The Moment Poem | बीते पल पर कविता

The Moment Poem में बीते पल (क्षण, समय ) पर एक कविता प्रस्तुत की जा रही हैं. जिन्दगी का एक अच्छा पल आपकों जीरों से हीरो बना सकता हैं, वही एक बुरे पल का वक्त राजा से रंक तक ला सकता हैं. इसलिए कीमती जिन्दगी के हर एक पल को बेहतर तरीके से जिए और सोच समझकर निर्णय ले, तो यकीनन बीते पल पर पश्चाताप की बजाय आपकों गर्व होने लगेगा.

The Moment Poem In Hindi | बीते पल पर कविता

यही कही खोया था मैंने,
बिता हुआ पल,
आंसू टपक पड़े,
जब देखा आज.

आकाश की उंचाइयो पर उड़ते,
परिंदों के काफिले,
पेड़ की लताओं से
अठखेलिया करता,
प्रकृति की सपना.

रात में चाँद को देखना,
सितारों से बाते करना,
ठंडी हवाओं का सहारा,
अनुभूतियो के इस आगन में
उसका आना.

वो ही पुरानी सड़के,
वो ही पुराने मकान,
जिनको देखा करता था बचपन,
वो पुराने आदमी, वही अफ़साने
कहाँ बिछुड़ गये, वो पुराने अपने.

यहीं कही खोया था मैंने,
बिता हुआ पल,
आसू टपक पड़े,
जब देखा आज
-दीपक अर्काय

थकना नही

अब तक जैसे पार किये हैं
परिश्रम के पथ
अब तुम थकना नही
टिका टिप्पणी की
आधियाँ चलेगी
कर्कश तूफ़ान आएगा
पर तुम रुकना नही
कीर्तिमान बन जाए जब
पाठ्यपुस्तिका में
तुम्हारे गीत आए,
तब मजिल को समझ जाना
निकट
-मोनिका पारिक

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