नहीं दुनियां के बड़े शहरों में भी गिना जाता हैं. पश्चिमी अरब सागर के तट पर बसे इस सुंदर भारतीय महानगर पर बच्चों के लिए सरल भाषा में छोटा बड़ा निबंध प्रस्तुत कर रहे हैं.

mera shehar mumbai essay in hindi

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Short essay on mumbai in hindi Language

mera shehar mumbai: साढ़े तीन करोड़ आबादी का मुंबई महानगर, आबादी के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा शहर हैं. मुंबई को सपनों के शहर के रूप में जाना जाता हैं. फैशन, शहरी जीवन शैली और फ़िल्मी जीवन के लिए शहर विश्व प्रसिद्ध हैं.

दुनियां में संयुक्त राज्य अमेरिकी की आर्थिक क्षेत्र में जैसी पकड़ हैं ठीक वैसी भी भारत में मुंबई की पैठ हैं. जहाँ भिन्न भिन्न धर्म तथा संस्कृति के लोग अपने सपनों के पंखों के उड़ान की आश में निरंतर देशभर से आते रहे हैं.

अपनी भौगोलिक विशेषताओं के साथ साथ मुंबई के लोगो का रहन सहन, यहाँ की संस्कृति तथा व्यंजन भी खासे प्रसिद्ध रहे हैं. देश का महत्वपूर्ण शहर होने के कारण वायु, जल एवं सडक परिवहन से पूरी तरह जुड़ा हुआ हैं. हवाई तथा जलीय रास्ते से अधि कतर विदेशी यात्राए भी मुंबई शहर से ही की जाती हैं.

मायानगरी, आमची मुंबई, बॉम्बे, बंबई कहे जाने वाला मेरा शहर कभी थमा नजर नहीं आया, भले ही सीरियल ट्रेन धमाके हो या 2008 का ताज होटल हमला, बाढ़ हो या अन्य प्राकृतिक आपदा का प्रकोप. नेवर गीव अप की स्प्रिट को शहर ने हमेशा जीवित बनाएं रखा. यहाँ का जीवन उसी जोश और जज्बे के साथ हर समय गुलजार रहा.

अथाह आसमान के नापने के सपने आँखों में सजोये सैंकड़ो नवयुवक इस उपवन का हिस्सा बनते हैं. उतनी ही उदारता से यह सभी को बड़े नम्र भाव से स्वीकार कर अपना बनाने में जरा भी हिचक नहीं दिखाती हैं. मुंबई शहर के सम्बन्ध में कहा जाता हैं एक बार कोई यहाँ आ जाता हैं, वह यहीं का होकर रह जाता हैं उसे कभी यह एहसास नहीं होता कि वह एक मुफाफिर बनकर परदेश में बसा हैं.

बाहरी लोगों के साथ जिन्दादिली के रिश्ते की यह कहानी मुंबई शहर की एक अलग संस्कृति का रूप दिखाती हैं. ऐसा भी नहीं है मुंबई आने वाला हर कोई जीवन में कामयाबी की राहों को आसान कर जाता हैं, एक बाहरी के लिए कही आसरा ना मिले तो सड़क के किनारे फुटपाथ पर रात गुजारना जैसी परीक्षाओं के दौर से गुजरना ही पड़ता हैं. ऐसे हालातों में जो कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं, उनके लिए उसी फुटपाथ से एक सुनहरे सफर की शुरुआत होती हैं.

मुंबई का रात्रि जीवन देश के अन्य हिस्सों से बेहद अलग होता हैं. ऐसा माना जाता हैं कि मुंबई शहर का रात्रि जीवन विश्व में सर्वाधिक सुरक्षित हैं. नाईट क्लब और लाउंज जैसे पॉलीएस्थेर्स, टोट्स, द एल्बो रूम और 21 डिग्री फैरेनहाइट F जैसे मुख्य रात्रि के आकर्षण हैं. रात के 12 बजे जब देश दुनियां सो जाती हैं तब मुंबई की नाईट चालू होती हैं पार्टी आदि के फंक्शन से ये तीन बजे तक खत्म होती हैं. क्लब यहाँ मनोरंजन का सबसे बढ़िया जरिया माना जाता हैं.

बड़े मियाँ की रूमाली रोटी यहाँ के फेमस व्यजनों में से एक हैं, हर मुंबईवासी इनकी खासियतों से वाकिफ होता हैं. अब तो यहाँ का आईस बार लोगों के दिलो दिमाग में छाया रहा हैं. बोम्बे की रूफ टॉप लांज की सबसे ऊँची 34 वीं मंजिल से शहर का आकर्ष क जगमगाता दृश्य हर किसी को मोहित कर लेता हैं.

यदि आपकों भी मायानगरी के दर्शन की ललक लगी हैं तो बिना किसी टूरिस्ट गाइड की मदद के शहर के मुख्य दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं. बस आप मुंबई परिवहन की बस को पकड़िये जो आपकों सम्पूर्ण स्थलों का भ्रमण कराएगी, जिन्हें मुंबई दर्शन के नाम से जाना जाता हैं. ये बसे आपको सवेरे गेटवे ऑफ़ इण्डिया से लेकर शहर के सभी बड़ी स्थलों की यात्रा करवाकर रात होने से पूर्व गेट वे ऑफ इंडिया छोड़ देगी.

इस लिहाज से मेरा शहर मुंबई समस्त भारतीयों समेत विश्व के सभी पर्यटन प्रिय लोगों को दर्शन का न्यौता देता हैं. सभी आयु वर्ग के लोगों खासकर समुद्री किनारा विद्यार्थियों के लिए अच्छा आकर्षण का केंद्र स्थल हैं. एक छोटे टाइम पीरियड में भी इस महानगर की को अच्छे से देख सकते हैं. मुंबई की सैर काफी सस्ती, पर्याप्त आनन्द दायक तथा दिल को सुकून देने वाली हो सकती हैं.

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साढ़े तीन करोड़ आबादी 603 वर्ग किमी क्षेत्रफल के दायरे में बसा एक शहर दुनियां के कई शहरों से आकार, जनसंख्या तथा आर्थिक क्षेत्र से बड़ा हैं. यहाँ के जीवन की परिस्थतियाँ संसार के किसी अन्य शहर में शायद ही देखने को मिले 10*10 के एक छोटे से कक्ष में पूरा परिवार पर गुजारा कर लेता हैं. चाली व्यवस्था इसका एक नमूना हैं.

यहाँ स्थान की भयकर कमी हैं लोग भवनों की छत पर या घर के किचन में ही अपना ड्राइंग रूम बना देते हैं. बदलते वक्त के साथ मुंबई ने स्वयं को भी बदला हैं. आज का मुंबई शहर भारत का सबसे अमीर शहर हैं जिनकी जीडीपी में 5 %, औद्यौगिक उत्पादन में 25 प्रतिशत तथा नौकाचालन में 40 प्रतिशत व भारतीय अर्थव्यवस्था के शेयर में 70 फीसदी भागीदारी हैं. इसी कारण इसे विश्व के सर्वाधिक दस वाणिज्यिक केन्द्रों में गिना जाता हैं.

मुंबई शहर के विकास व उन्नति में हिंदी फिल्म सिनेमा बॉलीवुड़ का अहम योगदान रहा हैं. शहर के एक बड़े भूभाग में फिल्म सिटी निर्मित हैं जो हजारों लोगों को रोजी रोटी का साधन उपलब्ध करवाती हैं. आज का मुंबई वह 90 के दौर का शहर नहीं रहा, अब तो गगनचुंबी ईमारते शहर के विकास तथा लोगों की उन्नति के सबूत पेश कर रह हैं. शहर के कोने कोने में दुनिया के बड़े बड़े ब्रांड के शोपिंग मॉल खुल रहे हैं. तो भी आम आदमी के जीवन से जुड़े चौपाटी की भेल पुरी, पानी पूरी तथा वडा पाव भी उतना ही प्रसिद्ध हैं.

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