रमा एकादशी व्रत कथा हिंदी में | Rama Ekadashi Vrat Katha In Hindi

रमा एकादशी व्रत कथा हिंदी में | Rama Ekadashi Vrat Katha In Hindi: यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता हैं. इस दिन भगवान केशव का सम्पूर्ण वस्तुओं से पूजन, नैवेद्य तथा आरती का प्रसाद वितरित कर ब्राह्मणों को खिलाये तथा दक्षिणा बांटे.

Rama Ekadashi Vrat Katha In HindiRama Ekadashi Vrat Katha In Hindi

रमा एकादशी 2018 व्रत कथा व महत्व ( Rama Ekadashi 2018 date, Vrat Katha, significance In Hindi): एक समय मुचकुंद नाम का दानी और धर्मात्मा राजा राज्य करता था, उसे एकादशी व्रत का पूरा विश्वास था, इसलिए वह प्रत्येक एकादशी को व्रत रखता था.

उसने अपनी प्रजा पर भी यह नियम लागू कर दिया था. उसके चन्द्रभागा नामक एक कन्या थी, वह भी अपने पिता से अधिक इस व्रत पर विशवास करती थी. उसका विवाह राजा चन्द्रसेन के पुत्र शोभन के साथ हुआ. जो राजा मुचकुंद के साथ ही रहता था.

एकादशी के दिन सभी ने व्रत किये. शोभन ने भी व्रत किया, परन्तु क्षीणकाय होने से भूख से व्याकुल हो मृत्यु को प्राप्त हो गया, इससे राजा रानी और पत्नी अध्यधिक दुखी हुए. शोभन के व्रत के प्रभाव से मन्दराचल पर्वत पर स्थित देव नगर में उन्हें आवास मिला.

वहां उसकी सेवा में राम्भादी अप्सराये तत्पर थी. अचानक एक दिन राजा मुचकुंद मन्दराचल पर टहलते हुए पहुचा तो वहां अपने दामाद को देखा और घर आकर सब वृतांत अपनी पुत्री को सुनाया, पुत्री भी यह समाचार पाकर पति के पास चली गई तथा दोनों सुख से पर्वत पर ही रंभादिक अप्सराओं से सेवित निवास करने लगे.

मित्रों यह थी रमा एकादशी की कथा हिंदी में, आपकों बता दे Rama Ekadashi Vrat 2018 की डेट 3 नवम्बर 2018 हैं जो भक्तगण इस एकादशी का व्रत रखना चाहे वे निराहार रमा एकादशी व्रत रखे.

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