Saksharta Essay In Hindi 2019 World Literacy Day Speech Essay For Students

Saksharta Essay In Hindi 2019: 8 सितम्बर को हर साल विश्व साक्षरता दिवस / World Literacy Day मनाया जाता हैं. Saksharta को अन्य अर्थ में Education भी कहा जा सकता हैं. आज के समय में असाक्षर होना एक अभिशाप हैं. हर देश अशिक्षा की सामाजिक परेशानी से परेशान हैं. इसी दिशा में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा साक्षरता दिवस (Saksharta Diwas) हर साल मनाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाता हैं. Hindi Me Saksharta Essay में आपकों साक्षरता दिवस पर निबंध व भाषण प्रस्तुत करवा रहे हैं. Saksharta Diwas 2019 Speech Essay यहाँ दिए गये हैं.

Saksharta Essay In Hindi 2019 World Literacy Day Speech Essay For StudentsSaksharta Essay In Hindi 2019 World Literacy Day Speech Essay For Students

Saksharta Din Essay: साक्षरता का शाब्दिक अर्थ होता है शिक्षित होना अर्थात् अक्षर ज्ञान होना. सरल शब्दों में कहे तो साक्षरता का आशय पढने लिखने की क्षमता का होना हैं.

आज के संसार में हर व्यक्ति का साक्षर होना परिहार्य हैं. बिना शिक्षा के कोई भी मुकाम बिना असम्भव हैं. आज के समय में ज्ञान के माध्यम इतने हो गये हैं कि व्यक्ति घर बैठे भी अध्ययन कर सकता हैं.

अनपढ़ व्यक्ति इन सब सुविधाओं से वंचित रह जाता हैं. कूपमंदुप की भांति वह अपनी छोटी सी दुनियां में ही मशगुल रहता हैं. वह वास्तविक संसार से पूर्णतया कटा हुआ रहता हैं. वह न तो अपने लोकतान्त्रिक अधिकारों का उपयोग कर पाता है और ना ही सुविधाओं का उपयोग कर पाता हैं.

आज व्यक्ति का साक्षर होना अनिवार्य हो गया हैं. निरक्षरता एक दुर्गुण बन गया हैं. इसलिए आजकल हर कोई पढ़ना लिखना चाहता हैं. सरकार और समाज दोनों की ओर से हर तरह के प्रयास किए जाते है. ताकि आज के समय में सुविधाओं के अभाव में कोई नागरिक शिक्षा से वंचित ना रहे.

हर बस्ती मोहल्ले में विद्यालय खोले गये हैं. समाज के उस अंतिम बालक तक शिक्षा मुहैया कराने के प्रयत्न किए जा रहे हैं. भारत में निरक्षरता के अभिशाप को तभी मिटाया जा सकता है. जब सभी लोग आगे आए तथा शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाएं. यदि साक्षरता दिवस के इन कार्यक्रमों के जरिये इक्कसवी सदी में हर भारतीय शिक्षा से जुड़ पाया तो इस अभियान की यह महान उपलब्धी होगी.

Saksharta Essay For World Literacy Day 2019

किसी भी देश के नागरिकों का साक्षर ना होना उस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होता हैं. उन्नत विकास के लिए आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए. इसके दूसरी तरफ यदि लोग अक्षर ज्ञान से भी दूर है तो उस देश एवं समाज के बारे में कुछ नही कहा जा सकता हैं.

शिक्षा का सीधा असर राष्ट्र की विकास दर पर पड़ता है. जिस देश के अधिकतर नागरिक पढ़े लिखे होते है वह देश उन्नति के मार्ग पर तेजी से अग्रसर होता हैं.

विश्व में साक्षरता के महत्व को मध्यनजर रखते हुए यूएनओ की शैक्षिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन यूनेस्कों ने 17 नवम्बर 1965 को हर साल 8 सितम्बर के दिन विश्व साक्षरता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था. पहली बार वर्ष 1966 में ही विश्व साक्षरता दिवस का आयोजन किया गया था.

असल मायनों में देखे तो शिक्षा का अर्थ सिर्फ पढ़ा लिखा होने भर से नही है. बल्कि शिक्षा का अर्थ जागरूकता से भी जुड़ा हुआ हैं. हम पढ़ लिखकर अपने समाज देश के विकास कार्यों में योगदान देवे तभी सही मायनों में हमारे शिक्षित होने का मूल्य हैं. आज हमारा देश गरीबी, अंधविश्वास, स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही जैसी तमाम परेशानियों से गुजर रहा हैं. जिसका एक ही समाधान शिक्षा हैं. हम साक्षरता को बढ़ावा देकर इस प्रकार की कुरीतियों को समाज से निकाल सकते हैं.

साक्षरता के आंकड़ों में आजादी के 72 साल बाद भी स्त्री शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, अति पिछड़े समाजों (मुस्लिम समुदाय) में शिक्षा का बेहद निम्न स्तर आज भी देखा जा सकता हैं. नतीजेजन इसका खामियाजा सम्पूर्ण भारतीय समाज एवं देश को उठाना पड़ रहा हैं.

उम्मीद करता हूँ दोस्तों Saksharta Essay पर लिखी गई ये बाते आपकों पसंद आई होगी. 8 सितम्बर 2019 को विश्व साक्षरता दिवस के अवसर आप इन कंटेट के साथ अपना भाषण अथवा निबंध तैयार कर सकते हैं. Saksharta Diwas Essay के बारे में आप और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है. तो निचे दी गई सम्बन्धित पोस्ट को जरुर पढ़े.

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