Pranab Mukherjee Biography In Hindi | प्रणब मुखर्जी जीवन परिचय

Pranab Mukherjee Biography In Hindi | प्रणब मुखर्जी जीवन परिचय

Pranab Mukherjee Biography: इन्डियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 13वे राष्ट्रपति थे| भारत के दुसरे सबसे बड़े नागरिक पुरूस्कार पद्म विभूषण से नवाजे जा चुके प्रणव कुमार मुखर्जी वर्ष 2017 में 81 वर्ष के हो चुके हैं|  24 जून को इनका राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा होने जा रहा हैं, वे वर्ष 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार पी एस सिगमा को पराजित कर एक पद पर निर्वाचित हुए थे| Biography of Pranab Mukherjee में पूर्व राष्ट्रपति के जीवन पर एक नजरPranab Mukherjee Biography In Hindi | प्रणब मुखर्जी जीवन परिचय

81 वर्षीय प्रणव मुखर्जी ने अपने जीवन में देश के उत्थान के लिए हमेशा काम करते रहे, एक पार्टी की विचारधारा से उपर उठकर स्वच्छ छवि के इस लीडर में विश्वभर में भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य किया|

pranab mukherjee in hindi (प्रणव मुखर्जी के बारे में)

70 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त कर राष्ट्रपति बनने वाले प्रणव मुखर्जी कांग्रेस के पास मनमोहन सिंह के बेहतर प्रधानमन्त्री के विकल्प थे|

जिन्होंने भारत के पहले नागरिक (राष्ट्रपति) बनने से पूर्व कई अहम पदों पर कार्य किया जिनमे रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और ससंद में लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता भी चुने जा चुकें हैं| प्रणब मुखर्जी जीवन परिचय (history/STORY) में एक नजर उनके अब तक के जीवन सफर पर|

क्रमांक बायोग्राफी पॉइंट Pranab Mukherjee Biography In Hindi
1. पूरा नाम प्रणब कुमार मुखर्जी
2. जन्म/स्थान 11 दिसंबर, 1935 ,वीरभूम, बंगाल
3. जीवनसाथी शुभ्रा मुखर्जी
4. बच्चे अभिजित,इन्द्रजीत,शर्मिष्ठा मुखर्जी
5. धर्म हिन्दू
5. नागरिकता भारतीय
5. सम्मान पद्म विभूषण 2008
6. पद राष्ट्रपति,रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री
7. दल कांग्रेस, कांग्रेस समाजवादी पार्टी (स्वय संस्थापक)
8. पुस्तके
  1.  चैलेंज बिफोर द नेशन
  2. ऑफ द ट्रैक- सागा ऑफ स्ट्रगल एंड सैक्रिफाइस
  3. मिडटर्म पोल
  4. भारतीय अर्थव्यवस्था का इमर्जिंग डाईमेशन
  5. बियोंड सरवाइवल
9. आदर्श नेता देंग शियाओ पिंग (चीनी राजनेता)
8. रूचि
  • पुस्तके पढना
  • बागवानी
  • संगीत बजाना, सुनना

इनका जन्म 11 दिसम्बर 1935 को बीरभूम जिला बिर्टिश भारत में हुआ था, वर्ष 1969 में इन्हे कांग्रेस पार्टी ने सासद का टिकट दिया, 1969 से 2017 तक ये देश की देश राजनीती में सक्रिय भूमिका निभाते रहे|
इंदिरा गाँधी के विश्वासपात्रो में से एक थे, जिन्होंने हमेशा बुरे वक्त में पार्टी का साथ दिया|

इनका विवाह वर्ष 1957 में सुभ्रा मुखर्जी के साथ सपन्न हुआ था, सुभ्रा मुखर्जी का 2015 में देहांत हो चूका हैं| प्रणब मुखर्जी के परिवार में इनके दो बेटे हैं जिनका नाम अभिजित,इन्द्रजीत हैं| अभिजित कांग्रेस पार्टी के युवा नेता हैं, उनकी बेटी शर्मिष्ठा क्लासिक डांसर हैं|

आरम्भिक जीवन (Pranab Mukherjee early life)

इनके माता-पिता राजनीती में सक्रिय थे इस कारण मुखर्जी बचपन से ही राजनीती में रूचि रखते थे, इन्होने कलकत्ता विश्वविद्यालय से राजनीती और इतिहास विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की| प्रणब मुखर्जी अच्छे अर्थशास्त्री भी हैं| जो भारत के वित् मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं| इन्होने भारत की इकोनोमिक पर कई पुस्तके भी लिखी हैं जो प्रकाशित हो चुकी हैं|

कॉलेज की पढ़ाई के बाद मुखर्जी नौकरी की तलाश में निकले उन्हें एक पोस्ट ऑफिस में नौकरी मिल गईं| मुखर्जी यहाँ पर कई वर्षो तक कार्य करते रहे| साथ ही राजनीती में गहन अध्ययन करते रहे इसके बाद उन्होंने विद्यानगर के एक महाविध्यालय में पोलटिकल साइंस के आचार्य के रूप में पढ़ाने का अवसर मिला|

साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते रहे| 6-7 वर्षो तक सेवा देने के बाद कांग्रेस पार्टी में एमपी चुनाव में उन्हें टिकट दे दिया| यही से उनके राजनैतिक जीवन की शुरुआत हुई| इंद्रा गाँधी के कार्यकाल में इन्हे केबिनेट में शामिल किया गया था|

उद्योग विकास मंत्री के पद पर रहने के साथ ही उन पर कई तरह के आरोप भी लगे मगर इंदिरा गाँधी के सता में आते ही रुख बदल गया| गाँधी की मौत के बाद राजीव के साथ उनके सम्बन्ध अच्छे नही थे इस पर इन्होने नए राजनितिक मौर्चे का ऐलान कर दिया, कांग्रेस समाजवादी पार्टी CSP|

राजनितिक जीवन (pranab mukherjee ka political life)

बताया जाता हैं , राजीव गाँधी और प्रणब मुखर्जी के सम्बन्ध कुछ अच्छे नही रहे थे इसकी वजह प्रधानमन्त्री पद था मुखर्जी स्वय को इस पद पर देखना चाहते थे| मगर राजीव के बन जाने से उनमे निराशा के भाव पैदा हो गये और नईं पार्टी बना ली|

हालांकि कुछ समय बाद इनके संबंधो में सुधार भी हो गया और बने प्रथक राजनितिक दल का कांग्रेस में विलय कर दिया गया, इस दौरान प्रणब मुखर्जी भारत के चुनाव आयोग आयुक्त भी बन चुके थे|

कांग्रेस की तीन पीढ़ी में साथ देने वाले प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गाँधी के राष्ट्रिय कांग्रेस अध्यक्ष बनने में भी अहम भूमिका निभाई जिनका पारितोषिक के रूप में इन्हे मनमोहन सिंह की सरकार में में भारत के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री के पद पर काम करने का सौभाग्य प्राप्त हो चूका हैं|

नए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के गुरु के रूप में प्रणब दा को जाना जाता है, एक समय था जब जैसा ये कहते सोनिया वैसा ही किया करती थी| 2004 के चुनाव में मुखर्जी ने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत गये| इस पर यूपीए सरकार में उन्हें प्रधानमन्त्री पद के सिवाय वे सारे पद मिले| 2012 में पार्टी ने इन्हे राष्ट्रपति उम्मीदवार भी बनाया और जीत गये| प्रणव मुखर्जी केबिनेट मंत्री, योजना आयोग अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी काम कर चुके हैं|

प्रणब मुखर्जी की उपलब्धियां और पुरस्कार (Pranab Mukherjee’s achievements and awards)

उनके जीवन का एक सपना प्रधानमन्त्री पद का अभी तक अधुरा हैं, कांग्रेस पार्टी चाहे तो इन्हें 2019 में अपना pm उम्मीदवार भी बना सकती हैं, यदि योग्यता और मेहनत के आधार पर कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों का चयन करती हैं तो प्रणब मुखर्जी से बेहतरीन विकल्प क्या हो सकता हैं| यह अलग बात हैं वो अब शायद ही इस उम्र में इस पद पर काम करना चाहे|

  • वर्ष 2010 में इन्हे एशिया के सबसे अच्छे वित् मंत्री का खिताब दिया गया|
  • वर्ष 2011 में वोल्वरहैम्टन युनिवर्सिटी द्वारा डोक्ट्रेड की मानद उपाधि से सम्मानित|
  • बेस्ट सांसद का पुरस्कार जीत चुके हैं|
  • पद्म विभूषण से सम्मानित किये जा चुके हैं|
  • 1984 में एक पत्रिका की सूचि में विश्व के टॉप पांच वित् मंत्रियों में शुमार|

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