Raksha Bandhan 2018 Date Muhurat Full Details In Hindi

Raksha Bandhan 2018 Date Muhurat: राखी का त्यौहार कहे जाने वाले Raksha Bandhan 2018 भाई-बहिन का पर्व हैं. किसी भी कार्य को शुभ मुहूर्त में किया जाना अच्छा समझा जाता हैं. ठीक उसी प्रकार रक्षाबंधन में भी बहिन शुभ मुहूर्त में अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं. अच्छे और मंगल मुहूर्त में राखी बहिन द्वारा राखी बाधने पर भाई की लम्बी आयु तथा सुख सम्रद्धि में बढ़ोतरी होती हैं. माना जाता हैं, गलत समय पर राखी बाधना न सिर्फ अशुभ होता हैं, बल्कि कोई अनर्थ भी हो सकता हैं. इसलिए हमे सही समय और मंगल मुहूर्त पर ही राखी बांधनी चाहिए.

Raksha Bandhan 2018 Date Muhurat In Hindi रक्षाबंधन पर कविता

वर्ष भर बहुप्रतीक्षित राखी का त्यौहार प्रतिवर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं. इस दिन का भाई-बहिन बेसब्री से राखी बाँधने और बंधवाने का इन्तजार करते हैं. इस वर्ष Raksha Bandhan 2018 का पर्व हिन्दू कैलेंडर की नियत तिथि श्रावण पूर्णिमा के दिन 7 अगस्त 2018 सोमवार को हैं. पिछले वर्ष Raksha Bandhan 18 अगस्त के दिन था. इस पर्व के पीछे कई पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं, भविष्य पुराण के अनुसार यह एक विजय पर्व हैं.

जिनमें देवताओं और असुरों के बिच हुए 12 वर्षो तक के युद्ध में इंद्राणी द्वारा इंद्र को राखी बाँधने पर उनमे खोई हुई पूर्ण शक्ति पुन: प्राप्त हो गईं थी. जिससे असुरों को हराकर अपना खोया हुआ पूर्ण राज्य वापिस पा लिया था.

Raksha Bandhan 2018 Muhurat (रक्षाबंधन: राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त)

रक्षा बंधन तारीख 2018 – 07 अगस्त ,सोमवार
अनुष्टान समय – 11:04 से 21:12बजे तक
अपराह्न मुहूर्त – 13:46 से 16:24 बजे तक
रक्षा बंधन मुहूर्त – 19:03 बजे से 21:12 बजे तक
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ – 22:28 बजे  6 अगस्त को
पूर्णिमा तिथि समाप्त – 23:40 बजे तक
भद्रा समाप्ति समय – 11:04 बजे

राखी के लिए शुभ मुहुर्त काफी उलझा हुआ हैं. सुबह 11 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 52 मिनट के मध्य की अवधि राखी बंधन के लिए शुभ समय हैं. 7 अगस्त की रात्री को 10 बजकर 53 मिनट पर चन्द्रग्रहण लग रहा हैं. तथा सुबह 11 बजकर 5 मिनट से पहले तक भद्रा समय हैं, 1 बजकर 53 मिनट से सुतक लग जाएगा. भद्रा तथा सुतक के समय कोई भी कार्य किया जाना अशुभ माना जाता हैं. कहते हैं सूपनखा ने भद्रा काल में अपने भाई रावण को राखी बाँधी थी, जिससे उसका सर्वनाश हो गया था.

रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व

इस दिन जब बहिन भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं तो इसका मतलब धागा या डोरा भर नही होता हैं. मगर यह भाई-बहिन के पावन रिश्ते और प्रेम का प्रतीक होता हैं. वह साधारण सा धागा रक्षा पोटली के रूप में काम करता हैं. श्रावस माह शिवजी का महिना माना जाता हैं. और इसी महीने रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाता हैं. इसलिए इस राखी के त्यौहार का और महत्व बढ़ जाता हैं. यह एक धार्मिक त्यौहार हैं,

जिनकी विविध पौराणिक कथाएँ इसके महत्व को दिखाती हैं, जिनमे माता लक्ष्मी जी द्वारा अपने पति विष्णु के बलि द्वारा छुड़वाने की कथा भी जुड़ी हुई हैं. इसमे लक्ष्मी बली को राखी का धागा बांधकर उपहार स्वरूप अपने पति को मांग लेती हैं. कहते हैं उस दिन भी श्रावण मास की पूर्णिमा थी.

Raksha Bandhan 2018 Pooja Vidhi

हमारे इतिहास में जब बच्चों को गुरुकुल में पढने के लिए भेजा जाता था. तो उनका उपाकर्म संस्कार रक्षाबंधन के दिन ही किया जाता था. साथ ही इस दिन से उनकी विद्या आरम्भ की जाती थी. उपाकर्म संस्कार के दौरान सभी नये शिष्यों को पंचगव्य का पान करवाया जाता था. उनका उपाकर्म संस्कार होने के पश्चात जब वे पहले दिन घर पहुचते हैं. तो उनकी छोटी-बड़ी बहिन दाए हाथ के राखी बांधकर मुह मीठा करवाती हैं. इस दिन भगवान् सूर्य को जल चढाने के साथ ही सप्त ऋषियों की पूजा की भी की जाती हैं. इस पूजा में दही सत्तू का अर्ध्य दिया जाता हैं, जिन्हें उत्सर्ज भी कहा जाता हैं. कई दिनों से रक्षाबन्धन के इन्तजार के बाद बहिन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधने से पूर्व अन्न का दाना भी ग्रहण नही करती हैं.

इस दिन प्रत्येक बहिन स्नान कर अगरबती जलाती हैं. तथा अपने भाई के लिए अपने हाथों से मीठे और स्वादिष्ट व्यजंन तैयार करती हैं. इसके पश्चात एक थाली में फुल, फल, चावल, अगरबत्ती और रोली लेकर शुभ मुहूर्त का इन्तजार करने लगती हैं. अच्छे समय में बहिन अपने भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लम्बी उम्र की कामना करती हैं, बदले में भाई आजीवन अपनी बहिन की सुरक्षा और सहायता करने का वचन देता हैं. आज के समय में भाई अपनी बहिनों को बेशकीमती उपहार (Raksha Bandhan 2018 gifts) भी देते हैं.

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