मेरी प्रिय पुस्तक रामचरितमानस | Ramcharitmanas My Favourite Book Essay In Hindi

Ramcharitmanas My Favourite Book Essay In Hindi वैसे तो मनीषी विद्वानों, अमर साहित्यकारों, दार्शनिकों और विचारकों ने अनेक सुंदर ग्रन्थों की रचना की. ज्ञान विज्ञान और साहित्य की अनेक जीवनोपयोगी पुस्तके उपलब्ध है, परन्तु इन सभी में से मुझे रामचरितमानस ही सबसे अधिक प्रिय पुस्तक (my favourite story book ) है.मुझे ही क्यों, यह पुस्तक तो सम्पूर्ण हिन्दू समाज के गले का हार है.

मेरी प्रिय पुस्तक रामचरितमानस | Ramcharitmanas My Favourite Book Essay In Hindi

निर्धन की झौपड़ी से लेकर धनवानों के राजप्रसादों तक यह अमर ग्रन्थ समान श्रद्धा और भक्ति का अधिकारी है. यह व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र से सभी के लिए आदर्श है.

यह व्यक्ति के जीवन को उचा उठाने वाला, पारिवारिक आदर्शों की स्थापना करने वाला, समाज के मंगलमय स्वरूप का निर्देश करने वाला तथा राष्ट्र की आत्मा को आलोकित करने वाला अनुपम ग्रन्थ है.

  • रामचरितमानस की अनोखी कहानियां, Ramcharitmanas in Hindi

    यह रामचरितमानस हिंदी के अमर कवि गोस्वामी तुलसीदास की महान कृति है. यह हमारी हिंदी की ही नही, विश्व साहित्य की श्रेष्टतम रचना कही जा सकती है. इसमे भगवान् रामचन्द्र जी के जीवन की पावन गाथा अंकित है. जिस प्रकार उन्होंने बाल्यकाल में ही अपने अपूर्व पराक्रम से तड़ाका, सुबाहु आदि राक्षसों का वध करके तपोवन के ऋषियों का रक्षण किया था.

    मिथिला की स्वयंवर सभा में शिव धनुष तोड़कर सीता को अपनी अर्धागिनी बनाया. पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया. वन में जाकर वहां की कोल किरात आदि आदि वन्य जीवो से बड़े प्रेम और सौजन्य के साथ उन्होंने निवास किया, उन्हें सभ्य और शिक्षित बनाया. खर दूषण आदि राक्षसों का वध कर तपोवन के जीवन को सुरक्षित बनाया.

    वानर और भालुओं की सेना लेकर रावण जैसे दुष्ट और अत्याचारी राक्षस का विनाश किया. लंका का राज्य भी स्वयं न लेकर रावण के छोटे भाई विभीषण को सौप दिया. चौदह वर्ष पश्चात् अयोध्या लौटकर उन्होंने राजकाज संभालते हुए राम राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया.

  • रामचरितमानस का महत्व (Importance of Ramcharitmanas)

    श्रीराम के पावन चरित्र के सुधारस से सींचा हुआ गोस्वामी तुलसीदास का रामचरितमानस मानवता की उज्जवल भूमि पर प्रतिष्ठित है. मानवीय हिवन के आदर्शों का एक ऐसा सुंदर रूप हमे अन्यत्र किसी ग्रन्थ में दृष्टिगोचर नही होता है. सचमुच साहित्यिक, धार्मिक, राजनितिक, सामाजिक, सांस्कृतिक सभी दृष्टियों से इस ग्रंथ का अनुपम महत्व है.

    साहित्य के क्षेत्र में यह ग्रंथ हिंदी का सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य है. काव्य के दोनों ही पक्षों भाव और कला की इसमें चरम व्यंजना की गई है. तुलसीदास ने मानव जीवन की अनेकानेक परिस्थतियों का समावेश अपने इस काव्य में करके आदर्श मानवी मूल्यों एवं सांस्कृतिक मर्यादाओं को अत्यंत व्यापक और विराट रूप दिया है.

    इसलिए रामचरितमानस में मानव जीवन का सर्वांग चित्रण हुआ है. भावनाओं की ऐसी विशाल स्थली, कविता का ऐसा लोकोतर आनंद, कला की ऐसी दिव्य छटा तुलसीकृत रामचरितमानस मानस में ही दर्शनीय है.

  • रामचरितमानस का प्रभाव (benefits of reading ramcharitmanas)

    यह ग्रंथ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है. हमारे सामाजिक, धार्मिक, राजनितिक जीवन की मूल्यवान संपदा है. रामचरितमानस की रचना उस युग में हुई थी. जबकि भारतीय समाज का जीवन नैतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक सभी दृष्टियों से बड़ा ही दयनीय है. समाज के सामने कोई उच्चादर्श नही था. लोग धर्म के सच्चे स्वरूप को भूल रहे थे.

    ढोंगी और पाखंडी लोगों का प्रभुत्व था. तलवार की नोक से जड़ जमाने वाले मुस्लिम धर्म सम्प्रदाय से हिन्दू जनता भयभीत और त्रस्त थी. ऐसें समय में तुलसी ने श्रीराम का दैदीप्यमान चरित्र जन जन के समक्ष रखकर लोक धर्म का महामंत्र दिया. इस ग्रन्थ में उन्होंने व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र, पति पत्नी, स्वामी सेवक आदि के अधिकार और कर्तव्य मर्यादाओं तथा जीवन के आदर्शों का प्रतिपादन किया.

  • राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, हनुमान जैसे महान चरित्रों की अवधारणा कर उन्होंने आदर्श जन समाज के संगठन का स्वरूप निर्धारित किया. उन्होंने आदर्श पुत्र, आदर्श पति, आदर्श पत्नीं, आदर्श भाई, आदर्श सेवक, आदर्श राजा, आदर्श प्रजा सभी के उज्जवल चित्र देकर जन जीवन को उदात बनाने की स्फूर्तिदायक प्रेरणा दी.
  • उपसंहार

रामचरितमानस की ऐसी गौरव महिमा है. जिसकी अमरवाणी निरंतर चार सौ वर्षो से अधिक वर्षो से जन मानस को पुष्ट करती हुई भारत भूमि में गूंज रही है.

हमारा कर्तव्य है कि इस पावन ग्रन्थ का हम नित्य अध्ययन करे, उसके आदर्शों पर अग्रसर होकर अपने जीवन को ऊँचा उठावें. अपने देश, जाति और समाज के कल्याण में हाथ बताएँ तथा अपना जीवन आदर्श बनाए.

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