राजस्थान पर्यटन logo- पधारों म्हारे देस नया राजस्थान लोगो स्लोगन

Rajasthan Tourism logo 2019 राजस्थान पर्यटन logo: पधारों म्हारे देश से मेहमानवाजी करने करने वाला राजस्थान अब पर्यटन को बढ़ावा देने के नये प्रयास कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में राज्य के आने वाले सैलानियों की संख्या महाराष्ट्र तथा गुजरात राज्य को टक्कर दे रही है. राजस्थान राज्य पर्यटन विभाग ने अब अपना लोगो (आदर्श वाक्य) पधारे म्हारे देश से जाने क्या दिख जाए से पधारो म्हारे देस कर दिया गया हैं. पर्यटकों की सुविधा के लिए सरदार द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल भी जारी किया गया है, जिसके होम पेज पर झीलों की नगरी उदयपुर की जयसमन्द झील का चित्र उत्कीर्ण है. एक नजर राजस्थान पर्यटन logoपर

राजस्थान पर्यटन logo- पधारो म्हारे देस

राजस्थान पर्यटन logo

राजस्थान पर्यटन logo 2019 में क्या है

राजस्थान का पर्यटन लोगों सरकार के बदलने के साथ ही बदल चूका हैं. वर्ष २००८ में राज्य का लोगों रंगीला राजस्थान था. 2016 में न जाने क्या दिख जाए स्लोगन जारी किया गया था.

राजस्थान पर्यटन विभाग ने 1993 में ललित के पंवार ने नया स्लोगन पधारों म्हारे देश जारी किया गया जो 2007 तक जारी रखा गया, 1978 ढोला मारू मोनोग्राम बनाया गया था. वर्तमान में राजस्थान का लोगों पधारों म्हारे देस कर दिया गया हैं.

राजस्थान का लोगो क्या था

मृत्यु की तरह दूर दूर तक फैली सफेद रेत के टीलों पर डूबते सूरज के समय ऊंट पर सवारी एवं आकाश में पक्षियों का कलरव, लम्बी मुछों का तांव देते राज्य के वीर, वाद्य यंत्रो की मीठी झंकार को भी नए राजस्थान पर्यटन logo (टैगलाईन) के जरिये दिखाने की कोशिश की गई है.

सूने सुनसान इतिहास के गवाह रहे राज्य के प्रमुख किले, भव्य महल राजपूती छटा को बिखरते यहाँ के संग्रहालय राज्य की शान का प्रतिनिधित्व करते है.

राजस्थान पर्यटन logo के साथ पर्यटन विभाग द्वारा देश विदेश के लोगों को इस अनूठी धरती के दर्शन करने का आह्वान किया जाता है. राजस्थान पर्यटन वेबसाइट tourism.rajasthan.gov.in पर आकर्षक स्थानों की एक झलक देखी जा सकती है. प्रत्यक्ष दर्शन के लिए मरुभूमि की यात्रा ही इस स्वप्न को पूरा कर सकती है. राजस्थान भ्रमण के लिए देश विदेश से जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर सहित सभी बड़े शहरों में रेल, हवाई व सड़क मार्ग द्वारा पंहुचा जा सकता है.

राजस्थान के मुख्य पर्यटन स्थल

प्रकृति के अलग अलग रूपों को अपने में समाएं हुए राजस्थान विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहा है. भारत भ्रमण के लिए आए हर तीसरा पर्यटक इस रंगीले राजस्थान की छटा जरुर निहारने आता है. यहाँ जयपुर के हवामहल, जन्तर मन्तर, जैसलमेर का सोनार किला, धूल के टीलें, ऊँट की सवारी, जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग, उदयपुर के महल एवं किले यहाँ के मुख्य आकर्षण के केंद्र रहे है. सवाईमाधोपुर, भरतपुर के वन्य जीव अभ्यारण्य में स्वच्द विचरण करते वन्य जीवों को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ आते है.

लेक पैलेस, पटवों की हवेलियाँ, बाड़मेर और बीकानेर की हवेलियाँ, अजमेर की पुष्कर झील, गरीब नवाज ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, डीग के जल महल, आमेर दुर्ग, जग मंदिर एवं रामबाग महल को देखने प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक आते है.

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