गुजरात पर कविता Poem On Gujarat State In Hindi

गुजरात पर कविता Poem On Gujarat State In Hindi: दोस्तों आपका स्वागत है आज भारत के सम्रद्ध व खुशहाल  राज्य गुजरात पर डॉ सुनील जोगी जी द्वारा रचित हिंदी कविता बता रहे हैं. गुजरात की संस्कृति, इतिहास, कला, दर्शनीय स्थलों, लोकगीत एवं लोक नृत्य गरबा डांडिया के प्रसंगों को समेटे यह गुजराती कविता आपकों पढ़नी चाहिए, यदि आप भी हमारे गुजरात से है तो इस कविता को पढ़े तथा इसे आगे भी शेयर करे.

गुजरात पर कविता Poem On Gujarat State In Hindi

Poem On Gujarat State In Hindi

यह नरसी मेहता की धरती, तारक मेहता छाए
सोमनाथ, द्वारकापुरी और अक्षरधाम सुहाए
वहां मुरारी बापू की राम कथा की थाती
दुनिया भर में धूम मचाए है देखों गुजराती
यहाँ डांडिया गूंज रहा है सारी सारी रात
जय जय जय गुजरात हमारा
जय जय जय गुजरात

गांधी के सम्मान में गांधीनगर बना राजधानी
इसी प्रान्त की किस्मत में है साबरमती का पानी
यहीं अहमदाबाद, वड़ोदरा और वलसाड बसे है
जिन के कोने कोने में भारी उद्योग लगे है
बेकारी का नाम नहीं रोजगार बहुतात
जय जय जय गुजरात जय जय जय गुजरात

जूनागढ़ और जामनगर में शाही शान है अब भी
गांधी के आश्रम की जंग में ऊँची आन हैं अब भी
भावनगर आणद नर्मदा सब की इक गरिमा है
इस के गाँव, नगर, कस्बे मत पूछों, सब की अलग महिमा हैं
वक्त नहीं हैं कैसे हो पाएगी सब की बात
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

सूखा बाढ़ जलजले अक्सर आते ही रहते है
लेकिन गुजराती हिम्मत से सब संकट सहते है
यहाँ मनोबल आसमान सा, छप्पन इंच की छाती
मेहनत का दीपक होता है और हिम्मत की बाती
धर्म यहाँ है अपने दोनों बाजू, अपने हाथ
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

गांधी और पटेल की जन्मस्थली, यहाँ खुशहाली
सारे नगर विकास के मॉडल, खेतों में हरियाली
सोमनाथ के कलश चूम कर आते दिन रात
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

बच्चें बूढ़े न्र नारी में संस्कार गुजराती
मानवता सब इंसानों में धर्म ध्वजा फहराती
यहाँ की बोली मीठी मीठी, भाषा में अनुशासन
हर भोजन के भीतर पाया जाता है मीठापन
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

हम तुम और अनगिनत परदेसी नमक यहीं का खाते
गरबा रास रसाने वाली मस्ती में खो जाते
व्यापारी है, मेहनतकश है, खून पसीने वाले
पहली बार भी यूँ मिलते है जैसे देखे भाले
प्रेम प्यार की देखों कैसे होती है बरसात
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

मस्जिद आलिशान यहाँ सीदी सय्यद की जाली
असुरारी अम्बा करती इस धरती की रखवाली
उद्योग और व्यापार में सदा ये सूबा जीता
और अमूल का दूध से प्यार से सारा इंडिया पीता
चोकलेट और आइसक्रीम भी होती है इफरात
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

गोमाता का मान बढ़ाता यहीं गोधरा भी है
देवभूमि कान्हा की नगरी द्वारिका भी है
स्वामी नारायण की बरकत जैसे तन पर गहने
सूरत के आकर्षक कपड़े दुनिया भर ने पहने
इसी धरा पर बापू लाए थे दांडी बारात
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

वहां ढोकला यहाँ फाफ्ड़ा यहीं पे खींचू मुठिया
स्वाद जगा कर मन ललचाती हर गुजराती हंडिया
थेपला खमण उंधियो हांद्बों मुंह में पानी लाए
खान्ड्बी सूरती लोची देख के सोंचे कितना खाए
रोक सके खाने से खुद को किस की है औकात
जय जय जय गुजरात हमारा जय जय जय गुजरात

यह भी पढ़े

नमस्कार दोस्तों उम्मीद करता हूँ Poem On Gujarat State In Hindi का यह लेख आपकों पसंद आया होगा. Gujarat Poem In Hindi में लिखी गई कविता सुनील जोगी ने लिखी हैं. गुजरात कविता पसंद आए तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *