पिता पर कविता शायरी और शेर – फादर्स डे स्पेशल

पिता पर कविता-फादर्स डे 2017 के साभार में HIHINDI के सभी पाठकों के लिए अपनें पापा को विश करने के पिता पर शायरी शेर और बेहतरीन हिंदी कविताओ का संग्रह लेकर आए हैं. 18 जून 2017 को पिता समुदाय के लिए खास बनाया. एक सुपुत्र के नाते इस दिन पिता को बेस्ट गिफ्ट के तौर पर उनकीं कोई बड़ी इच्छा पूर्ण करने का संकल्प ले सकतें हैं | प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में माता-पिता का अहम रोल होता हैं, समय के बदलाव में अपनें माँ-बाप के उपकारों को न भूलकर. हमेशा वहीं करने का प्रयत्न करे जो उनकीं इच्छाओ के अनुरूप हो .. चलिए मित्रोँ लौटते हैं अपनें विषय पर .

पिता पर कविता (Poem on father in hindi)

फादर्स डे के बहाने..
पापा कभी रोते नही,

पर उनकी भीगी आँखे माँ को दिखती है.
पापा बिना प्रेस किये शर्ट पहनते है,

पर उनके बनियान का छेद माँ देख लेती है.
पापा उम्र भर साईकिल चलाते है,

ताकि उनके बच्चे मोपेड से कॉलेज जा सके.
पापा के कांधे पे एक थैला लटका रहता है,

जिसमें भरके वो हम सबके लिए सपने लाते है.
पापा के पैंट की तुरपाई उधड़ गयी है,

मेरे स्कूल ड्रेस के शर्ट पर जब उन्होंने बटन टांका था.
पापा छत पर 100 बार रस्सी कूदते हैं,

क्योंकि बच्चों का चैलेन्ज स्वीकार है उनको.
पापा खुद फिटकरी लगाते हुए मुझे,

गाल पर रेज़र चलाना सिखाते है.
पापा खिड़की में बैठ दोनों अंगुलियां मुंह में डाल के सिटी भी बजाते है,

जब मेरी सगाई हो जाती है.
पापा कलाकंद और बर्फ ले कर आते है,

जब उनको बताया जाता है कि वो दादा बनने वाले है.
पापा आज बहुत खुश है,

अपनी पोती को अंगुली पकड़ा कर उसे दीवाली की रौशनी दिखाने ले जा रहे हैं.
पापा गाजर का हलवा खा के सो गए,

उन्होंने फिर कभी आँख नही खोली.
पापा रोज याद आते हैं,
पर पापा अब आते नही ||


फादर्स डे शुभकामना संदेश (Father’s Day greeting message)

आज फादर्स डे है ,,,आप सभी को शुभ कामना ,,हालाँकि भारत में हर दिन मदर्स डे और फादर्स डे होता है लेकिन कोई नही आज स्पेशल ही सही ,,,,

मेरे सपनो की उड़ान आप
मेरे जीवन का आदर्श आप
अंश हूँ मैं आप ही का
वंश हूँ मैं आप ही का
मेरी खुशियो में आप
अपनी हसीं ढूढ़ते हैं
मेरे गम में आप
मेरे संग रो देते हैं
मुझे मजबूत सहारा
दिया आपने
जीवन पथ पर चलना
सिखाया है आपने
कुछ सोचूं ,,,कुछ चाहूँ,,,कुछ मांगू
सब बिन मांगे मिल जाता है मुझे
कितने ही लम्हों में जब
हैरान परेशान होती हूँ
तब अचानक आप
मुझे धीरे से संभल जाते हैं
मेरे कानो में आज भी आपकी
बातें गूँजतीं हैं,,,,
घबरा मत,,,, मैं हूँ न
बस,,,मैं फिर से जी उठती हूँ……………

फादर्स डे शायरी जोक्स (Father’s Day Shayari Jokes in hindi)

कमाल है..
आज “फादर्स- डे” है..
और
आज “सन – डे” भी है…


फादर्स डे का तो ये है कि बाप का जूता बेटे को आ जाये तो दोनों बराबर हो जाते हैं। वही जूता उड़कर बेटे के सिर पर पड़ जाये तो दोनों अपनी पोजीशन पर वापस आ जाते हैं।


मदर्स ”डे” व फादर्स “डे” मनाना हमारी संस्कृति नही हे ये पश्चिमी सभ्यता हे, हमारी संस्कृति में तो रोज मदर्स ‘डे’ और रोज फादर्स ‘डे’ होता हे । माँ क एक दिन नही बल्कि हमारी जिंदगी क हर बो दिन खास है जिसे हम जिना चाहते है।इस लिए माँ के लिए एक दिन नही बल्कि 365 दिन माँ की सेवा मे रहिये ।
तभी आप अपना पुत्र धर्म निभा सकते हो


मदर्स डे, फादर्स डे, लवर्स डे, फ्रेंड्स​ डे, ब्रदर्स डे..
पता नहीं कौन-२ सा डे होगा लेकिन
माता-पिता के लिए केवल 1दिन !
ऐसा क्यों ?


ये सारे डेज #बाजार की देन है, पश्चिमी संस्कृति की देन है.. समयाभाव में कुछ चित्र ही डाल देता हूं बाकी आप समझदार है।


मदर्स डे, फादर्स डे मेरी समझ से बाहर है, मेरे लिए हर एक दिन मदर्स डे, फादर्स डे है, जिसे किसी एक दिन में महदूद नही किया जा सकता है।
मैं आप सभी से बस इतना ही कहना चाहता हूँ, माँ-बाप सिर्फ माँ-बाप ही होते हैं, उन्हें मरने से पहले ना मारें।
बस इतनी सी बात अगर हमें समझ में आ जाये तो, हमारे बजाय हमारे माँ बाप के लिए हर एक दिन मदर्स डे, फादर्स डे होगा।।


आज फादर्स डे,मदर्स डे,वुमन डे ये सब डे तो आ गए।।

ये तो बता दो ये पतिदेव डे कब है??


संडे, मंडे, मदरस डे हो या फादरस डे, माँ की चप्पल से तुम्हें कोई दिन नही बचा सकता।

अौर ये रिश्ता किसी दिन का मोहताज नही है।


फादर्स डे की बधाई उन्हें भी जो साइकिल को पीछे से पकड़ बैलेंस बनाना सिखाते हैं।

फादर्स डे स्पेशल क्या करे (What do Fathers Day Special)

एक समय था जब पिता को पुत्री संतान के नाम से ही खीज होती थी, लेकिन आज कारण भी बदले हैं और हालात भी। बेटी पिता के लिए कोई बोझ या जिम्मेदारी बनकर नहीं रह गई हैं, बल्कि पिता की शान और पहचान का हिस्सा बन रही है। बाप-बेटी का रिश्ता गहरी दोस्ती का रूप इख्तियार करने लगा है। जहां संवेदनाएं भी हैं और परवरिश भी। सिमटती दूरियों में पिता को बेटी की अहमियत नजर आने लगी है तभी शायद आज बेटियां भी पापा की लाडली हो गई हैं और मिलती तवज्जो से बेटियां भी फक्र से कहने लगी हैं-‘हां मैं हूं पापा की लाडली।’

मेरे मोहल्ले में कुछ ऐसे भी पिता जी हैं जो अपने बच्चों के लिए दहशत का दूसरा नाम हैं।
और ऐसे बहुत से बच्चे हैं (अधिकतर मध्यमवर्गीय परिवारों के) जो पिताजी को इस दिन की शुभकामनाएं देना चाहते हैं पर किसी संकोच/झिझक/डर में नहीं दे पाते, इसका मुख्य कारण है दूरी के रूप में खुलेपन का अभाव।
तो इस फादर्स डे आपका ये संकल्प होना चाहिए कि अगले फादर्स डे तक इस दूरी को कम से कम या ख़त्म कर दिया जाए।
सिर्फ फादर्स डे की शुभकामनाएं लेने के लिए नहीं बल्कि कई अन्य ज़रूरी बातों के लिए भी।

आज पितृ दिवस (फादर्स डे) पर देश भर के पिताओं से निवेदन करता हूँ की वे # बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ # अभियान की सफलता में अपना सहयोग देकर पितृ दिवस की सारथकता को सिद्ध करें। आइये इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लें।

फादर्स डे’ स्पेशल: तो इसलिए पापा की लाडली होती हैं बेटियां

 

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