विश्व जल दिवस पर कविता | poem on world water day in hindi

poem on world water day in Hindi:-  पानी पर कविता · जल पर कविता · हिन्दी कविता · पानी की बर्बादी · जल संरक्षण पर कविता ·Water Poems · Poems For Water · Save Water Save Life Poem

पानी अगर नही तो जिंदगानी फिर कहाँ, जिंदगानी अगर नही तो कहानी फिर कहाँ
कहानी अगर रही तो कह्बानी फिर कहाँ, कह्बानी अगर नही तो सुना लागे ये जहाँ,
जल का अब मत कर दोहन
बेजल होकर आखिर कैसे तू जियेगा सोहन
कब तक आखिर कब तक, यू खर्च करता रहेगा बेपरवाह होकर ये जल
अब भी न चेता, तो निश्चय ही होगा हम सबका पतन
फिर किससे मांगोगे, जल की वो दो घुट
तडप-तडप कर तन से, ये प्राण जाएगा छुट

जल को तुम दुर्लभ जीव बनाकर, इसका प्रजनन नही करवा सकते
बस एक है बस एक मार्ग इसे सरंक्षित कर , खुद को दुर्लभ होने से बचा सकेगा.
अन्यथा जब न बचेगा धरा पे एक भी बूंद जल
स्रष्टि पूरी की पूरी समा जाएगी, काल के गाल में, नही देखेगा दूर तक कोई,
अभी समय है, चेत जा, बन जा जल मितव्ययी
खूब नहाया, खूब बहाया, वैसे भी देर बहुत भयी

सोचो सोचों जल दिन बनेगा कहानी
न रहेंगे हम न होगी वो सुनानी वाली नानी
फिर क्यों मार रहा है, अपने पैरों पे कुल्हाड़ी
नही करेगे बर्बाद पानी की एक बूंद, यह प्रण जो आज ही ठानी

pani bachao poem in hindi (पानी बचाओं हिंदी कविता)

अखबार में छपे पानी बचाने के संदेशो को
मैंने जोर जोर से पढ़ा
हेडलाइंस व्यापार खेल समाचार
देश विदेश आदि को देखा नजरे गढ़ा गढ़ा
फिर मैंने पत्नी को पुकारा, चाय देती हो क्या
या फिर कार धोकर सड़क पर छिडकाव कर दू
पत्नी बोली चाय तैयार है बाबा
देती हु अभी देती हु
पास खेल रहा भतीजा बोल पड़ा
अंकल आपने ये क्या कर दिया
न्यूज पेपर में छपे पानी बचाने के
उपायों को रिजेक्ट कर दिया
पप्पू का कमेन्ट सुन कर
मै शर्म से पानी पानी हो गया
क्या आपकों शर्म नही आती
आप अब भी संशय में पड़े हो
या आप अपने संदेश अभी पढ़े नही हो
और आप पानी नही बचा रहे हो
घर आंगन को दोपहिया चौपहिया वाहनों को
और सामने की सड़क को भी नहला रहे हो.

WORLD WATER DAY poem IN HINDI

जल है तो आज कल है
जल बिन सब मल है।
जल से जीवन सब
जल बिन झरने नदी कल कल है।।
ना सूरज की छवि होगी
ना हवा जल बिन तरंग।
चाँद बिखरेगा चाँदनी कहाँ
सब जल बिन होंगे अरंग।।
हिमालय नही दर्शन होंगे
जल बिन नही समुंद्र।
जो होगा जल भी शेष कहीं
उस पर मचेगा मात्र क्रंद।।
जानों स्वच्छ मूल्य जल
और करो ना जल व्यर्थ।
लो उतना ही उपयोग में
जितना करो प्रयोगिक अर्थ।।
छोड़ो नही चला टँकी
ना देखो ऐसा होता।
तुरंत करो उस बंद जाकर
दो जल विहीन धरा न न्योता।।
जल स्वच्छ तो हम स्वच्छ
जल बिन होंगे काल के गाल।
बढ़ेगी गर्मी और और अब
जल बिन नित फैल रहा अकाल।।
जल हमारे शरीर में
है प्रतिशत और अधिक।
जल नही तो हम नही
स्वच्छ जल बिन बने स्वयं वधिक।।
आज जो जल पी रहे
वो शोधित नाम है विष।
और कब तक उसे शोधित करो
अंत में और बने झरेगा विष।।
विधुत भी जल से बने
शुद्ध जल ही धरा दे जीवन।
जल बचाओ व्यर्थ करे बिन
नहीं तो मरो दूषित जल पीवन।।
यदि स्थान हो घर बाहर
तो वहाँ लगाओं वृक्ष।
बना नाली पहुँचाओ उस
वृक्ष दूषित जल स्वच्छ करे कर भक्ष।।
और भरो बरसात जल
गांव शहर निज ताल।
सिंचाई में उपयोग करो
यूँ जल प्रदूषण मिटे हर साल।।
बचाओ बचाओ जल बचाओ
छेड़ो जल स्वच्छ्ता का अभियान।
अपनाओ और भेजो संदेश ये
विश्व अपशिष्ट जल दिवस का ज्ञान।।

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