राहत इंदौरी की शायरी Rahat Indori Shayari In Hindi

राहत इंदौरी की शायरी Rahat Indori Shayari In Hindi: 21 वीं सदी में भारतीय हिंदी उर्दू शायर और गीतकारो का सबसे विख्यात नाम राहत इन्दौरी का हैं. इनका वास्तविक नाम राहत कुरैशी है 1 जनवरी 1950 को जन्में राहत का 11 अगस्त को निधन हो गया था. इंदौर वासी होने के नाते ये अपने नाम के साथ इन्दौरी लगाया करते थे. सदी के बड़े शायर के रूप में राहत इन्दौरी को सदैव याद किया जाएगा. आज के लेख में हम राहत जी की कुछ प्रसिद्ध शेर शायरी यहाँ पोस्ट कर रहे हैं.

राहत इंदौरी की शायरी Rahat Indori Shayari In Hindi

राहत इंदौरी की शायरी Rahat Indori Shayari In Hindi

Rahat Indori Famous Shayari राहत इंदौरी का शायराना अंदाज बेहद बिरला था. बुलंद आवाज के धनी जब भी मंच पर शेर पढ़ने आते तो अच्छे अच्छे खामोश हो जाया करते थे. अपनी लय में आने तक इंदौरी थोड़ा वक्त लिया करते थे, मगर बाद में तो मंच उन्ही का ही हो जाता था.

भारत के बाहर अन्य एशियाई देशों में राहत इंदौरी एक बड़ा नाम था. खासकर शायरी मुशायरे के तो सरताज माने जाते थे. ये जहाँ भी जाते वहां के हो जाते, सरल और सादा स्वभाव, बुलंद आवाज और लफ्जों के साथ इशारों के तालमेल के बीच से निकला उनका हरेक शेर जन जन की आवाज बन जाया करता था. राहत इंदौरी कहने को तो उर्दू शायर थे. मगर उनकी भाषा इतनी सरल और आम जीवन में काम आने वाली शब्दावली थी, जिसे हर कोई आसानी से समझ जाया करता था. वो बुलाती हैं मगर जाने का नहीं प्रसिद्ध शेर भी इंदौरी ने ही लिखा था.

जब वो आज हमारे बीच नहीं हैं तो उनका एक विख्यात शेर याद आता हैं. वो अपनी मृत्यु के बाद क्या चाहते हैं वो बात उन्होंने एक शेर के माध्यम से कही थी. विगत 11 अगस्त को कोरोना के लक्षण दिखने के बाद इंदौरी अस्पताल में भर्ती हुए थे और वहां उनकी ह्रदयघात से मृत्यु हो गई थी. इस तरह पिछले 50 वर्षों से चला आ रहा, राहत शायरी का दौर यही थम गया.

मैं जब मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना
लहू से मेरी पेशानी पर हिंदुस्तान लिख देना

Rahat Indori Shayri

Rahat Indori Best Shayari In Hindi
हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

Rahat Indori Shayri Image
एक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तो
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो

Rahat Indori Shayari In Hindi Love
घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया
घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है

Rahat Indori Quotes In Hindi
शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए
ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए

Shayari Of Rahat Indori In Hindi
अजनबी ख़्वाहिशें , सीने में दबा भी न सकूँ
ऐसे ज़िद्दी हैं परिंदे , कि उड़ा भी न सकूँ

राहत इंदौरी की शायरी शेर हिंदी में 2020

यदि कोई शायरी करता हो और उन्हें शायरी से लगाव हैं तो निश्चय ही उसके दिल में राहत इंदौरी के प्रति ढेर सारा सम्मान भी होगा. क्योंकि उनके बिना किसी शायरी के मुशायरे की कल्पना नहीं की जाती हैं. हिन्दी उर्दू शायरी गजल और गीतो के रचयिता डोक्टर इन्दौरी का जन्म 1 जनवरी 1950 को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था. इनके पिताजी का नाम रफ्तुल्ला कुरैशी और माँ का नाम मकबूल उन निशा बेगम था. इन्होने भोज खुला विश्विद्यालय मध्यप्रदेश से उर्दू साहित्य में पीएचडी की थी.

Rahat Indori Ki Shayari
रोज़ पत्थर की हिमायत में ग़ज़ल लिखते हैं
रोज़ शीशों से कोई काम निकल पड़ता है

Rahat Indori Romantic Shayari In Hindi
मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया,
इक समंदर कह रहा था मुझको पानी चाहिए।

Rahat Indori Sad Shayari
बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

Rahat Indori Love Shayari
नए किरदार आते जा रहे हैं
मगर नाटक पुराना चल रहा है

Rahat Indori Shayari On Politics In Hindi
रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है
चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है

Rahat Indori Shayari Hindi
मैं आख़िर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता
यहाँ हर एक मौसम को गुज़र जाने की जल्दी थी

Rahat Indori Love Shayari In Hindi
बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए
मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए

Rahat Indori Motivational Shayari
आखिर में उनका ये शेर
कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया
साहब अफवाह थी कि मेरी तबीयत खराब है
लोगों ने पूछ-पूछकर बीमार कर दिया
दो गज सही मगर ये मेरी मिल्कियत तो है
ऐ मौत तूने मुझे जमींदार कर दिया

Rahat Indori Romantic Shayari
बोतलें खोल कर तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए

Rahat Indori Shayari In Hindi Images
मैं ने अपनी ख़ुश्क आँखों से लहू छलका दिया
इक समुंदर कह रहा था मुझ को पानी चाहिए

Rahat Indori Shayari Lyrics
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम
आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Dr Rahat Indori Shayari In Hindi
सूरज सितारे चाँद मिरे सात में रहे
जब तक तुम्हारे हात मिरे हात में रहे

Rahat Indori Sher In Hindi
कॉलेज के सब बच्चे चुप हैं काग़ज़ की इक नाव लिए
चारों तरफ़ दरिया की सूरत फैली हुई बेकारी है

Rahat Indori Hindi Shayari
दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए

Rahat Indori Shayari Status
वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा
मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया

Rahat Indori Shayari Images
ये हवाएँ उड़ न जाएँ ले के काग़ज़ का बदन
दोस्तो मुझ पर कोई पत्थर ज़रा भारी रखो

Rahat Indori Shayari On Love
ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे
नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो

हर शायरी महफिल में राहत इंदौरी के शेर पढने की बारी का इन्तजार होता था. उनका अनूठा शायरी पढ़ने का अंदाज इन्हें सदियों के लिए अमर बना गया. शेर की हर बात को कई बार दोहराकर बुलंद आवाज में शब्दों के अर्थ के मुताबिक़ भाव प्रकट करना इनकी सबसे बड़ी खूबी थी. इनकी टोन बेहद नपी तुली हुआ करती थी. वे शेर पढ़ते समय पहली लाइन को कम से कम तीन बार दोहराते थे मगर यह दुहराव श्रोताओं के लिए सदैव नयेपन से लबरेज मिलता था. अपने पर लगे आरोपों को भी इंदोरी अपनी लेखनी से जवाब देते थे. किसी ने उन्हें जेहादी कहा तो वे जवाब में अपना शेर अर्ज करते है मैं जब मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना, लहू से मेरी पेशानी पर हिंदुस्तान लिख देना. बहुत कम शब्दों में अपनी बात को गम्भीरता से कहने की अदा इनमें कूट कूटकर भरी थी.

Rahat Indori Poetry In Hindi राहत इंदौरी शेरो शायरी

यदि आप इंटरनेट पर उर्दू के सबसे बेस्ट शायर की शेरो शायरी खोज रहे हैं, तो Dr Rahat Indori Ki Shayari आपकों जरूरी पढ़नी चाहिए. यहाँ हम उनकी एक सौ से अधिक 2 लाइन 4 लाइन की हिंदी उर्दू शायरी बता रहे हैं. इंदौरी के शायरी कहने का अंदाज कैसा था, इसका जवाब उन्होंने स्वयं अपने एक शेर के माध्यम से प्रस्तुत किया था. उनसे उनका अंदाज ए बया पूछने वाले को इस शेर में जवाब दिया था.

कभी अकेले में मिलकर झंझोड़ दूंगा उसे
जहां-जहां से टूटा है जोड़ दूंगा उसे
मुझे वो छोड़ गया ये कमाल है उसका
इरादा मैंने किया था कि छोड़ दूंगा उसे
पसीने बांटता फिरता है हर तरफ सूरज
कभी जो हाथ लगा तो निचोड़ दूंगा उसे

Rahat Indori Sher Shayari
आँख में पानी रखो , होंटों पे चिंगारी रखो
ज़िंदा रहना है तो , तरकीबें बहुत सारी रखो

Rahat Indori Shayari In Hindi Pdf
रोज़ तारों को नुमाइश में , खलल पड़ता हैं
चाँद पागल हैं , अंधेरे में निकल पड़ता हैं

Rahat Indori Status In Hindi
आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो

Rahat Indori Books Pdf In Hindi
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुज़री है तिरे शहर में आते जाते

Rahat Indori Shayari Lyrics In Hindi
बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

Rahat Indori In Hindi
बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए
मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए

Rahat Indori Shayari On Politics
बोतलें खोल कर तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए

Rahat Indori Ki Kavita
दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए

Shayari Rahat Indori In Hindi
एक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तो
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो

Dr Rahat Indori Shayari In Hindi Lyrics
अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं
पता चला हैं की मेहमान आने वाले हैं
आँखों में पानी रखों, होंठो पे चिंगारी रखो
जिंदा रहना है तो तरकीबे बहुत सारी रखो
राह के पत्थर से बढ के, कुछ नहीं हैं मंजिलें
रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो

राहत इंदौरी का राजनीतिक दलों तथा सरकारों के सम्बन्ध में भी प्रसिद्ध शेर हैं, अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों में वह कहते हैं कि सरकारे आती जाती रहेगी उनसे हमारा क्या, राहत का यह पूरा शेर पढ़िये.

ऊंचे-ऊंचे दरबारों से क्या लेना !
नंगे भूखे बेचारों से क्या लेना !
अपना मालिक अपना खालिक तो अल्लाह है
आती-जाती सरकारों से क्या लेना!

राहत इंदौरी का जीवन विवाद और शायरी Rahat Indori Latest Shayari

आप शायद नहीं जानते हो राहत इन्दौरी ने लगभग अपने जीवन के बीस वर्ष मुंबई में बिताए, यहाँ रहकर उन्होंने कई फिल्मों के गीत लिखे, जिनमें मर्डर और मुन्ना भाई एमबीबीएस प्रमुख हैं. इंदौरी ने अपने करियर की शुरुआत व्याख्याता के रूप में की, ये उर्दू साहित्य पढाते थे. मगर यही से उनका रुझान शायरी की ओर हो गया तथा देश विदेश में आयोजित होने वाले मुशायरे में बुलाया जाने लगा. इन्होने बहुत अल्प समय में प्रसिद्धि का मुकाम पाया. राहत जब उन्नीस साल के थे तब कॉलेज में पहली बार शायरी सुनाई थी.

शुरू शुरू से राहत की शायरी और शब्दों के चयन से उन पर जिहादी होने के आरोप लगते रहे. मगर जब 2019 में  नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में उतरे तो देश का बड़ा तबका उनसे स्वाभाविक रूप से नफरत करने लगा. एनआरसी के विरोध में हो रहे आन्दोलन में राहत के शेर हिंदुस्तान किसी के बाप का थोड़े ही हैं स्लोगन ने खूब जहर घोला. एक तरफे सेक्युलरिज्म के ज्ञान बांचने वाले राहत उस गंगा जमुनी तहजीब और भाईचारे के हिमायते थे, जिसमें हिन्दुओं को दबकर जीने पर विवश किया जाता था. इनकी नजर में यदि बहुसंख्यक अपने हक की आवाज उठाए तो वे साम्प्रदायिक हैं जबकि एक कथित अल्प संख्यक तबका जो विरोध के नाम पर राजधानी को आग के हवाले कर दे, शहर वासियों को बंधक की जिन्दगी में जीने पर विवश कर दे यह एक तबके के लिए डेमोक्रेसी मानते थे. राहत की मृत्यु पर सोशल मिडिया पर लोगों ने तंज में उनकी ही कई शायरियों को बदल डाला, जिन्हें भी आपके साथ शेयर करेंगे.

Shayari By Rahat Indori In Hindi
जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए
काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए
दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया
फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए

Rahat Indori Motivational Shayari In Hindi
सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें
शाखों से टूट जाए वो पत्ते नहीं हैं हम
आंधी से कोई कह दे की औकात में रहें

Rahat Indori Ghazal In Hindi
गुलाब, ख्वाब, दवा, ज़हर, जाम क्या क्या हैं
में आ गया हु बता इंतज़ाम क्या क्या हैं
फ़क़ीर, शाह, कलंदर, इमाम क्या क्या हैं
तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या हैं

Best Shayari Of Rahat Indori
कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते हैं
कभी धुएं की तरह पर्वतों से उड़ते हैं
ये केचियाँ हमें उड़ने से खाक रोकेंगी
की हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं

Rahat Indori Dosti Shayari
हर एक हर्फ़ का अंदाज़ बदल रखा हैं
आज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रखा हैं
मैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दिया
मेरे कमरे में भी एक “ताजमहल” रखा हैं

Rahat Indori Sad Shayari In Hindi
बुलाती है मगर जाने का नहीं
बुलाती है मगर जाने का नहीं
ये दुनिया है इधर जाने का नहीं
मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुज़र जाने का नहीं
ज़मीं भी सर पे रखनी हो तो रखो
चले हो तो ठहर जाने का नहीं
सितारे नोच कर ले जाऊंगा
मैं खाली हाथ घर जाने का नहीं
वबा फैली हुई है हर तरफ
अभी माहौल मर जाने का नहीं
वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नहीं

Rahat Indori New Shayari
जवानिओं में जवानी को धुल करते हैं
जो लोग भूल नहीं करते, भूल करते हैं
अगर अनारकली हैं सबब बगावत का
सलीम हम तेरी शर्ते कबूल करते हैं

Rahat Indori Ki Shero Shayari
नए सफ़र का नया इंतज़ाम कह देंगे
हवा को धुप, चरागों को शाम कह देंगे
किसी से हाथ भी छुप कर मिलाइए
वरना इसे भी मौलवी साहब हराम कह देंगे

Rahat Indori Desh Bhakti Shayari In Hindi
जवान आँखों के जुगनू चमक रहे होंगे
अब अपने गाँव में अमरुद पक रहे होंगे
भुलादे मुझको मगर, मेरी उंगलियों के निशान
तेरे बदन पे अभी तक चमक रहे होंगे

Best Shayari Rahat Indori
इश्क ने गूथें थे जो गजरे नुकीले हो गए
तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले हो गए
फूल बेचारे अकेले रह गए है शाख पर
गाँव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए

Hindi Shayari Rahat Indori
सरहदों पर तनाव हे क्या
ज़रा पता तो करो चुनाव हैं क्या
शहरों में तो बारूदो का मौसम हैं
गाँव चलों अमरूदो का मौसम हैं

Rahat Indori Funny Shayari
काम सब गेरज़रुरी हैं, जो सब करते हैं
और हम कुछ नहीं करते हैं, गजब करते हैं
आप की नज़रों मैं, सूरज की हैं जितनी अजमत
हम चरागों का भी, उतना ही अदब करते हैं

Rahat Indori Attitude Shayari
ये सहारा जो न हो तो परेशां हो जाए
मुश्किलें जान ही लेले अगर आसान हो जाए
ये कुछ लोग फरिस्तों से बने फिरते हैं
मेरे हत्थे कभी चढ़ जाये तो इन्सां हो जाए

Rahat Indori Hindi
रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं
चाँद पागल हैं अन्धेरें में निकल पड़ता हैं
उसकी याद आई हैं सांसों, जरा धीरे चलो
धडकनों से भी इबादत में खलल पड़ता हैं

Rahat Indori Shayari On Love In Hindi
लवे दीयों की हवा में उछालते रहना
गुलो के रंग पे तेजाब डालते रहना
में नूर बन के ज़माने में फ़ैल जाऊँगा
तुम आफताब में कीड़े निकालते रहना

Best Shayari Of Rahat Indori In Hindi
जुबा तो खोल, नज़र तो मिला,जवाब तो दे
में कितनी बार लुटा हु, मुझे हिसाब तो दे
तेरे बदन की लिखावट में हैं उतार चढाव
में तुझको कैसे पढूंगा, मुझे किताब तो दे

राहत इंदौरी पर शायरी तंज व्यंग्य Shayari On Rahat Indori Death In Hindi

इसमें कोई शक नहीं कि शायरी में इंदौरी एक बड़ा नाम था, हालांकि इनके जीवन से जुड़े कई सारे पहलू उनके समर्थकों के दिल में दूरियां बना गई. 70 साल की जिन्दगी जीने वाले राहत ने अपने अंतिम दस वर्षों में आजीवन कमाई इज्जत को कमतर खुद ही किया. वे एक तरफ हिन्दुओ को गंगी जमुनी तहजीब की घुट्टी पिलाकर शायरियाँ सुनाते दूसरी तरफ प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इस्लाम को संरक्षण देते रहे. सेक्युलरिज्म के प्रतीक माने जाने वाले राहत इंदौरी ने प्रधानमंत्री मोदी, उनकी पार्टी समेत कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भर्त्सना की और आजीवन विरोध का प्रतीक बने मगर वही किसी अन्य दल के नेता के खिलाफ वे शायरी करने की हिम्मत नहीं कर पाए थे. यहाँ हम राहत कुरैशी की मृत्यु पर कुछ सोशल मिडिया यूजर द्वारा प्रस्तुत की गई शेर शायरी बता रहे हैं. जिनका हमसे या हमारी विचारधारा से कोई सरोकार नहीं हैं. हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं  हैं. मनोरंजन के लिहाज से आप इन शायरी चुटकलों का आनन्द ले सकते हैं.

थोड़ी बहुत कानों को राहत मिली ,
देश के गद्दारों की कोई तो फरियाद सुनी ।
करोड़ों दिलों को , जिसने किया था आहत ।
उन देश भक्त योद्धाओं को , थोड़ी राहत मिली ।
।। जय हिंद , जय भारत ।।

Best Shayari By Rahat Indori
अमित शाह के लिए दुआ कर रहे थे, कुबूल राहत इंदौरी के लिए हो गई 😏
ये ससुरा
कोरोना भी अलग ही पैटर्न फॉलो करता है।😂

Love Shayari By Rahat Indori
जो केवल एक कौम का रहा..
कवि कहलाने लायक थोड़े ही हे..
जो मर कर भी ना हो सका अमर..
जिसे जन्नत मेँ भी राहत” थोड़े ही हे..

Romantic Shayari By Rahat Indori
खफा होते हो तो होने दो, घर के मेहमान थोड़ी है
जहां भर से लताड़े जा चुके, इनका ईमान थोड़ी है
ये कान्हा राम की धरती, सजदा करना ही होगा
मेरा वतन मेरी माँ है, लूट का सामान थोड़ी है
बोहोत लूटा कभी बाबर तो कभी तैमूर की औलादो ने
ये मेरा देश कोई खैरात का सामान थोड़े है
मैं गर्व से कहता हूं कि
नही शामिल तुम्हारा खून, इस देश की पावन मिट्टी में
तुम्हारे बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है

Shayari In Hindi Rahat Indori
मांगी थी दुआ #शाह की,
#राहत निकल लिया।
कोरोना तेरी दुआ का,
गुलाम थोड़ी है…..
लेटा दो इसे #खोद के
अब जमीन चार गज,
हूरों का बाग है ये,
#कब्रिस्तान थोड़े है।

Dr Rahat Indori Shayari Hindi
दुआ की थी मोटा भाई के लिये, लेकिन कही अटक गए
नजाने क्या जादू हुआ, इंदौरी सटक गए 🤣
मस्जिदें कबूल थीं, बस मंदिर खटक गए।
भूमिपूजन से आहत, राहत सटक गए।।😊

Rahat Indori Hindi Status
फैलेगा कोरोना तो आयेंगे सभी जद में,
ये कोरोना किसी इंदौरी का सगा थोड़ी है।
जा इंदौरी जी ले दोजख में देश भक्ति तेरे बस की बात नहीं है।

Rahat Indori Shayari On Dosti
बिना मास्क निकलते है ,तो निकलने दो
ये सब बहम है, कोई वहशत थोड़ी है
लगेगा करोना तो आएंगे बहुत ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारी जान थोड़ी है
मैं जानता हूँ कि बिमारी भी कम नहीं लेकिन
हमारी तरह हथेली पे जान थोड़ी है
हमारे मुंह से जो बोले वही सचाई है
हमारे हाथ मे करोना से लड़ाई थोड़ी है
*सभी को बीमार होने का हक‌‌ है*
*किसी के बाप का करोना थोडे ही है*

Rahat Indori Shayari Pdf
बुलाती है 💁‍♀️
☝️मगर जाने का नहीं..
फिर भी चले गये.. ऐसे कैसे,
किसी के बाप का corona थोड़ी है 🤔
#आफत_इंदौरी 😭😭

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों राहत इंदौरी की शायरी Rahat Indori Shayari In Hindi का यह लेख आपकों पसंद आया होगा, यदि आपकों राहत इंदौरी की शायरी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें.

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