Swachata Abhiyan In Hindi Essay | स्वच्छता अभियान हिंदी निबंध

Swachata Abhiyan In Hindi Essay: समस्त भारत में 2 अक्टूबर 2014 से चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान, क्लीन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान देश का सामाजिक आंदोलन हैं, जो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा बापू की 145 वीं जयंती पर आरम्भ किया गया था, वर्ष 2019 को 2 अक्टूबर के दिन गांधीजी की 150 वीं जयंती पर स्वच्छ भारत के रूप में उन्हें श्रद्धांजलि देने का संकल्प किया गया हैं. स्वच्छता अभियान विश्व का सबसे अधिक जन भागीदारी वाला आंदोलन बन चूका हैं, जिसमें बड़े से बड़े व्यक्ति से निम्न वर्ग का व्यक्ति भी जुड़ पाया हैं. स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए इसी तरह सभी देशवासियों के प्रत्यक्ष सहयोग एवं समर्थन का महत्वपूर्ण योगदान हैं. essay on swachata in hindi–  स्वच्छता अभियान पर निबंध में हम स्टूडेंट्स के लिए छोटा बड़ा निबंध एस्से स्पीच यहाँ लेकर आये हैं.

Swachata Abhiyan In Hindi Essay For StudentsSwachata Abhiyan In Hindi Essay | स्वच्छता अभियान हिंदी निबंध

essays on Swachh Bharat Abhiyan in easy Hindi language Swachh Bharat Abhiyan in Hindi. Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi: स्वच्छता आज भारत का अहम तत्कालिक मुद्दा हैं. बच्चों को हिंदी में स्वच्छता अभियान पर छोटा बड़ा निबंध एस्से लिखने को कहा जाता हैं. यहाँ आज हम आपके लिए स्वच्छता एस्से कक्षा 1,2, 3,4,5,6,7,8,10 के स्टूडेंट्स के लिए 10 लाइन, 100,200,250,300,400,500 और 1000 शब्दों में स्वच्छ भारत अभियान का निबंध यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं.

Swachata Abhiyan In Hindi Essay In 100 Words

स्वच्छ भारत अभियान माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाया गया भारत सरकार का एक सफाई अभियान हैं. यह एक महत्वपूर्ण विषय हैं और बच्चों और छात्रों को इसकी जानकारी होना अति आवश्यक हैं. यह एक जनरल नॉलेज के विषय की तरह अब आवश्यक बन चूका हैं. क्लीन इंडिया मिशन पर स्टूडेंट्स को शोर्ट & बड़ा निबंध लिखने को कहा जाता हैं.

स्वच्छता अभियान राजनीति से मुक्त अभियान हैं. और जो देशभक्ति से प्रेरित हैं. प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य हैं कि भारत को स्वच्छ देश बनाने के लिए मोदीजी के इस अभियान में अपनी भूमिका अदा करे. राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने अपने समय में नारों द्वारा लोगों को स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया था. मगर लोगों की कम रूचि के चलते वे अपने लक्ष्य में कामयाब नही हो पाए थे. मगर वर्तमान समय में शिक्षक छात्र तथा आम आदमी हर्ष एवं उल्लास के साथ इस अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. भारत में गंदगी बहुत अफ्हिक हैं. ये यहाँ के लोगों की मानसिकता बनी हुई हैं, कि अकेले व्यक्ति के करने से क्या होगा. भारत में खुले में शौच, गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों का प्रबंध ना होना तथा सफाई के लीये कड़े कानूनों का प्रावधान न होने की वजह से भारत में स्वच्छता अभियान की आवश्यकता हैं.

Swachata Abhiyan In Hindi Essay In 250 Words

प्रस्तावना- मन में जो स्थान पवित्रता का हैं, तन में वही स्वच्छता का हैं. मन आंतरिक मनोभावों और विचारों का तथा बाह्य सांसारिक वातावरण का सूचक हैं. जीवन में हम अनेक वस्तुओं का प्रयोग करते हैं. उनका अपशिष्ट हमारे आस-पास को अस्वच्छ बनाता हैं. इस अस्वच्छता को दूर करने के लिए हमें व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास करने होते हैं.
भारत में स्वच्छता– अस्वच्छता भारत की एक विकट समस्या हैं हमारी संस्कृति मन की पवित्रता पर जितना जोर दिया गया हैं. हमारी संस्कृति में मन की पवित्रता पर जितना जोर दिया गया हैं. जितना जोर बाह्य परिवेश की स्वच्छता पर नही रहा हैं. परिणामस्वरूप भारतीय लोग अस्वच्छता से इतने चिंतित दिखाई नही देते हैं. अस्वच्छता ग्रामीण तथा शहरी दोनों ही स्थानों पर दिखाई देती हैं.

अस्वच्छ गाँव और शहर– गाँव अस्वच्छ हैं जहाँ पक्की गलियों, नालियों के अभाव में ही कूड़े के निस्तारण के प्रबंध की समस्या हैं. गाँवों में इस अस्वच्छता के दुष्प्रभाव से कुछ मुक्ति इस कारण मिल जाती हैं कि वहां प्रकृति स्वयं स्वच्छकरण का कर्तव्य निभाती हैं. नगरों में ज्यादा आबादी होने से हर दिन भारी मात्रा में कूड़ा निकलता हैं.

गली मुहल्लों से लेकर सडकों तक झाड पौछ करना और कचरा उठाना, उसको ड्लाबघर तक पहुचाना, उसके निष्पादन की व्यवस्था करना, गंदे पानी को नालियों नालों से होकर जाने और उनकों स्वच्छ बनाकर सिंचाई के काम लाने की व्यवस्था करना आदि कारू नगरपालिका आदि सार्वजनिक संस्थाएं करती हैं.

Swachata Abhiyan In Hindi Essay In 250 Words

गांवों में शौचालय की घरों में व्यवस्था नही होने से परेशानी तो होती ही हैं. किन्तु खुले में शौच जाने से होने वाली अस्वच्छता उतनी भयावह नही होती हैं. जितनी शहरों में होती हैं. शहरों में जिन घरों में शौचालयों की व्यवस्था नही हैं. वहां के निवासियों को सड़कों, रेलवे लाइनों तथा खाली पड़े मैदानों, नाले नालियों के किनारे शौच करते देखा जा सकता हैं. धन के अभाव में सभी के लिए सीवर की व्यवस्था करना संभव नही हो पा रहा हैं.

अस्वच्छता और अस्वास्थ्य– अस्वस्थता का अस्वास्थ्य से गहरा रिश्ता हैं. स्वच्छता की कमी से लोगों में तरह तरह के रोग होने लगते हैं. संसार के अनेक देशों में शिशु और मातृ मृत्यु दर बहुत ज्यादा हैं. भारत भी उनमे से एक हैं. इसको घटाने के प्रयास हो रहे हैं. नई दिल्ली में इस विषय पर वैश्विक सम्मेलन हुआ था, भारत में 1990 में पांच साल से कम आयु के एक हजार में से 126 शिशुओं की मृत्यु हो जाती हैं. वर्ष 2013 में भारत की इस संख्या को घटाकर 49 तक लाने में सफलता मिली हैं.

इस बिच शिशु मृत्यु दर सालाना 6.6 प्रतिशत घटी हैं. प्रसव के समय मरने वाली महिलाओं की संख्या जो 1990 में 560 प्रति हजार थी वह अब घटकर 67 रह गई हैं. अभी भी भारत में अस्वच्छता से होने वाले अनेक रोगों को रोकना अब भी एक बड़ी समस्या हैं.

स्वच्छता अभियान निबंध– भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वच्छता अभियान चलाकर देश के नागरिकों को इससे जुड़ने का आव्हान किया हैं. स्वच्छता की जिम्मेदारी सरकारी संस्थाओं की ही नही, प्रत्येक नागरिक की भी हैं. हमारे आस-पास जो गंदगी फैली दिखाई देती हैं इसका कारण हमारी आदते भी हैं. हम चाहे जहाँ कूड़ा फैकते हैं. और गंदगी फैलाते हैं.

खाते खाते केलों के छिलके सडकों को फेकना हमारी आदत हैं. मैंने एक विदेशी को देखा जो केले खाते हुए पैदल चल रहा था. और छिलके अपने कंधे पर लटके थैले में डाल रहा था. अपने आस-पास की सफाई करना अन्य देशों में बुरा नही माना जाता हैं. महात्मा गांधी अपने आश्रम में शौचालय को भी साफ़ करना बुरा नही मानते थे. महान कहानीकार मुंशी प्रेमचन्द सवेरे घर की झाड़ू स्वयं लगाते थे.

भारत में चलने वाले स्वच्छता अभियान का लक्ष्य लोगों में यही भावना पैदा करना हैं. कि वे अपने घरों और आस-पास की सफाई करने की आदत डाले, ऐसा करने से हम अपने तथा अपने बच्चों के स्वास्थ्य के हित में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगे.

उपसंहार- उत्तम स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता आवश्यक हैं. अपने स्कूल, घर, दफ्तर, कारखाने आदि को स्वयं साफ करने का आदत हमें स्वच्छता के विषय में आत्म निर्भर बनाएगी. इससे हमारे परिवेश में जो परिवर्तन होगा. हमारे स्वास्थ्य के लिए हितकारी होगा. यदपि कठोर दंड व्यवस्था द्वारा भी अस्वच्छता को रोका जा सकता हैं किन्तु स्वच्छता की आदत बनाना एक उत्तम उपाय हैं.

Swachata Abhiyan In Hindi Essay In 250 Words

स्वच्छ भारत मेरे सपनों का भारत

भारत के महान व्यक्ति महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता स्वतंत्रता की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं. गरीबी, शिक्षा की कमी, स्वच्छता की कमी और अन्य सामाजिक मुद्दों के कारण भारत अभी भी विकासशील देश हैं. हमे समाज से सभी बुरी बातों को खत्म करने की आवश्यकता हैं, जिससे हमारे देश के विकास में रुकावट न हो.

और मुझे लगता हैं कि स्वच्छता अभियान समाज को सामाजिक मुद्दों को दूर करने के साथ साथ अपने नागरिकों के व्यक्तित्व विकास व देश के विकास को बढ़ावा देने की सर्वोत्तम शुरुआत हैं. केवल स्वच्छता अभियान की सफलता से भारत में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता हैं. यह आंतरिक और बाहरी विकास से सम्बन्धित हैं. जो हमें स्वच्छ खुश और स्वस्थ नागरिकों द्वारा स्वस्थ व विकसित राष्ट्र का जन्म होता हैं. स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में महात्मा गाँधी की 145 वीं जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर शुरू किया था.

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीय ग्रामीण लोगों की कमजोरी के बारे में महात्मा गांधी अच्छी तरह जानते थे, उन्होंने इस देश को एक स्वच्छ देश बनाने का सपना देखा था.

उम्मीद करता हूँ दोस्तों Swachata Abhiyan In Hindi Essay का यह लेख आपकों कैसा लगा, कमेंट कर जरुर बताये. यदि आपकों स्वच्छता अभियान पर निबंध पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

 

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