गणतंत्र दिवस पर निबंध | Republic Day Essay

Republic Day Essay हमारा भारत देश 200 वर्षो तक अंग्रेजो की गुलामी से 15 अगस्त 1947 को जाकर आजाद हुआ था. देश की आजादी के बाद भी ब्रिटिश सरकारों के बने कानूनों से हमारी शासन व्यवस्था चलती थी. राष्ट्र के बड़े नेताओं द्वारा स्वयं की कानून व्यवस्था तैयार करने के लिए सविधान सभा का गठन किया गया जिसनें कड़ी मेहनत से नवम्बर 1949 को भारत का सविधान तैयार किया गया, जिन्हें 26 जनवरी 1950 को पुरे देश में लागू किया गया था. इस दिन को यादगार बनाने के लिए हम हर साल गणतंत्र दिवस को राष्ट्रिय पर्व के रूप में मनाते है.

गणतंत्र दिवस पर निबंध (Republic Day Short Essay )

हमारा देश त्योहारों के लिए प्रसिद्ध है. जब से हमारा देश आजाद हुआ है जब से राष्ट्रिय भावनाओं पर आधारित कुछ पर्वो की शुरुआत हो गई है. कुछ पर्व देश के महान महापुरुषों के जन्म दिन और उनकी याद में मनाए जाते है.

जिनमे 2 अक्टूबर को गाँधी, शास्त्री जयंती आदि. कुछ पर्व हमारे देश की द्रष्टि से अति महत्वपूर्ण होते है. जिनमे 15 अगस्त और 26 जनवरी मुख्य है. 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है.

राष्ट्रिय द्रष्टि से 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस का बड़ा महत्व है. इसी दिन भारत को गणतंत्र घोषित किया गया था. साथ ही इस दिन भारत का सविधान लागू हुआ था.

मनाने का ढंग-26 जनवरी के दिन पुरे देश में प्रसन्नता और हर्ष की लहर दौड़ जाती है. इस दिन सुबह से शाम तक प्रत्येक शहर/नगर में कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

कई ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिनमे सभी शहरवासी शामिल होकर सामूहिक रूप से भाग ले सके तथा इस दिन को आनन्द पूर्वक मना सके. गणतंत्र दिवस के दिन देशभर में राजकीय अवकाश होता है. हर स्कुल में कोई न कोई कार्यक्रम का आयोजन अवश्य होता है.

इस गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में विद्यालयों व कोलेजों में ध्वजारोहण के साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत होती है, जिनमे सभी शिक्षक और छात्र सम्मलित होते है. इस दिन गाँवों व् शहरों में सुबह प्रभात फेरी निकाली जाती है.

राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री शामिल होते है. राष्ट्रिय स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में होता है. हमारे देश का सैन्य विकास तथा कुशलता व देश की सांस्कृतिक विविधता की गौरवपूर्ण एवं मनोरम झांकिया प्रस्तुत की जाती है,  सायकाल में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है.

उपसंहार-इस तरह यह हमारा राष्ट्रिय पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह दिन हमे याद दिलाता है कि अपने देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा करनी चाहिए. तथा हमे पूर्ण रूप से अनुशासित रहकर देश के विकास में सहयोग करना चाहिए.

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