राज्य प्रशासन क्या है विशेषताएं व प्रधान | State Administration System In India In Hindi

राज्य प्रशासन क्या है विशेषताएं व प्रधान | State Administration System In India In Hindi: भारत संघ के संविधान में अलग अलग प्रान्तों का प्रावधान हैं. राज्य प्रशासन क्या है तथा राज्य प्रशासन की विशेषताएं क्या है राज्य का वैधानिक प्रधान कौन होता हैं. राज्यों के संघ भारत में राज्य प्रशासन तथा राज्यपाल व मुख्यमंत्री की स्थिति क्या हैं. आज के इस लेख में हम स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन को विस्तार से जानेगे.

राज्य प्रशासन इन हिंदी क्या है

administrative structure of indian State Or Administrative divisions of India indian administrative system pdf: भारत एक प्रभुता सम्पन्न समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य है जो एकात्म सुविधाओं के साथ साथ सरंचना में संघीय हैं.

देश के संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति के परामर्श हेतु एक मंत्री परिषद होती हैं. जिसका प्रमुख देश का प्रधानमंत्री होता हैं. इसी प्रकार राज्यों में राज्यपाल के परामर्श हेतु एक मंत्रीपरिषद होती है जिसका प्रमुख राज्य का मुख्यमंत्री होता हैं. भारत में जिस संसदीय प्रणाली को केंद्र में अपनाया गया हैं.

उसी भांति राज्यों में भी संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया गया हैं. केंद्र के समान राज्य में भी इस तरह की व्यवस्था प्रचलित हैं. एक औपचारिक और दूसरी वास्तविक कार्यपालिका. जिस प्रकार केंद्र में वास्तविक कार्यपालिका प्रधानमंत्री होता है. राज्य में संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता हैं. जो केंद्र में राष्ट्रपति की भांति राज्य का नाममात्र का कार्यपालक होता हैं.

राज्यपाल के नाम पर ही शासन का सम्पूर्ण कार्य संचालित किया जाता हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 के अंतर्गत राज्यपाल के पद का हवाला दिया गया हैं. अनुच्छेद 154 में वर्णित है कि राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होगी. अनुच्छेद 155 के अंतर्गत भारत का राष्ट्रपति राज्य के राज्यपाल को नियुक्त करता हैं.

राज्य प्रशासन इन हिंदी State Administration In Hindi

राज्यपाल विधानसभा में बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त करता हैं. केंद्र की भांति राज्यपाल के प्रशासनिक ढाँचे को विभागों में विभाजित किया गया हैं. एक सरकारी विभाग अपनी प्रशासनिक सरंचना का सबसे बड़ा उपसंभाग होता हैं. विभाग का प्रमुख राजनीति प्रमुख होता हैं. तथा उसको परामर्श और तकनीकी सलाह के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया गया हैं. वह नीतियों के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होता हैं.

भारत के संविधान में संघ राज्य शब्द का प्रयोग न करके राज्यों का संघ शब्द का प्रयोग इस बात की ओर इंगित करता हैं. कि भारत में राज्य प्रशासन, स्वायत्ता के बावजूद राष्ट्रीय धारा के विपरीत नहीं जा सकता.

राज्य प्रशासन को विभिन्न जिलों में विभाजित किया गया हैं. जिला प्रशासन का प्रमुख दायित्व कानून व्यवस्था को बनाए रखना राजस्व एकत्र करना व विकास कार्यों को क्रियान्वित करना होता हैं. व्यवहार में सम्पूर्ण जन कल्याणकारी नीतियों के निष्पादन का उत्तरदायित्व जिलाध्यक्ष का ही हैं. भारत में लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करने का भार जिलाध्यक्ष के कंधों पर हैं.

73 वें व 74 वें सांविधानिक संशोधन के प्रावधानों से जिला प्रशासन और अधिक महत्वपूर्ण हो गया हैं. जिलाध्यक्ष अब भारत के लोक विकेंद्रीकृत सरंचना का मुख्य अभिकर्ता व समन्वयकर्ता हैं. स्थानीय स्वशासन व जिला प्रशासन के बीच की कड़ी जिलाध्यक्ष को ही कहा जाता हैं.

राज्य प्रशासन की विशेषताएं (Characteristics of the State Administration)

  1. राज्य प्रशासन का स्वतंत्र अस्तित्व
  2. पृथक् संविधान का अभाव
  3. आपातकाल में केंद्र प्रशासन के अधीन
  4. केंद्र पर निर्भर
  5. राज्य प्रशासन विकास प्रशासन का द्योतक
  6. जन सहभागिता पर आधारित
  7. सचिवालय राज्य प्रशासन की धुरी
  8. प्रमुख प्रशासको का अखिल भारतीय सेवाओं से चयनित होकर आना
  9. राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति का प्रतिनिधि
  10. स्थानीय प्रशासन राज्य प्रशासन के अधीन

राज्य का वैधानिक प्रधान (Constitutional Head Of State)

राज्यपाल हमारे संविधान में केंद्र के समान राज्यों में भी संसदीय शासन प्रणाली अपनाने के फलस्वरूप राज्य का वैधानिक प्रधान राज्यपाल को बनाया गया हैं. राज्यपाल नाममात्र की शक्तियों का प्रयोग करता हैं. जबकि वास्तविक शक्तियों का प्रयोग मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल करता हैं.

यह भी पढ़े-

राज्य प्रशासन क्या है में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे. What is the state administration की यह पोस्ट आपकों कैसी लगी हमें कमेंट कर जरुर बताएं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *