राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन | Rashtriya Gramin Swasthya Mission

National Rural Health Mission कहते है यदि व्यक्ति शरीर से स्वस्थ नही हो तो उनके लिए दुनिया के सारे सुख और संपदा बेकार है. जब व्यक्ति शरीर से स्वस्थ और तन्दुरस्त होगा तभी इन सांसारिक आनंद की अनुभूति कर सकता है. चाहे कोई भी देश हो उसकी प्रगति वहां के नागरिकों के स्वास्थ्य पर टिकी रहती है. स्वास्थ्य ही धन है अर्थात हेल्थ इज वेल्थ. भारत ने अपने इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन 2005  की शुरुआत की जिससे अपने नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए.

 राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन | Rashtriya Gramin Swasthya Mission

National Rural Health Mission
National Rural Health Mission (NRHM)

भारत सरकार द्वारा पिछड़े तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवतापूर्ण स्वास्थ्य उपलब्ध करवाने के लिए एन.आर.एच.एम.की शुरुआत बिहार, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडीशा और राजस्थान तथा पूर्व के आठ राज्यों में 2005 से की गई. मलेरिया, दृष्टिहीनता, आयोडीन की कमी, फाइलेरिया, कालाज़ार, टी.बी., कुष्ठ रोग जैसे घातक रोगों को इस मिशन में शामिल करने के अतिरिक्त प्रसूता के लिए डिलीवरी सेवा की शुरुआत भी की गई.

वैसे इस स्कीम को 12 अप्रैल 2005 को सम्पूर्ण भारत में लागू कर दिया. मगर स्वास्थ्य की द्रष्टि से पिछड़े 18 राज्यों को इसमे मुख्य रूप से वरीयता दी गई. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए देशभर में 7 लाख सामाजिक कार्यकर्ताओं को लगाया गया जिन्हें आशा कहा जाता है.

इन आशा सहयोगिनियों के द्वारा सफल तथा सुरक्षित प्रसव, मात्र तथा शिशु सुरक्षा के प्रबंध के साथ ही संक्रामक रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना, तथा खुले में शौच मुक्त भारत के लिए घर घर शौचालय तथा उनके उपयोग सुनिश्चित करवाने की जिम्मेदारी भी सरकार द्वारा इन आशा कार्यकर्ताओं को दी गई.राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत सफाई, पोषाहार, शुद्ध पेयजल, प्राथमिक शिक्षा, पंचायती राज तथा ग्रामीण विकास जैसे कार्यो को भी इनसे जोड़ने का कार्य किया गया है.

यूनिसेफ द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को लेकर जारी आंकड़ो में यह बात स्पष्ट है कि भारत के अधिकतर राज्यों में मातृ तथा शिशु मृत्यु दर में गिरावट के साथ ही सामान्य रोगों पर लोगों का अस्पताल तथा सुरक्षित प्रसव की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी इस मिशन की सफलता के संकेत दे रही है. सरकार द्वारा भी उतरोतर कार्यक्रम में विस्तार करते हुए इसमे आंगनवाडी, अस्पताल संस्थाओं तथा गैर लाभकारी संस्थाओ को इससे जोड़ा जा रहा है. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन संसाधन केंद्र द्वारा इस मिशन के कार्यो की निगरानी की जाती है.

कई वर्षो पूर्व तक हमारे देश में मातृ शिशु मृत्यु दर के आंकड़े चिंतनीय थे. मगर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत के बाद वास्तविक धरातल पर इसमे सुधार देखा जा रहा है. अभी तक के आरम्भिक इस दशक में इस मिशन की सफलताओं को देखते हुए लगता है, यह निरंतर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है, संभव है स्वस्थ भारत सम्रद्ध भारत का सपना ऐसी जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संभव है.

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