नौजवानों आज का युगधर्म शक्ति उपासना है | Naujavano Ajj Ka Yugdharma shakti Upasana Hai | Hindi Kavita

Naujavano Ajj Ka Yugdharma shakti Upasana Hai | Hindi Kavita

नौजवानों आज का युगधर्म शक्ति उपासना है।
चीर कर तम सूर्य का प्रकटी करण हो, कामना है।

बस बहुत अब हो चुकी है, शांति की चर्चा यहाँ पर,
हो चुकी अति ही, अहिंसा तत्व की चर्चा यहाँ पर ।
ये मधुर सिद्धांत, रक्षा देश की पर कर न पाए,
ऐतिहासिक सत्य है, यह सत्य अब पहिचानना है।
नौजवानों आज का युगधर्म शक्ति उपासना है।

हम चले थे विश्वभर को, शांति का संदेश देने,
किन्तु जिसको बंधु समझा, आ गया वह प्राण लेने।
शक्ति की हमने उपेक्षा की, उसी का दंड पाया,
यह प्रकृति का ही नियम है,
यह प्रकृति का ही नियम है,अब हमें यह जानना है।
नौजवानों आज का युग धर्म शक्ति उपासना है।

जग नहीं सुनता कभी, दुर्बल जनों का शांति प्रवचन,
सिर झुकाता है उसे, जो कर सके रिपु मान मर्दन ।
ह्रदय में हो प्रेम, लेकिन शक्ति भी कर में प्रबल हो ,
यह सफलता मंत्र है, करना इसी की साधना है ।
नौजवानों आज का युग धर्म शक्ति उपासना है।

यह न भूलो इस जगत में, सब नहीं हैं संत मानव,
व्यक्ति भी हैं, राष्ट्र भी हैं, जो प्रकृति के घोर दानव।
दुष्ट दानव दमनकारी शक्ति, का संचय करें हम,
आज पीड़ित मातृभूमि की यही आराधना है।

नौजवानों आज का युग धर्म शक्ति उपासना है,
चीर कर तम, सूर्य का प्रकटीकरण हो, कामना है।

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