भारत में सड़क परिवहन | Road Transport In India In Hindi

Road Transport In India In Hindi: भारत विश्व के सर्वाधिक सड़क जाल वाले देशों में से है. यहाँ सड़क जाल लगभग 23 लाख वर्ग किमी है. भारत में सड़क परिवहन, रेल परिवहन से पहले प्रारम्भ हुआ. निर्माण तथा व्यवस्था में सड़क परिवहन, रेल परिवहन की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक है. रेल परिवहन की अपेक्षा सड़क परिवहन (Road Transport In India) में अधिक महत्व है. इसके कारण निम्न है.

भारत में सड़क परिवहन | Road Transport In India In Hindi

भारत में सड़क परिवहन | Road Transport In India In Hindi

भारत में सड़क परिवहन की विशेषताएं (road transport in india introduction,characteristics)

  1. रेलवें लाइन की अपेक्षा सड़कों की निर्माण लागत कम है.
  2. अपेक्षाकृत उबड़-खाबड़ व विच्छिन्न भूभाग पर सड़कें बनाई जा सकती है.
  3. अधिक ढाल प्रवणता तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भी सडकें निर्मित की जा सकती है.
  4. अपेक्षाकृत कम व्यक्तियों, कम दूरी व वस्तुओं के परिवहन में सड़के मितव्ययी है.
  5. यह घर घर सेवाएं उपलब्ध करवाता है तथा सामान चढाने व उतारने की लागत भी अपेक्षाकृत कम है.
  6. सड़क परिवहन, अन्य परिवहन के साधनों के उपयोग में एक कड़ी के रूप में भी कार्य करता है, जैसे सड़कें, रेलवें स्टेशन, वायु व समुद्री पतनों को जोड़ती है.

भारत में सड़कों की स्थति के आधार पर इन्हें निम्न छ वर्गों में वर्गीकृत किया गया है.

भारत में सड़कों के प्रकार (Types of roads in India)

स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग (Golden Quadrilateral Super Highway)-

भारत सरकार ने दिल्ली कोलकाता, चेन्नई मुंबई व दिल्ली को जोड़ने वाली छ लेन वाली महा राजमार्ग सड़क परियोजना प्रारम्भ की है. इस योजना के तहत दो गलियारे प्रस्तावित है. प्रथम उत्तर दक्षिण गलियारा जो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है.

और दूसरा जो पूर्व पश्चिम गलियारा जो सिलचर (असम) तथा पोरबन्दर (गुजरात) को जोड़ता है. इस महा राजमार्ग का उद्देश्य भारत के मेगासिटी (mega cities) के मध्य दूरी व परिवहन समय को न्यूनतम करना है. यह राजमार्ग परियोजना भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकार क्षेत्र में है.

राष्ट्रीय राजमार्ग (national highway in india)

राष्ट्रीय राजमार्ग देश के दूरस्थ भागों को जोड़ता है. ये प्राथमिक सड़क तंत्र है. जिनका निर्माण व रखरखाव केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के अधिकार क्षेत्र में है. अनेक प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर से दक्षिण तथा पूर्व से पश्चिम दिशाओं में फैले हुए है.

दिल्ली व अमृतसर के मध्य ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 के नाम से जाना जाता है.

राज्य राजमार्ग (State highways in India)

राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाली सड़के राज्य राजमार्ग कहलाती है. राज्य तथा केन्द्रशासित क्षेत्रों में इनकी व्यवस्था तथा निर्माण का दायित्व राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का होता है.

जिला मार्ग (District route)

ये सड़के जिले के विभिन्न प्रशासनिक केन्द्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ती है. इन सड़कों की व्यवस्था का उतरदायित्व जिला परिषद् का होता है.

अन्य सड़कें (Other roads)

इस वर्ग के अंतर्गत वे सडकें आती है, जो ग्रामीण क्षेत्रों तथा गाँवों को शहरों से जोड़ती है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के तहत इन सड़कों के विकास को विशेष प्रोत्साहन मिला है. इस परियोजना के कुछ विशेष प्रावधान है. जिनमें देश के प्रत्येक गाँव को प्रमुख शहरों से पक्की सड़कों (वे सड़कें जिन पर वर्ष भर वाहन चल सके) द्वारा जोड़ना प्रस्तावित है.

सीमांत सड़कें (Marginal roads)

उपरोक्त सड़कों के अतिरिक्त भारत सरकार प्राधिकरण के अधीन सीमा सड़क संगठन है, जो देश के सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण व उसकी देखरेख करता है. यह संगठन 1960 में बनाया गया, जिसका कार्य उत्तर तथा उत्तरी पूर्वी क्षेत्रों में सामरिक महत्व की सड़कों का विकास करना था.

इन सड़कों के विकास से दुर्गम क्षेत्रों में अभिगम्यता बढ़ी है. तथा ये इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास में भी सहायक हुई है.

सड़कों का वर्गीकरण (Classification of roads)

सड़क निर्माण में प्रयुक्त पदार्थ के आधार पर भी सड़कों को कच्ची व पक्की सड़कों में वर्गीकृत किया जाता है. पक्की सड़कें, सीमेंट, कंक्रीट व तारकोल द्वारा निर्मित होती है, अतः ये बारहमासी सड़के है, कच्ची सड़कें वर्षा ऋतु में अनुपयोगी हो जाती है.

भारत में सड़क घनत्व की जानकारी (road density in india 2018)

प्रति सौ वर्ग किमी क्षेत्र में सड़कों की लम्बाई को सड़क घनत्व कहा जाता है. भारत में सड़कों का वितरण एकसमान नही है. इसका घनत्व जम्मू कश्मीर में 10.4 किमी प्रति सौ वर्ग किमी से उत्तर प्रदेश में सड़क घनत्व 532.27 वर्ग किमी प्रति सौ वर्ग किमी तक है. जबकि 2007-08 के अनुसार सड़कों का औसत राष्ट्रीय घनत्व 125 किमी प्रति सौ वर्ग किमी था.

basic road statistics of india 2018-19 in hindi

क्रमशः राज्य का नाम सड़क की लम्बाई किलोमीटर में
1) उत्तर प्रदेश 8483 किलोमीटर
2) राजस्थान 7906 किलोमीटर
3) महाराष्ट्र 7434 किलोमीटर
4) कर्नाटक 6502 किलोमीटर
5) आंध्र प्रदेश 5231 किलोमीटर
6)  मध्य प्रदेश 5193 किलोमीटर
7) तमिलनाडु 5006 किलोमीटर
8) गुजरात 4970 किलोमीटर
9) बिहार 4678 किलोमीटर
10) ओड़िसा 4644 किलोमीटर
11) असम 3811 किलोमीटर
12) चण्डीगढ़ 3078 किलोमीटर
13) पश्चिम बंगाल 2909 किलोमीटर
14) उतराखंड 2841 किलोमीटर
15) पंजाब 2769 किलोमीटर
16) झारखंड 2653 किलोमीटर
17) तेलंगाना 2635 किलोमीटर
18 हरियाणा 2622 किलोमीटर
19) हिमाचल प्रदेश 2622 किलोमीटर
20) जम्मू कश्मीर 2593 किलोमीटर
21) अरुणाचल प्रदेश 2513 किलोमीटर
22) केरल 1811 किलोमीटर
23) मणिपुर 1745 किलोमीटर
24) मिजोरम 1381 किलोमीटर
25) मेघालय 1204 किलोमीटर
26) नागालैंड 1150 किलोमीटर
27) त्रिपुरा 577 किलोमीटर
28) अंडमान निकोबार 330 किलोमीटर
29) सिक्किम 309 किलोमीटर
30)  गोवा 262 किलोमीटर
31) दिल्ली 80 किलोमीटर
32) पुडुचेरी 64 किलोमीटर
33) दादरा और नगर हवेली 31 किलोमीटर
34) दमन और दीव 22 किलोमीटर
35) चंडीगढ़ 15 किलोमीटर
                      कुल लम्बाई                        100088 किलोमीटर 

सड़क परिवहन की समस्याएं (Road transport problems)

भारत में सड़क परिवहन में अनेक समस्याओं से जूझ रहा है. यातायात व यात्रियों की संख्या को देखते हुए सड़कों का जाल अपर्याप्त है. लगभग आधी सड़कें कच्ची है. तथा वर्षा ऋतु के दौरान इनका उपयोग सिमित हो जाता है. राष्ट्रीय राजमार्ग भी अपर्याप्त है.

इसके साथ ही शहरों में भी सड़कें अत्यंत तंग तथा भीड़ भरी है. इन पर बने पुल व पुलिया पुराने व तंग है. परन्तु हाल ही के वर्षों में देश के विभिन्न भागों में सड़क मार्गों का तेजी से विकास हुआ है.

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