Sanskrit Proverbs With Meaning | संस्कृत सूक्तयः सूक्तियां हिंदी अर्थ के साथ

Sanskrit Proverbs With Meaning संस्कृत सूक्तयः सूक्तियां हिंदी अर्थ के साथ: संस्कृत साहित्य जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी, व्यवहार तथा नीति का ज्ञान कराने वाले सुंदर वचनों (sanskrit thought) से भरा पड़ा हैं. गहन भावों को अल्प शब्दों sanskrit sayings में कहना हमारे कवियों की परम्परा रही हैं. आज के sanskrit shlok में छात्रों के लिए बेहद प्रेरणास्पद कुछ महत्वपूर्ण सूक्तियों (sanskrit proverbs quotes) को संकलित किया गया हैं.

Sanskrit Proverbs With Meaning संस्कृत सूक्तयः सूक्तियां हिंदी अर्थ

Sanskrit Proverbs With Meaning संस्कृत सूक्तयः सूक्तियां हिंदी अर्थ के साथ

Popular Sanskrit Proverbs सूक्तयः (सूक्तियां)

1. Sanskrit Proverbs: सत्य वद धर्म चर

संस्कृत अर्थ– त्वं सर्वदा अपि सत्यवचनानि एव वद, सर्वदा एव धर्मानुसारम आचरण कुरु.

हिंदी अर्थ– तुम हमेशा सत्य वचन ही बोलो, हमेशा धर्म के अनुसार ही आचरण करों.


2. Sanskrit Proverbs: वद वाक्य शुभं सदा

संस्कृत अर्थ-त्वं सर्वदा एव शुभकर प्रीतिकरं कर्ण प्रियं च  वाक्यं वद

हिंदी अर्थ– तुम हमेशा ही शुभ, प्रिय एवं श्रेष्ठ वाक्य बोलो.


3. Sanskrit Proverbs: नहि सत्यात् परं धनं

संस्कृत अर्थ– सर्वश्रेष्ठ धनम सत्यम एव अस्ति, अस्मिन  संसारे सत्यात् श्रेष्ठं धनं  किमपि नास्ति

हिंदी अर्थ– सर्वप्रथम धन सत्य ही हैं. इस संसार में सत्य से श्रेष्ठ कुछ  भी नहीं हैं. अतः हमे हमेशा सत्य का ही पालन करना चाहिए.


4. Sanskrit Proverbs: हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः

संस्कृत अर्थ– यद्वचन हितकरम  अस्ति कर्णप्रियं चापि अस्ति. ताद्रश   वचनं एकत्र न मिलति. अर्थात यद्वचं हितकर भवति प्रायः तद्वचं मनः प्रियं न भवति. अतः हितकर वचनं सर्वदापि ग्राह्यम अस्ति. तत्र मनोहरस्य अपेक्षा  न करणीया.

हिंदी अर्थ– जो वचन हितकारी हैं और कानों को सुनने में प्रिय भी है. वैसा वचन अर्थात जिसमें दोनों ही गुण हो मिलना कठिन हैं. क्योंकि प्रायः जो वचन हितकारी होता हैं वह वचन मन को प्रिय लगने वाला नहीं होता हैं. तथा मन को प्रिय लगने वाला वचन ही हमेशा हितकारी नहीं होता हैं. इसलिए हितकारी वचन ही हमेशा ग्रहण करना चाहिए, मन को प्रिय लगे ऐसी अपेक्षा नहीं करनी चाहिए.


5. Sanskrit Proverbs: कीर्तिः यस्य सः जीवति

संस्कृत अर्थ– यः मनुष्यः उतमानि कार्याणि कृत्वा यशः अर्जितवान तस्य एव जीवनम् सार्थकम अस्ति. यस्य यशः नास्ति तथ्य जीवनम मृत्युसमः एव अस्ति. अतः सत्कार्यनी कुर्वन्तः वयं यशः अर्जेयम.

हिंदी अर्थ– जो मनुष्य श्रेष्ठ कार्यों को करके यश कमाता हैं उसी का जीवन सार्थक हैं. जिसका यश नहीं हैं, उसका जीवन मृत्यु के समान ही हैं. इसलिए हमें सत्कार्य करते हुए यश को ही अर्जित करना चाहिए.


6. Sanskrit Proverbs: सिंघाड़े शक्तिः कलौ युगे

संस्कृत अर्थ– इदं युगं कलियुगम अस्ति. अस्मिन कलियुगे सघटने एव शक्ति भवति. संघटिता जनाः सर्वे कार्य साधयन्ति, असंघटीता न. अतः वयं संघटिता: भवेम.

हिंदी अर्थ– यह युग कलियुग हैं. इस कलियुग में संगठन में ही शक्ति हैं. संगठित लोग सभी कार्य सिद्ध कर लेते हैं असंगठित नहीं. इसलिए हम सबको संगठित होना चाहिए.


7. Sanskrit Proverbs: संतोष परम् सुखम

संस्कृत भावार्थ– सर्वोत्तमं सुखं संतोष: एव अस्ति. एतत सुखं यस्य समीपे भवति स: सर्वदा सुखी भवति. अतः वयं संतुष्टा भवाम.

हिंदी भावार्थ– सबसे श्रेष्ठ सुख संतोष सुख ही हैं वह सुख जिसके पास होता हैं. वह हमेशा सुखी रहता हैं. असंतुष्ट व्यक्ति धन धान्य आदि से सम्पन्न होने पर भी दुखी रहता हैं. इसलिए हमारे पास जो कुछ भी हैं अथवा हमारे प्रयास करने से जो कुछ प्राप्त हुआ हैं. उसमें संतुष्ट रहना चाहिए.


8. Sanskrit Proverbs: शरीरमाध्यम खलु धर्मसाधनम्

संस्कृत भावार्थ– यदि वयं धर्मानुसरम आचरण कृत्वा पुण्यानि अर्ज्यितुम इच्छाम: तर्हि प्रथर्म शरीरस्य रक्षणं आवश्यकम. शरीरेण विना वयं धर्माचरणेन पुण्यार्जन कथं करिष्यामः

हिंदी भावार्थ– यदि हम धर्म के अनुसार आचरण करके पुण्य अर्जित करना चाहते हैं तो सबसे पहले हमे शरीर की रक्षा करनी चाहिए, क्योकि यदि हमारा शरीर स्वस्थ हैं तो हम सभी कार्य कर सकते हैं. शरीर के बिना हम धर्म का आचरण करके पुण्य अर्जित नहीं कर सकते हैं.


9. Sanskrit Proverbs: जलदुरूपयोग: महत्पापम

संस्कृत भावार्थ– जलस्य दुरुपयोगं कृत्वा तस्य नाशः जीवनस्य एव नाशः अस्ति, अतः एतत महदपापम एव अस्ति.

हिंदी भावार्थ– जल ही जीवन हैं जल का दुरूपयोग करके उसका नाश अर्थात जीवन का ही नाश करना हैं. इसलिए जल का दुरूपयोग करना महापाप ही हैं. हमें जल का संरक्षण करना चाहिए.


10. Sanskrit Proverbs: अमृतमेव गवां क्षीरम

संस्कृत भावार्थ– गवां दुग्धम अमृततुल्यं अस्ति, यतोहि अन्येषां प्राणिनां दुग्धस्य अपेक्षया बहुगुणयुक्तं स्वास्थ्यवर्धक च भवति.

हिंदी भावार्थ– गायों का दूध अमृत के समान हैं. क्योकि अन्य प्राणियों के दूध की अपेक्षा गाय का दूध बहुत से गुणों से युक्त और स्वास्थ्यवर्धक होता हैं.


11. Sanskrit Proverbs: उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्

संस्कृत भावार्थ– उदारचिंतनशीला: जना: समस्ता प्रथ्वी स्वकुटुम्ब समानाम एव चिन्तयतीती ते अन्येषु भेदं न गन्यान्ति

हिंदी भावार्थ– उदार चरित्र वाले लोग सम्पूर्ण पृथ्वी को अपने परिवार के समान मानते हैं. वे दूसरों में भेदभाव नहीं करते हैं. सभी को अपना मानकर सद्भावपूर्ण आचरण करते हैं.


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