Success Story In Hindi | सबसे अमीर सेल्फमेड महिला जो कनफे की कहानी

Zhou Qunfe Success Story In Hindi 47 वर्षीय जो कनफे का जन्म वर्ष 1970 में हुआ था. जो आज के समय में दुनिया की सबसे अमीर सेल्फमेड औरत हैं. जो कनफे की सक्सेज कहानी बेहद प्रेरणादायक हैं. आज से 30-40 वर्ष पूर्व तक स्कूली शिक्षा भी पूरी न कर पाने वाली महिला और दुनिया की सबसे ताकतवर लेडी हैं. जो कनफे की कहानी में रहस्य, अचरज तो हैं ही मगर एक पहेली की तरह भी लगती हैं. अमेरिका की फोबर्स मैगजीन के मुताबिक जो कनफे की नेट वर्थ तक़रीबन 9 बिलियन डॉलर से अधिक हैं.

जो कनफे की कहानी (Success Story In Hindi)

स्मार्टफ़ोन,चश्मे इत्यादि उपकरणों में काम आने वाले लेंस तकनीक की खोजकर्ता जो कनफे की कम्पनी वर्तमान में चर्चित IPHONE के स्क्रीन और लैंस भी बनाती हैं. एक समय इनकी जिन्दगी में ऐसा भी था, जब जो कनफे को रोजी रोटी के लिए कारखाने में काम करना पड़ता था. मगर वर्ष 2015 में कम्पनी की शुरुआत के साथ ही यह अरबपति महिलाओं की सूची में शुमार हो गईं.

आज के समय में जो कनफे की कुल सम्पति में 30 से अधिक बड़े उद्योगिक कारखाने और इनमे तक़रीबन 1 लाख लोग काम करते हैं.

शिक्षा

जो कनफे का जन्म बेहद गरीब परिवार में हुआ था. परिवार में कोई आय का साधन न होने के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा. घर की आर्थिक स्थति कमजोर होने के कारण जो कनफे को मात्र 16 वर्ष की आयु में ही स्कुल की पढ़ाई छोड़कर आय अर्जन के लिए एक कारखाने में काम करना पड़ा.

जब होने काम करने की शुरुआत की तो वह फैक्ट्री कांच के लैंस बनाने की थी. दिन भर फैक्ट्री में काम करने के बाद जो विद्यालय की सायकालीन कक्षाओं में एकाउंटिंग और फायर सेफ्टी के विषयों का अध्ययन किया करती थी.

कम्पनी की शुरुआत

निम्न वर्गीय परिवार से होने के कारण जो कनफे भले ही विद्यालयी शिक्षा प्राप्त न कर सकी. मगर उनमे पढ़ने की भुख अभी भी जीवित थी. जो की सोच और नजरिया हमेशा दुसरे लोगों से भिन्न हुआ करता था. जब बचपन में उनके साथ शहरी सम्पन्न परिवारों के बच्चे पढ़ा करते थे. तो वह स्वय: के किस्मत को बुरा समझने की बजाय जो कनफे अपनी मेहनत और लग्न के दम पर अपने भविष्य को बदलने का सपना देखा करती थी.

जब जो मात्र 22 वर्ष की थी, तो उन्होंने अपनी मजदूरी से मिले पैसो से स्वय की एक कम्पनी खड़ी की. वह जिस कार्य को पिछले 6 सालो से करती आ रही थी. उसी में जो ने घड़ियों के काच और लेंस बनाने की कम्पनी की शुरुआत की.

कामयाबी

अपनी पहली कम्पनी खोलने के ठीक 10 साल बाद 2003 में जो कनफे को मोटारोला मोबाइल कम्पनी से बिना स्क्रेच के ग्लास लेंस बनाने का आर्डर मिला. इस बड़े प्रोजेक्ट में सफलता के बाद जो को वर्ष 2007 में IPHONE के पहले संस्करण के लिए इसी प्रकार के ग्लास लेंस बनाने का आर्डर मिला.

जिन्दगी भर कुछ न कुछ नया सीखते रहने वाली जो की कम्पनी कुछ ही प्रोजेक्ट में काम करने के साथ ही एक बेहतरीन ग्लास लेंस निर्माता कंपनीज में शुमार हो गईं.

सीख

चीनी महिला उद्योगपति जो कनफे कहानी प्रत्येक युवा कारोबारी के लिए मन में दृढ़ सकल्प के साथ आगे बढ़ने की सीख देती है. जैसा जो के जीवन में था. उनके मन में और पास था तो बस एक सपना. भाइयों और अपनी बचत की कमाई से कारोबार की शुरुआत करने वाली जो कनफे आज कामयाबी के शिखर पर हैं. अपनी लग्न मेहनत और विशवास के दम पर ही इन्होने सब कुछ हासिल किया था.

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