Subhash Chandra Bose Story In Hindi | नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन की कहानी

Subhash Chandra Bose Story In Hindi | नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन की कहानीSubhash Chandra Bose Story In Hindi | नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन की कहानी

Netaji Subhash Chandra Bose In Hindi: एक बार सुभाष और उनके मित्र इस बात पर चर्चा कर रहे थें कि आखिर सफलता प्राप्त करने के लिए किन बातों पर ध्यान दिया जाए ? ऐसी कोनसी महत्वपूर्ण बाते है जिनके माध्यम से हम अपने देश को आजाद करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं.

एक मित्र बोला- देश के लिए अच्छी योजनाएं हमारे दिमाग में आए, इसकें लिए हमें महान लेखकों की पुस्तकों को पढ़ना चाहिए. दूसरा मित्र बोला- हमें आध्यात्म एवं योग पर बल देना चाहिए.

योग और आध्यात्म से व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से बलशाली बन सकता हैं. सभी ने हाँ में हाँ मिलाई, सुभाष सभी मित्रों की बात ध्यान से सुन रहे थे.

तीसरा मित्र बोला- सुभाष बाबू तुम हम सब में प्रतिभाशाली हो और आज चुपचाप बैठे हो. देखों, सभी अपने सुंदर विचार एक दुसरे को बता रहे हैं. आख़िर तुम भी अपनी राय दो न कि कैसे हम देश की आजादी के लिए योगदान दे ?

सुभाष बोले- तुम सब अपने अपने विचार एक दुसरे को बता रहे थे तो गंभीरता से मैं तुम्हारी बातों को ही सुन रहा था. अब तुम मुझे ईमानदारी से बताओं कि तुममें से कितने लोग आज से योग व आध्यात्म पर ध्यान देगे? यह सुनकर सभी चुप हो गये. उनकों देखकर सुभाष बोले ”और कितने लोग ऐसे है, जो आज से ही प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकों को पढ़ना शुरू करेंगे?

अब तो सबकी बोलती बंद हो गई. सुभाष बोले, मै यह सब इसलिए नही कह रहा हु कि तुम्हे लगे कि मैं सही और तुम गलत हो, बल्कि मैं यह सब इसलिए कह रहा हूँ क्योकि हमें देश की स्वतंत्रता के लिए केवल विचार भर नही करना हैं, बल्कि कार्य भी करना हैं.

इसके लिए बड़े बड़े विचारकों, आध्यात्मिक ग्रंथों या लेखकों को पढ़ने की आवश्यकता नही है, वरन अपने जीवन की छोटी छोटी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता हैं. अक्सर हम छोटी छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं. हम उन्हें महत्वहीन या मामूली समझते हैं.

किन्तु कई बार छोटी छोटी बातें बड़े आविष्कारों, कार्यों व कामयाबी का ऐसा नया इतिहास रचती है, जिनकी हम कल्पना भी नही कर सकते हैं. परमाणु अत्यंत छोटा होता है, लेकिन जब यही परमाणु बम बन जाता है तो पूरी स्रष्टि को नष्ट करने की ताकत रखता हैं. उसी तरह नन्ही चींटी का अस्तित्व नजर नही आता हैं, लेकिन ये चींटी विशालकाय हाथी की मौत का कारण बन जाती हैं.

अनेक आविष्कार भी छोटी छोटी बातो पर ध्यान देकर ही निकले हैं. सुभाष की छोटी छोटी बातों के गुण सुनकर तो सभी मित्र आवाक् रह गये. वे एक साथ बोले ”सुभाष, तभी तो तुम हमारे नेता हो और सर्वाधिक प्रतिभाशाली हो. हम जहाँ तक सोच भी नही पाते है वहां तक तुम कार्य कर आते हो.

इस पर सुभाष बोले- इसका अर्थ यह बिलकुल नही हैं कि तुम पुस्तकों योग और आध्यात्म का महत्व ही छोड़ दो. यदि हम यह भी कर पाते है , तो बहुत अच्छी बात है किन्तु इनके साथ साथ हमें जीवन की छोटी छोटी बातों पर ध्यान केन्द्रित कर आगे बढ़ना हैं. सभी मित्र बोले हाँ सुभाष, हम आज से ही यह कोशिश करेगे कि छोटी छोटी बातों का महत्व समझे.

आशा करता हूँ मित्रों आपकों यह सुभाष चंद्र बोस स्टोरी इन हिंदी (Subhash Chandra Bose Story In Hindi) पसंद आई होगी, नेताजी की जीवनी उनकी कहानी विचार के अन्य लेख निचे दिए गये है. उन्हें भी जरुर पढ़े.

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