Rajasthan Festival Gk Notes In Hindi राजस्थान के त्योहार पर्व Rajasthan Calendar Of Festivals Dates Jayanti

Rajasthan Festival Gk Notes In Hindi राजस्थान के त्योहार पर्व Rajasthan Calendar Of Festivals Dates Jayanti: हेलों साथियो आपका स्वागत हैं आज हम Rajasthan ke tyohar & Rajasthan Festival Gk In Hindi में हम राज्य में सभी धर्मों के द्वारा मनाएं जाने वाले सभी पर्वों के बारें में आपकों सामान्य जानकारी यहाँ देगे. यदि आप राज्य के पर्व उत्सव main famous festivals of Rajasthan in Hindi पर सटीक जानकारी चाहते है तो पूरा लेख अवश्य पढ़े.

Rajasthan Festival Gk Notes In Hindi

Rajasthan Festival Gk Notes In Hindi

राजस्थान के त्योहार पर्व की सामान्य जानकारी

पंचाग और कैलेंडर

  • ग्रिगोरियन कैलेंडर- अंग्रेजी कैलेंडर 1 जनवरी से 31 दिसम्बर
  • विक्रमी संवत्- 57 ईसवीं पूर्व में प्रारम्भ चैत्र शुक्ल एकम से चैत्र अमावस्या तक चलता हैं,
  • शक संवत्- 78 ई में कुषाण शासक कनिष्क के शासनकाल में प्रारम्भ प्रथम माह चैत्र और अंतिम माह फाल्गुन
  • राष्ट्रीय पंचाग- शंक सम्वत पर आधारित, मेघनाद साहा समिति की सिफारिश पर शक सम्वत को राष्ट्रीय पंचाग घोषित किया गया. यह 22 मार्च 1957 को अपनाया गया. हर वर्ष 22 मार्च को चैत्र प्रतिपदा से प्रारम्भ, सामान्य वर्ष 365 दिन का होता हैं.

ईसाईयों के त्यौहार

  • क्रिसमस डे– 25 दिसम्बर, ईसा मसीह का जन्म दिवस
  • गुड फ्राइडे– शुक्रवार, अप्रैल माह में (आमतौर पर पूर्णिमा के निकट अप्रैल में होने वाले शुक्रवार को मनाते हैं) इस दिन ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था.
  • ईस्टर– अप्रैल माह में गुडफ्राइडे के बाद का रविवार, ईसा मसीह के पुनर्जीवित होने की मान्यता
  • नववर्ष दिवस– 1 जनवरी
  • असेंडन डे– ईस्टर के 40 दिन बाद ईसा मसीह के पुनः स्वर्ग लौटने के उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता हैं.

सिक्खों के त्योहार

  • बैशाखी– 13 अप्रैल, इस दिन 1699 ई को सिक्खों के दसवें गुरु गोविन्दसिंह ने आनन्दपुर साहिब रोपड़ पंजाब में खालसा पंथ की स्थापना की थी.
  • लोहड़ी– 13 जनवरी
  • गुरुनानक जयंती– कार्तिक पूर्णिमा, इसी दिन 1469 ई में गुरु नानक का जन्म ननकाना साहिब पाकिस्तान में हुआ था.
  • गुरु गोविन्द सिंह जयंती– पोष शुक्ला सप्तमी, गुरु गोविन्दसिंह जी का जन्म 1666 ई में पोष शुक्ल सप्तमी के दिन पटना में हुआ था. (गुरु ने उत्तराधिकारी परम्परा को समाप्त कर गुरु ग्रन्थ साहिब को गुरु घोषित किया था.

जैन धर्म के त्योहार

  • पर्युषण – पर्युषण का अर्थ निकट आना, श्वेताम्बर पर्युषण – भाद्रपद कृष्ण 12 से भाद्रपद शुक्ल 5 तथा दिगम्बर पर्युषण पर्व भद्र शुक्ल 5 से भाद्रपद शुक्ल 14 तक. पर्युषण का अंतिम दिन संवत्सरी या क्षमापर्व के रूप में मनाया जाता हैं.
  • दशलक्षण पर्व- यह चैत्र माघ व भाद्रपद माह की शुक्ल 5 से 14 तक चलता हैं. दिगम्बर जैन इन दिनों तप व दान करते हैं.
  • ऋषभदेव जयंती– चैत्र कृष्ण नवमी, जैन धर्म के पहले तीर्थकर ऋषभदेव या आदिनाथ की जयंती चैत्र माह के कृष्ण नवमी को मनाते हैं.
  • पार्श्वनाथ जयंती– पोष बदी दशमी, ये जैन धर्म के 23 वें तीर्थकर हैं.
  • महावीर जयंती– चैत्र शुक्ल त्रयोदशी, महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर हैं.
  • सुगंध दशमी पर्व– भाद्रपद शुक्ल पंचमी, जैन मंदिर में सुगन्धित द्रव्यों से सुगंध करके यह पर्व मनाते हैं.
  • रोट तीज– भाद्रपद शुक्ल तृतीय, खीर व मिस्सी रोटियां बनाई जाती हैं.
  • पड़वा ढ़ोक – आश्विन कृष्ण एकम, दिगम्बरों का क्षमा पर्व.

सिंधियों के पर्व

  • चेटीचंड– चैत्र शुक्ल द्वितीया, झूलेलाल जी का जन्म दिवस. इनका जन्म सिंध के थट्टा नामक स्थान पर हुआ था. झूलेलाल जी को वरुणावतार मानते हैं.
  • थदडी – भाद्रपद कृष्णा सप्तमी, बास्योड़ा के रूप में मनाते हैं.
  • चलीहा– 16 जुलाई से 24 अगस्त, सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करता हैं. सिंधियों में इन 40 दिनों में व्रत किये जाते हैं. सिंध के बादशाह मुखशाह के जुल्मो से परेशान होकर सिंधियों ने 40 दिन व्रत किये थे.

मुस्लिमों के त्योहार

  • मोहर्रम– शौक दिवस, हजरत मोहमद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने सत्य व इंसाफ हेतु जुल्म व सितम से लड़ते हुए फारस में कर्बला के मैदान में शहादत पाई. हिजरी सम्वत का पहला महिना मोहरम हैं. मोहर्रम 10 वीं तारीख को ताजिया निकालकर मोहर्रम पर्व मनाते हैं. ताजिये में प्रयुक्त वाद्य- ताशा.
  • ईद उल मिलादुन्नबी/ बारह बफात– हजरत मोहम्मद साहब का जन्म दिवस, रबी उल अव्वल माह की 12 तारीख
  • रमजान– यह मुस्लिमों का पवित्र माह हैं, हिजरी सम्वत का नवा महीना, जिसमें मुस्लिम धर्मावलम्बियों द्वारा रोजे रखे जाते हैं.
  • शबे बारात– मोहम्मद साहब का मुक्ति दिवस, श्ब्बान माह की 14 तारीख को, मान्यता हैं कि हजरत साहब की ईश्वर से आकाश में मुलाकात हुई थी व इस दिन मुसलमान अपनी भूलों के लिए अल्लाह से माफी मागते हैं.
  • ईद उल जुहा/ बकरा ईद– इस दिन हजरत इब्राहीम ने अपने पुत्र हजरत इस्माईल की कुर्बानी दी थी. अतः प्रतीक के रूप में बकरा काटते हैं. यह जिल्हिज माह की 10 वीं तारीख को मनाया जाता हैं. इस माह में हज करते हैं.
  • चेहल्लुम– सफर मास की 20 वीं तारीख, यह मोहर्रम के 40 दिन बाद मनाया जाता हैं.
  • हजरत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती का जन्म दिवस– जमाद उस्मानी माह की 8 वीं तारीख
  • शबे कदर– रमजान की 27 तारीख, इसी दिन अरबी दूत/ जिब्राईल के द्वारा मोहम्मद साहब को कुरआन की भेट की गई.

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प्रिय मित्रों यहाँ हमने Rajasthan Festival Gk Notes In Hindi राजस्थान के त्योहार पर्व Rajasthan Calendar Of Festivals Dates Jayanti लेख में कुछ पंथों के त्योहार बताएं हैं. अगले लेख में आपकों हिन्दुओं के सभी पर्वों के बारें में जानकारी देगे.

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